दिल्ली : डिस्पेंसरी में कोरोना को निमंत्रण देता वेक्सिनेशन स्टाफ - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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सोमवार, 25 अप्रैल 2022

दिल्ली : डिस्पेंसरी में कोरोना को निमंत्रण देता वेक्सिनेशन स्टाफ

  • ना पीने का पानी, ना शौचालय, ना सोशल डिस्टेंसिंग,ना मास्क का पालन यही है ई.एस.आई  डिस्पेंसरी की खासियत 

वैक्सीनेशन के टेम्प्रेचर को मेंटेन करने के बारे में वहां तैनात एक प्रौढ़ नर्सिंग स्टाफ से पूछा तो उन्होंने फिज़ तो दिखाया लेकिन टेम्प्रेचर जो मानकों के अनुसार हो वह दिखाने में विफल रही। यहाँ तक की जहाँ बैठने की व्यवस्था एक छोटे से टेंट में की गयी वहां कुर्सियां टूटी हुई हैं और मेजों पर कई इंच मोटी धूल जमी है। सोशल डिस्टेंसिंग का कोई पालन यहाँ नहीं मैंटेन किया जा रहा है। मरीजों और लोगों की सुरक्षा में लगे कैमरे डिपेंसरी के टूटे पड़े थे।  इस विषय में जब इस  ई एस आई डिस्पेंसरी आई - ब्लॉक कर्म पुरा की इंचार्ज डॉ.मोना वर्मा से प्रतिक्रिया जाननी चाही तो उनके कमरे पर ताला लटका मिला। 

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नई दिल्ली (अशोक कुमार निर्भय)  केंद्र सरकार के श्रम मंत्रालय के अंतर्गत ई एस आई डिस्पेंसरी आई - ब्लॉक कर्म पुरा में चल रहे कोरोना वैक्सीनेशन में कोरोना संक्रमण खुद ही फ़ैल रहा है। यहाँ तैनात सिविल डिफेन्स के कर्मचारी हों या केंद्र सरकार के आधीन ई एस आई डिस्पेंसरी आई - ब्लॉक में तैनात नर्सिंग,पैरामेडिकल और फार्मेसी का स्टाफ सभी बगैर मास्क कोरोना संक्रमण को फैलाने अथवा निमंत्रण देने के काम कर रहे हैं जब ओमीक्रॉन वायरस की चौथी लहर की आशंका के बीच एक दिन में 24 सौ मरीज सामने आये हैं और 30 लोगों की मौत कोरोना से हो गयी है। संवाददाता ने स्वयं जानकारी जुटाई तो इस वैक्सीनेशन सेंटर में समझों अव्यवस्था के अलावा कुछ ठीक नहीं था। आलम यह की यहाँ वैक्सीनेशन रजिस्ट्रेशन काउंटर पर तैनात महिला सिविल डिफेन्स कर्मी किरण ने वर्दी तो पहनी लेकिन मास्क मुँह से नीचे लगाया हुआ था जबकि उनकी बगल में बैठा पुरुष सिविल डिफेन्स कर्मी ने अपनी वर्दी सफ़ेद कमीज के नीचे छिपा ली थी ताकि कोई उसका नाम नहीं पढ़ सके और उनकी बदतमीजी और कोरोना वैक्सीन लगवाने आये लोग शिकायत नहीं कर सके. बात यहीं खत्म नहीं होती जब संवाददाता ने वैक्सीनेशन के टेम्प्रेचर को मेंटेन करने के बारे में वहां तैनात एक प्रौढ़ नर्सिंग स्टाफ से पूछा तो उन्होंने फिज़ तो दिखाया लेकिन टेम्प्रेचर जो मानकों के अनुसार हो वह दिखाने में विफल रही। यहाँ तक की जहाँ बैठने की व्यवस्था एक छोटे से टेंट में की गयी वहां कुर्सियां टूटी हुई हैं और मेजों पर कई इंच मोटी धूल जमी है। सोशल डिस्टेंसिंग का कोई पालन यहाँ नहीं मैंटेन किया जा रहा है। मरीजों और लोगों की सुरक्षा में लगे कैमरे डिपेंसरी के टूटे पड़े थे।  इस विषय में जब इस  ई एस आई डिस्पेंसरी आई - ब्लॉक कर्म पुरा की इंचार्ज डॉ.मोना वर्मा से प्रतिक्रिया जाननी चाही तो उनके कमरे पर ताला लटका मिला। ऐसे में स्टाफ की शिकायत कहाँ की जाए और किससे की जाए यह गंभीर सवाल इस डिस्पेंसरी की कार्यशैली पर उठता है। जब फीडबैक फॉर्म माँगा तो वह भी उपलब्ध नहीं कराया गया और एक विंडो से दूसरे विंडो पर स्टाफ टालता रहा। ऐसे में अंदाजा लगाना सहज है कि यहाँ वैक्सीनेशन के नाम पर लोगों की जान के साथ खिलवाड़ केंद्र सरकार के श्रम मंत्रालय के अंतर्गत ई एस आई डिस्पेंसरी आई - ब्लॉक कर्म पुरा प्रशासन की आँख के सामने हो रहा है।   गौरतलब है कि केंद्र सरकार के श्रम मंत्रालय के अंतर्गत ई एस आई डिस्पेंसरी आई - ब्लॉक कर्म पुरा वैक्सीनेशन लगवाने आने वालों के के लिए 30 घंटे का कोरांटीन ऑबर्वेशन एरिया तक नहीं है। शौचालय और पीने तक का पानी उपलब्ध नहीं है ऐसे में 44 डिग्री तापमान में वैक्सीन लगवाने आने वालों के लिए कितनी बड़ी परेशानी है इसकी सुध ना केंद्र सरकार के श्रम मंत्रालय के अंतर्गत ई एस आई डिस्पेंसरी आई - ब्लॉक कर्म पुरा की इंचार्ज डॉ मोना वर्मा को है और ना किसी जनप्रतिनिधि को है। जनता बेहाल होकर इस वेक्सिनेशन सेंटर में अपनी जान जोखिम में डाल कर वेक्सिनेशन करवाने पर मजबूर है। 

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