बिहार : डीएम की अध्यक्षता में बिहार शरीफ अनुमंडल की समन्वय बैठक - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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बुधवार, 2 फ़रवरी 2022

बिहार : डीएम की अध्यक्षता में बिहार शरीफ अनुमंडल की समन्वय बैठक

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नालंदा,2 फरवरी। मंगलवार की देर शाम हरदेव भवन सभागार में जिलाधिकारी श्री शशांक शुभंकर ने बिहार शरीफ अनुमंडल की समन्वय एवं समीक्षात्मक बैठक की। सभी राजस्व कर्मचारियों के लिए निर्धारित रोस्टर के अनुरूप निर्धारित दिवस को निर्धारित कार्य स्थल पर अनिवार्य रूप से उपस्थिति सुनिश्चित कराने का निर्देश सभी अंचल अधिकारियों को दिया गया। जिला स्तर के सभी पदाधिकारी अपने क्षेत्र भ्रमण के क्रम में इसकी जांच अवश्य रूप से करेंगे। भू-लगान की वसूली में तेजी लाने का निर्देश दिया गया। खतियान में त्रुटि निवारण के लिए परिमार्जन पोर्टल के माध्यम से प्राप्त ऑनलाइन आवेदनों का निर्धारित समय सीमा के अंदर निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। अस्वीकृत किए गए आवेदनों में दर्ज अस्वीकृति के कारणों की रैंडम जांच भूमि सुधार उप समाहर्ता सुनिश्चित करेंगे। दाखिल खारिज एवं एलपीसी के लंबित आवेदनों का निष्पादन निर्धारित समय सीमा के अंदर सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। अभियान बसेरा के तहत सभी लंबित मामलों में वास भूमि उपलब्ध कराने का निदेश दिया गया। भूमि क्रय योजना के तहत  लाभुकों को चिन्हित कर सूची 10 दिनों के अंदर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। भूमि विवाद निराकरण को लेकर प्रत्येक शनिवार को थाना स्तर पर विशेष शिविर/ बैठक का आयोजन किया जा रहा है।सभी थाना स्तर पर भूमि विवाद से संबंधित विधि व्यवस्था के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण मामले को पंजी में सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया गया। ऐसे मामलों के निराकरण के लिए प्राथमिकता से कार्रवाई करने को कहा गया। आरटीपीएस में विभिन्न सेवाओं के लिए प्राप्त आवेदनों का निर्धारित समय सीमा के अंतर्गत निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। विभिन्न सेवाओं से संबंधित आवेदन प्रपत्र दीवार लेखन के माध्यम से आरटीपीएस काउंटर के पास प्रदर्शित कराने का निर्देश जिलाधिकारी द्वारा पूर्व में दिया गया है। इसका अनुपालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया। निर्धारित प्रपत्र में प्रदर्शित आवेदन को कोई भी आवेदक सादा कागज पर लिखकर आवेदन कर सकता है। सभी जिला स्तरीय पदाधिकारियों को क्षेत्र भ्रमण के क्रम में आरटीपीएस काउंटर का अनिवार्य रूप से निरीक्षण करने को कहा गया।  बताया गया कि मुख्यमंत्री कन्या कन्या उत्थान योजना एवं जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए आवेदन भी आरटीपीएस काउंटर के माध्यम से किया जा सकता है। वंचित समूह के लोगों के लिए विभिन्न टोलों में सामुदायिक स्वच्छता परिसर का निर्माण किया जा रहा है। वर्तमान में 35 योजनाएं लंबित है, जिनमें से 21 उपयुक्त जमीन उपलब्ध नहीं होने के कारण लंबित है। जिलाधिकारी ने सभी अंचल अधिकारियों को भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत आवास निर्माण पूर्ण नहीं करने वाले लाभुकों के विरुद्ध नीलाम पत्र वाद की कार्रवाई के तहत नोटिस निर्गत करने का निर्देश दिया गया। मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना (क्लस्टर) के तहत रहुई प्रखंड में 32 लाभुकों के लिए क्लस्टर आवास का निर्माण किया जा रहा है। इस क्लस्टर आवास की योजना में नल का जल तथा पक्की गली नाली योजना का लाभ सुनिश्चित कराने को कहा गया। मनरेगा के माध्यम से लाभुकों को डेयरी, बकरी पालन, मुर्गी पालन आदि  के लिए उपयुक्त शेड निर्माण की योजना से आच्छादित करने को कहा गया। सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की समीक्षा के क्रम में कबीर अंत्येष्टि अनुदान योजना के तहत लाभुकों की ऑनलाइन एंट्री समय से सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया ताकि इसी योजना के तहत रिवाल्विंग फंड निरंतर उपलब्ध रहे। राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना का लाभ शत-प्रतिशत पात्र परिवारों को देने का निर्देश दिया गया। सामाजिक सुरक्षा से संबंधित सभी योजनाओं का प्रचार प्रसार जन प्रतिनिधियों के माध्यम से भी कराने का निर्देश दिया गया ताकि अधिक से अधिक पात्र लोगों को योजना का लाभ मिल सके। सामाजिक सुरक्षा के विभिन्न पेंशन योजना के लाभुकों का जीवन प्रमाणीकरण का कार्य कराया जा रहा है। अब तक लगभग 75 प्रतिशत लाभुकों का जीवन प्रमाणीकरण हो चुका है। प्रमाणीकरण के लिए 28 फरवरी अंतिम तिथि है। इस तिथि तक जीवन प्रमाणीकरण नहीं कराने वाले लाभुकों का पेंशन भुगतान स्वतः अवरुद्ध हो जाएगा। अभी तक जीवन प्रमाणीकरण नहीं कराने वाले लाभुकों की सूची सभी प्रखंड कार्यालयों एवं पंचायत सरकार भवनों में प्रदर्शित करने का निर्देश दिया गया। मद्य निषेध की समीक्षा के क्रम में अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को थानावार अलग-अलग समीक्षा करने का निर्देश दिया गया। जिन क्षेत्रों में शराब के निर्माण एवं व्यापार के मामले लगातार पाए जा रहे हैं, वहां निरंतर सघन छापामारी अभियान चलाने का निर्देश दिया गया। ऐसे क्षेत्रों से अगर चौकीदार द्वारा शराब के अवैध कारोबार के बारे में सूचना नहीं दी जा रही हो तो संबंधित चौकीदार से स्पष्टीकरण पूछते हुए कार्रवाई की जाए। मद्य निषेध अधिनियम के तहत जप्त किए गए वाहन तथा सील किए गए भूखंड/ परिसर को राज्यसात करने के लिए निरंतर एवं त्वरित प्रस्ताव देने को कहा गया। शराब के कारोबार में संलग्न असामाजिक तत्त्वों के विरुद्ध दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 107 के तहत निरोधात्मक कार्रवाई के लिए विभिन्न थाना स्तर से 506 प्रस्ताव दिया गया है। इन सभी असामाजिक तत्त्वों के विरुद्ध निरोधात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश  अनुमंडल पदाधिकारी को दिया गया। इसी तरह शराब के अवैध कारोबार में निरंतर संलिप्त पाए जाने वाले असामाजिक तत्वों के विरुद्ध सीसीए के तहत कार्रवाई हेतु 11 प्रस्ताव भेजे गए हैं। इसकी सुनवाई निर्धारित प्रक्रिया के तहत सुनिश्चित करते हुए कार्रवाई की जाएगी। अन्य  ऐसे लोगों के विरुद्ध भी सीसीए के तहत कार्रवाई के लिए अधिक से अधिक प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया गया।  बैठक में उप विकास आयुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी बिहार शरीफ, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बिहार शरीफ, निदेशक डीआरडीए, विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी, बिहार शरीफ अनुमंडल के सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी अंचलाधिकारी आदि उपस्थित थे ।

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