अहिंसा यात्रा का समापन समारोह 27 मार्च को - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा I ह्रदय राखि कौसलपुर राजा II, हरिजन जानि प्रीति अति गाढ़ी। सजल नयन पुलकावलि बाढ़ी॥, मंगल भवन अमंगल हारी I द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी II, हरि अनंत हरि कथा अनंता I कहहि सुनहि बहुबिधि सब संता II, दीन दयाल बिरिदु संभारी । हरहु नाथ मम संकट भारी।I, माता पिता की सेवा करें....बुजुर्गों का ख्याल रखें...अपनी प्रतिभा और आचरण से देश का नाम रौशन करें...

शुक्रवार, 25 मार्च 2022

अहिंसा यात्रा का समापन समारोह 27 मार्च को

ahimsa-yatra-till-27-march
नई दिल्ली- 26 मार्च, राष्ट्रसंत आचार्य श्री महाश्रमण के नेतृत्व में गत आठ वर्षों से चल रही अहिंसा यात्रा का समापन समारोह दिल्ली में 27 मार्च 2022 तालकटोरा स्टेडियम में होने जा रहा है, जिसमें अनेक संत, केन्द्रीय मंत्री, सांसद, साहित्यकार, पत्रकार, समाजसेवी एवं अहिंसाकर्मी भाग लेंगे। इस ऐतिहासिक, अविस्मरणीय एवं विलक्षण यात्रा का शुभारंभ दिनांक 9 मार्च 2014 को राजधानी दिल्ली के लाल किला प्राचीर से हुआ था। अहिंसा यात्रा समारोह समिति के मीडिया प्रभारी श्री सम्पत नाहटा ने जानकारी देते हुए बताया कि आचार्य श्री महाश्रमण विगत आठ वर्षों में उन्नीस राज्यों एवं भारत सहित तीन पड़ोसी देशों की करीब सत्तर हजार किलोमीटर की पदयात्रा करते हुए अहिंसा और शांति का पैगाम फैलाया। करीब एक करोड़ लोगों को नशामुक्ति का संकल्प दिलाया। नेपाल में भूकम्प, कोरोना की विषम परिस्थितियों में इस यात्रा का नक्सलवादी एवं माओवादी क्षेत्रों में पहुंचना आचार्य महाश्रमण के दृढ़ संकल्प, मजबूत मनोबल एवं आत्मबल का परिचायक है। अवगत हो कि आचार्य महाश्रमण का देश के सुदूर क्षेत्रों-नेपाल एवं भूटान जैसे पडौसी राष्ट्रों सहित आसाम, बंगाल, बिहार, मध्यप्रदेश, उड़ीसा, कर्नाटक, तमिलनाडू, महाराष्ट्र, राजस्थान, छत्तीसगढ़ आदि में अहिंसा यात्रा करना और उसमें अहिंसा पर विशेष जोर दिया जाना अहिंसा की स्थापना के लिये सार्थक सिद्ध हुआ है। क्योंकि आज देश एवं दुनिया हिंसा एवं युद्ध के महाप्रलय से भयभीत और आतंकित है। जातीय उन्माद, सांप्रदायिक विद्वेष और जीवन की प्राथमिक आवश्यकताओं का अभाव- ऐसे कारण हैं जो हिंसा को बढ़ावा दे रहे हैं और इन्हीं कारणों को नियंत्रित करने के लिए आचार्य महाश्रमण अहिंसा यात्रा के विशिष्ट अभियान के माध्यम से प्रयत्नशील बने थे। श्री नाहटा ने जानकारी देते हुए बताया कि समापन समारोह में जिन-जिन देशों एवं प्रांतों से अहिंसा यात्रा गुजरी, वहां के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में भाग लेंगे। आचार्य श्री महाश्रमण इस समारोह के लिये ही राजस्थान से पदयात्रा करते हुए दिल्ली पधारें हैं। समारोह के बाद वे पुनः पदयात्रा करते हुए राजस्थान जायेंगे।

कोई टिप्पणी नहीं: