बिहार : एकता परिषद के राष्ट्रीय संयोजक प्रदीप प्रियदर्शी ने पटना में कहा - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

विजयी विश्व तिरंगा प्यारा , झंडा ऊँचा रहे हमारा। देश की आज़ादी के 75 वर्ष पूरे होने पर सभी देशवासियों को अनेकानेक शुभकामनाएं व बधाई। 'लाइव आर्यावर्त' परिवार आज़ादी के उन तमाम वीर शहीदों और सेनानियों को कृतज्ञता पूर्ण श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए नमन करता है। आइए , मिल कर एक समृद्ध भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं। भारत माता की जय। जय हिन्द।

शुक्रवार, 29 अप्रैल 2022

बिहार : एकता परिषद के राष्ट्रीय संयोजक प्रदीप प्रियदर्शी ने पटना में कहा

eka-parishad-bihar
पटना. गैर दलीय गांधीवादी जन संगठन है एकता परिषद.यह जनसरोकार के मुद्दे पर कुढ़नी प्रखंड सहित मुजफ्फरपुर जिले में सतत क्रियाशील है.विशेषतौर पर आवासीय भूमिहीनता एवं युवा बेरोजगारी के सवाल को सरकार एवं प्रशासन के सम्मुख लगातार उठाते रहे हैं. आज फिर इस ध्यानाकर्षण धरना के माध्यम से उन सवालों पर आपका ध्यान आकृष्ट कराने की कोशिश कर रहे हैं. मुजफ्फरपुर जिले में आयोजित ध्यानाकर्षण धरना देकर राजधानी पटना में आने के बाद एकता परिषद के राष्ट्रीय संयोजक प्रदीप प्रियदर्शी ने कहा कि हम लोगों ने मुजफ्फरपुर जिले के जिलाधिकारी महोदय को 14 सूत्री मांग पेश किये हैं. राज्य सरकार इस दिशा में पहल शुरू करें.18 वर्ष से अधिक उम्र के हर व्यक्ति को  चतुर्दिक भरण-पोषण पाने का मूल अधिकार दिया जाए.कुढ़नी सहित पूरे जिला में जन-गणना व बीपीएल सर्वेक्षण जैसा अभियान चलाकर आवासीय भूमिहीनों की संख्या सुनिश्चित की जाएं.सर्वेक्षणकर्ता समूह गांव-टोला के हर दरवाजे तक पहुंचे. कुढ़नी अंचल कार्यालय में एकता परिषद के माध्यम से जमा की गई आवासीय भूमिहीनों की सूची का अधिकारिक सत्यापन कर उस पर यथाशीघ्र उचित पहल प्रारंभ की जाएं. आवासीय भूमिहीनता संबंधी कार्य निष्पादन के लिए जिला एवं प्रखंड स्तर पर विशेष टास्क-फोर्स का गठन हो. संलग्न किये गए एक पुराने मांग पत्र के चिन्हित बिंदुओं को भी आपके विशेष पहल का इंतजार है. नल-जल योजना अभी तक कुछ गांव में शुरू नहीं हुई है.जहां पहुच गई है वहां पाइप बिछाने एवं नल लगाने में गड़बड़ी हुई है, पानी सप्लाई की भी समस्या है.फोरलेन के किनारे खड़े हो रहे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में हर स्तर पर 70 प्रतिशत स्थानीय लोगों की बहाली हो. गांव और शहर में कुटीर उद्योग आधारित उत्पादन के लिए सरकारी अभियान चले. हर गांव में आवासीय भूमिहीनों का सर्वे तुरंत प्रारंभ हो,जिससे हर जाति के परिवारों को शामिल किया जाए. इसके लिए तिथि रोटेशन तथा कर्मचारी की घोषणा सत्याग्रहियों के सम्मुख किया जाए. फोरलेन के बगल में जमीन खरीदने वाले व्यावसायिक प्रतिष्ठान,किसानों के खेत में जाने के लिए कम से कम 10 फीट जमीन रास्ते के लिए छोड़े. पुराने नक्शा में आज फोर लेन से किसानों के खेते जाने के लिए सड़क का उल्लेख है.उदाहरण स्वरूप सकरी गांव स्थित स्वर्ण इंडिया प्रतिष्ठान के बगल में सड़क थी,पुराने नक्से की संड़कों को पुनः जीवित किया जाएं.गंडक नहर को अगर उपयोगी नहीं बनाया जाताहै तो जमीन किसान को वापस किया जाएं या फिर भूमिहीनों के बीच वितरित किया जाए. बरसात में गांव की सड़के जल जमाव का शिकार हो जाती हे.सड़क किनारे पूर्व में बनाये गए नाले अव्यवहारिक योजना के कारण बेकार पड़े है.गांव की सड़को को जल जमाव से मुक्त करने के लिए शीघ्र व्यवहारिक प्रयास की जाएं.

कोई टिप्पणी नहीं: