बिहार : मृतक की पत्नी को 20 लाख मुआवजा और सरकारी नौकरी दो - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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गुरुवार, 3 मार्च 2022

बिहार : मृतक की पत्नी को 20 लाख मुआवजा और सरकारी नौकरी दो

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पटना. समस्तीपुर में घटित माॅब लिंचिंग मामले में आज भाकपा-माले के विधायक दल के नेता महबूब आलम व पोलित ब्यूरो के सदस्य धीरेन्द्र झा के नेतृत्व में एक जांच टीम मुसरीघरारी पहुंची और मृतक के परिजन से मुलाकात की. टीम रुपौली बुर्ज गांव के ग्रामीणों से मिली, फिर पूरी टीम ने कल्याणपुर प्रखंड के बासुदेवपुर गांव के चौर और मुर्गा फार्म का दौरा किया, जहां खलील को बंधक बनाकर रखा गया था और जलाकर मारा गया था. टीम में जिला सचिव उमेश कुमार, सुरेंद्र प्रसाद सिंह, बन्दना सिंह, दिनेश महतो, अमित कुमार, रामकुमार, आसिफ होदा, सुखलाल यादव, चांद, एजाज आदि थे. माले नेताओं ने कहा कि जो रिपोर्ट सामने आई है, वह बेहद चिंताजनक है. यह समस्तीपुर के इलाके में सांप्रदायिक-उन्मादी संगठनों की संगठित कार्रवाइयों का नतीजा है और इसके जरिए वे पूरे इलाके में मुस्लिम समुदाय के भीतर आतंक पैदा करना चाहते हैं.  भाजपा-आरएसएस के संरक्षण में समस्तीपुर नफरत और साम्प्रदायिकता की राजनीति का अड्डा बनाया जा रहा है. भाकपा माले इसके खिलाफ चौतरफा प्रतिरोध विकसित करेगी. 32 साल के खलील की मॉब लिंचिंग नीतीश सरकार पर बड़ा सवाल खड़ा करता है. छोटे - छोटे 3बच्चे हैं. इसलिए, मृतक की पत्नी को तत्काल नौकरी और परिवार को 20 लाख मुआवजा की गारंटी होनी चाहिए और पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच व स्पीडी ट्रायल हो. माले नेताओं ने कहा कि खलील रिजवी को आरएसएस व अन्य उन्मादी संगठनों से जुड़े अपराधी गिरोह ने 16 फरवरी को अपहरण करके बासुदेवपुर के गंडक नदी के चौर के बगीचा में घण्टों बंधक बनाकर रखा, वीडियो बनाया और फिर जलाकर मार दिया. लाश को एक मुर्गा फार्म के एक कमरे में  5फीट गड्ढा खोदकर गाड़ दिया गया. गड्ढे में नमक और यूरिया भी मिला पाया गया है. अभी तक 4 अपराधियों की गिरफ्तारी हुई है और इन सबों का आरएसएस के संगठन और नफरत के अभियान से गहरा रिश्ता रहा है. आम जनता की मांग है कि स्पीडी ट्रायल चलाकर इस जघन्य अपराध के अभियुक्तों को अविलम्ब सजा दी जाए और इन अपराधिायों के सम्पूर्ण आपराधिक उन्मादी गतिविधियों की समग्र जांच की जाए. बासुदेवपुर फकीराना टोला के लोगों ने और खासकर महिलाओं ने बताया कि इन लोगों के उत्पात से सहनी और ततमा समुदाय के लोग आतंकित रहते हैं. लोगों ने बताया कि ये सारे अपराधी भाजपा-आरएसएस के अभियानों में सक्रिय रहते हैं. अभीतक सरकार की कोई टीम अथवा भाजपा के नेता पीड़ित परिवार से नही मिले हैं.

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