आलेख : संयोग नहीं दंगाइयों के प्रयोग का साजिश - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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गुरुवार, 21 अप्रैल 2022

आलेख : संयोग नहीं दंगाइयों के प्रयोग का साजिश

हो जो भी सच तो यही है पहले गुजरात, साबरकांठा, आणंद-द्वारका, फिर राजस्थान के करौली, मध्य प्रदेश के खरगोन, पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा, झारखंड के लोहरदगा-बोकारो के बाद अब दिल्ली में माहौल खराब करने की कोशिश की गई है। रामनवमी व हनुमत जयंती के जुलूस पर शहर-शहर पथराव के बाद आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाओं ने कुछ ही घंटों में दंगे का रूप ले लिया। दंगे में कई घर झुलस गए। दंगे की आंच में कुछ घर जलकर राख हो गए। हाल यह है कि कई लोगों को बेघर तो किया ही कई परिवारों की खुशियों पर भी ग्रहण लगा दिया है। अभी दौर शादियों का है। इसके लिए परिवारों ने बैंड-बाजा और गार्डन, होटलों की बुकिंग कराई है। लेकिन कर्फ्यू के कारण यह तैयारियां-धरी की धरी रह गई हैं। बारातियों, मेहमानों के स्वागत में पलक-फावड़े बिछाकर खड़े रहने की ख्वाइशें मन में दब कर रह गई। बेटी को विदा करने वाले कई परिवारों ने अन्य शहरों की शरण ली है तो कुछ परिवारों ने विवाह की तारीख आगे बढ़ा दी है। ऐसे में बड़ा सवाल तो यही है दिल्ली दंगों का मास्टरमाइंड कौन है? क्या वीडियो खोलेंगे दिल्ली दंगों का राज? दिल्ली में कहां से आएं दंगाबाज? क्या सियासी फायदे के लिए बनाएं जा रहे दंगे के हालात? 

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फिरहाल, हनुमान जयंती होने के कारण बजरंगबली के दरबार में भक्तों की भीड़ थी। लेकिन शाम होते-होते उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में हिंसा भड़क उठी। पथराव हुआ और कई गाड़ियों में आग लगा दी गई। विपक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी को आड़े हाथों लिया तो भाजपा ने कांग्रेस और कई अन्य विपक्षी दलों पर शवों पर ‘गिद्ध राजनीति’ करने का आरोप लगाया। इससे उबरना आसान भी नहीं लग रहा। शहरीय इलाकों में दंगाइयों ने चुन-चुनकर हिंदू परिवारों पर कहर बरपाया। पेट्रोल बम फेंककर घरों को फूंक दिया गया। कहीं जेवर लूटे, तो कहीं से अनाज लूटकर ले गए। दंगाइयों की दहशत से प्रभावित इलाकों के कई हिंदू परिवार घर छोड़कर जा चुके हैं। स्थिति अब भी ऐसी है कि कोई घर लौटना नहीं चाहता। दंगे में मकानों में तोड़फोड़ और आगजनी हुई। एक बस्ती में तो दंगाइयों ने जलता हुआ गैस सिलिंडर हिंदू परिवार के घर में फेंककर विस्फोट कर दिया। पूरा घर जमींदोज हो गया। दंगे की आग में किसी बेटी की शादी की खुशियां लुट गईं तो किसी परिवार की रोजी का सहारा बना रिक्शा ही जला दिया गया। कई लोगों के पास तो अब कपड़े, अनाज तक नहीं बचे। हर दंगे के बाद मुस्लिम इलाकों से सटे हिंदू मोहल्लों में कुछ प्रभावित परिवार घर बेचकर चले जाते हैं। ज्यादातर घर मुस्लिम ही खरीदते हैं। कुछ परिवार दंगे से इतना डर जाते है कि घर के बाहर लिख देते है कि ’जान है तो जहान है, इसलिए घर बेचना है।’  बता दें, दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में दो समुदायों के बीच माहौल खराब करने की कोशिश हुई है। पिछले कुछ दिनों के भीतर देश के अलग-अलग शहरों में जिस तरह से सांप्रदायिक हिंसा भड़की, उसके बाद राजधानी में बवाल साजिश की ओर इशारा करता है। क्योंकि यह घटना अचानक नहीं हुई, साजिश के तहत हुई है। पुलिस जांच करे और दोषियों को सख्त से सख्त सजा हो। जिन लोगों ने पत्थर फेंके हैं...जो भी दोषी हैं उनके घरों की भी चेकिंग हो। आईडी जांची जाए और देखा जाए कि घरों में हथियार तो नहीं है। जहांगीरपुरी में सालों से लोग शांतिपूर्ण ढंग से रहते आ रहे हैं। छिटपुट तनाव की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं लेकिन इस तरह का बवाल नहीं हुआ था। यहां मंदिर से 50-60 मीटर की दूरी पर एक मस्जिद भी है। मंदिर से शोभायात्रा निकली थी और बताते हैं कि मस्जिद के सामने पहुंचने से पहले झगड़ा शुरू हुआ। पहले बातचीत हुई और फिर बात पत्थरबाजी तक पहुंच गई। उपद्रवियों ने बोतल और पत्थर फेंके तो भगदड़ और हिंसा भड़क उठी। एक पक्ष का कहना है कि विवाद झंडा लगाने को लेकर शुरू हुआ था। कुछ लोगों ने दावा किया है कि शोभा यात्रा के दौरान अफवाह फैला दी गई कि यात्रा निकाल रहे लोग सी-ब्लॉक की मस्जिद के सामने खड़े होकर नारे लगा रहे हैं। जिस समय शोभा यात्रा जहांगीरपुरी के सी ब्लॉक स्थित कुशल सिनेमा के पास पहुंची, तभी पथराव शुरू हो गया।


पत्थर और बोतलें कहां से आईं?

यहां पतली-पतली गलियां हैं। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इतनी बड़ी मात्रा में बोतलें और पत्थर कैसे पहुंचे। दरअसल, जिस जगह बवाल हुआ उसके दूसरी तरफ ही कबाड़ रखा होता है। वहीं से बोतलें खोजी गईं और उपद्रवियों ने हनुमान शोभायात्रा के साथ चल रहे लोगों पर पथराव किया। बताते हैं कि पत्थर के साथ-साथ ईंटें भी फेंकी गईं। प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि हिंसा पर उतारू लोगों के हाथों में तलवारें, धारदार हथियार और पत्थर थे। उपद्रव के बीच फायरिंग के भी दावे किए गए। राहत की बात यह है कि कुछ ही घंटे में हालात को पूरी तरह से नियंत्रण में कर लिया गया। 


क्या क्षेत्र में रहते हैं अवैध बांग्लादेशी?

कपिल मिश्रा और भाजपा की दिल्ली की इकाई के प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर सहित पार्टी के नेताओं ने आरोप लगाया है कि यह क्षेत्र में रहने वाले अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों की करतूत है। सांसद मनोज तिवारी ने दावा किया कि यह एक बड़ी साजिश का हिस्सा है जिसकी तुरंत जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। अधिकारियों ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी के शेष सभी 14 पुलिस जिलों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और कोई अप्रिय घटना न हो इसके लिए तकनीकी स्तर पर निगरानी भी की जा रही है। फिलहाल जिन गलियों, मोहल्लों में शहनाइयां गूंजनी थी वहां सन्नाटे को चिरते केवल पुलिस वाहनों के सायरन सुनाई दे रहे हैं। मतलब साफ है तारीख बदली, शहर बदला, लेकिन एजेंडा एक ही रहा। दंगाइयों की साजिश की टाइमलाइन भी वहीं रही। ऐसे में बड़ा सवाल तो यही है क्या यह संयोग नहीं बल्कि दंगाइयों के प्रयोग का एक हिस्सा है? जहां-जहां निकली शोभायात्रा, वहां-वहां हुए पथराव। क्या ये इन घटनाओं के तार एक दूसरे से जुड़े हैं? क्या सुरक्षा एजेंसियां इस साजिश को भापने में नाकाम रही? जिस तरह से देशभर में एक के बाद एक शहर में दो समुदाय आमने सामने आ रहे हैं उससे यह भी सवाल उठ रहे हैं कि क्या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश है? 


घुसपैठियों की जांच 

दिल्ली के जहांगीरपुरी में शनिवार शाम हुई हिंसा को बीजेपी ने साजिश करार दिया है। बीजेपी ने कड़े शब्दों में कहा है कि हिंसा के मामले में बाहर से आए घुसपैठियों की क्या भूमिका है, इसकी जांच की जाए। भाजपा की दिल्ली इकाई के नेताओं ने शनिवार को उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में हनुमान जयंती के अवसर पर आयोजित जुलूस के दौरान हुई झड़प को साजिश बताया और घटना में अवैध प्रवासियों की भूमिका की जांच की मांग उठाई। भाजपा दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता और पार्टी सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि जुलूस पर हमला, अचानक हुई घटना नहीं बल्कि एक साजिश थी। जहांगीरपुरी में शनिवार को जुलूस के दौरान दो समुदायों के बीच झड़प हो गई, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने आरोप लगाया कि जुलूस पर पथराव एक आतंकवादी हमला था। उन्होंने देश से अवैध प्रवासियों को तत्काल बाहर निकालने की मांग की। आदेश गुप्ता ने कहा कि वह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलेंगे और उनसे हिंसा की जांच का आदेश देने का आग्रह करेंगे। उन्होंने यह भी सवाल किया कि दिल्ली में अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्याओं और बांग्लादेशियों की बस्ती को पानी और बिजली के कनेक्शन कैसे दिए गए? उन्होंने एक वीडियो संदेश में कहा, ’मैं (मुख्यमंत्री) अरविंद केजरीवाल से पूछना चाहता हूं कि वह शहर में अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्याओं और बांग्लादेशियों को पानी और बिजली क्यों मुहैया करा रहे हैं।’ गुप्ता के आरोपों पर दिल्ली में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी सरकार की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है।


दिल्ली पुलिस की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील

उधर, दिल्ली पुलिस के स्पेशल सीपी दीपेंद्र पाठक ने बताया कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। माहौल शांतिपूर्ण है। हम लोगों के साथ लगातार संपर्क में हैं और शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील कर रहे हैं। सुरक्षा के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस अधिकारी यहां मौजूद हैं। प्राथमिकी दर्ज करके जांच शुरू कर दी गई है। गौरतलब है कि उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में शनिवार को हनुमान जयंती पर निकाले गए जुलूस में पथराव के बाद हिंसा भड़क गई थी, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। जुलूस के दौरान दोनों पक्ष आमने सामने आ गए। इसके बाद पथराव हुआ और कुछ वाहनों में आग लगा दी गई थी। दिल्ली पुलिस प्रशासन के आला अधिकारियों का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है और जहांगीरपुरी तथा अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है। 


अंसार और असलम है मास्टर माइंड 

दिल्ली पुलिस सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है और उसी के आधार पर अन्य आरोपियों को पहचानने की कोशिश की जा रही है. इसके साथ ही पुलिस हिंसा वाली जगह से सबूत इकट्ठे कर रही है. कोर्ट में सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने कहा कि 15 तारीख को ही अंसार और असलम को पता लग गया था कि एक यात्रा निकलने वाली है. इसके बाद इन लोगों ने साजिश रची थी. जहांगीरपुरी हिंसा मामले में रोहिणी कोर्ट ने दो मुख्य आरोपियों अंसार और असलम को एक दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है. अधिवक्ता विकास वर्मा ने बताया कि शेष 12 को न्यायिक हिरासत में (14 दिनों के लिए) भेज दिया गया है. दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में कहा कि 15 अप्रैल को अंसार और असलम को पता लग गया था कि एक यात्रा निकलने वाली है और इन लोगों ने साजिश रची थी. दिल्ली पुलिस ने जहांगीरपुरी हिंसा मामले में अब तक कुल 20 लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने 2 नाबालिगों को भी हिरासत में लिया है. अब तक आरोपियों के पास से 3 पिस्टल और 5 तलवारें बरामद की गई है.


1. जाहिद पुत्र अल्फाजुद्दीन निवासी बी-ब्लॉक, जहांगीरपुरी दिल्ली उम्र 20 वर्ष.

2. अंसार पुत्र अलाउद्दीन निवासी बी-ब्लॉक, जहांगीरपुरी, दिल्ली उम्र 35 वर्ष. 

3. शाहजाद पुत्र अली अकबर निवासी झुग्गी ए-ब्लॉक, जहांगीरपुरी, दिल्ली उम्र 33 वर्ष. 

4. मुख्तार अली पुत्र समबुल निवासी झुग्गी ए-ब्लॉक, जहांगीरपुरी दिल्ली उम्र 28 वर्ष. 

5. मो. अली पुत्र हसन निवासी सीडी पार्क झुग्गी, जहांगीरपुरी, दिल्ली आयु 18 वर्ष

6. आमिर पुत्र फजलुरेहमान निवासी सी-ब्लॉक, जहांगीरपुरी, दिल्ली, आयु 19 वर्ष.

 7) अक्सर पुत्र शेख स्मौस निवासी झुग्गी, सीडी पार्क, जहांगीरपुरी, दिल्ली, आयु-26 वर्ष.

8) नूर आलम पुत्र होशियार रहमान निवासी सी-ब्लॉक, जहांगीरपुरी, दिल्ली, आयु- 28 वर्ष.

9) मोहम्मद असलम पुत्र स्मोन निवासी झुग्गी सीडी पार्क, जहांगीरपुरी, दिल्ली, आयु- 21 वर्ष.

10. जाकिर पुत्र शेख रफीक निवासी झुग्गी सी-ब्लॉक, गली नंबर 4, जहांगीर पुरी, दिल्ली आयु -22 वर्ष.

11. अकरम पुत्र मोहम्मद शकील निवासी झुग्गी सीडी पार्क, जहांगीरपुरी, दिल्ली उम्र 22 वर्ष.

12. इम्तियाज पुत्र मोहम्मद इसराइल निवासी जी-ब्लॉक, जहांगीरपुरी, दिल्ली उम्र 29 वर्ष.

13. मो. अली जसमुद्दीन पुत्र इसराफिल निवासी सी-ब्लॉक, जहांगीरपुरी, दिल्ली आयु 27 वर्ष.

14. अहीर पुत्र हनीफ खान निवासी सी-ब्लॉक, जहांगीरपुरी, आयु 35 वर्ष.

15. शेख सौरभ पुत्र शेख अहमद निवासी सी-ब्लॉक, जहांगीरपुरी, दिल्ली उम्र 42 वर्ष.

16. सूरज पुत्र सुकेन निवासी जी-ब्लॉक, जहांगीरपुरी, दिल्ली आयु 21 वर्ष.

17. नीरज पुत्र सुकेन निवासी जी-ब्लॉक, जहांगीरपुरी, दिल्ली उम्र 19 वर्ष

18. सुकेन पुत्र नरेश निवासी जी-ब्लॉक, जहांगीरपुरी, दिल्ली आयु 45 वर्ष

19. सुरेश पुत्र नरेश निवासी जी-ब्लॉक, जहांगीरपुरी, दिल्ली उम्र 43 वर्ष

20. सुजीत सरकार पुत्र सुकुमार सरकार निवासी जी-ब्लॉक, जहांगीरपुरी, दिल्ली उम्र 38 वर्ष.


कोर्ट में पेशी के दौरान दिखी बेशर्मी

कोर्ट में पेशी के दौरान एक आरोपी ने बेशर्मी की हदें पार कर दीं. शोभायात्रा में हिंसा फैलाने के आरोपी को जब रोहिणी कोर्ट ले जाया गया तो वो फिल्मी अंदाज में ’पुष्पा’ का एक्शन करता नजर आया. उसके चेहरे से साफ देखा जा सकता है कि उसे पुलिस की कार्रवाई का कोई डर नहीं है. 


शहर दर शहर धार्मिक उन्माद 

देश के कई हिस्सों में हाल के दिनों में हिंसा की कई घटनाएं सामने आई हैं. धार्मिक हिंसा की घटनाओं में कई शहरों में तोड़फोड़, आगजनी और पथराव की घटनाएं हुईं. राजस्थान के करौली में 2 अप्रैल को नव संवत्सर के मौके पर बाइक रैली पर पथराव के बाद तोड़फोड़ और आग लगाने की वारदात की गई. घटना के बाद इलाके में कर्फ्यू लगा दिया गया. मध्य प्रदेश का खरगौन साम्प्रदायिक हिंसा के बाद जल उठा. कई परिवारों के घर जला दिए गए. हिंसा में कई पुलिसकर्मी भी जख्मी हुए. पश्चिम बंगाल से लेकर गुजरात झारखंड और बिहार तक धार्मिक हिंसा के कई मामले सामने आए. दिल्ली के जहांगीरपुरी में 16 अप्रैल को हनुमान जन्मोत्सव पर शोभायात्रा के दौरान हुई हिंसा में कई पुलिसकर्मी जख्मी हो गए. इस मामले में कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है. फिलहाल इलाके में माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है.


धार्मिक हिंसा की हालिया घटनाएं

10 अप्रैल को मध्यप्रदेश के खरगौन में राम नवमी पर निकाले जा रहे जुलूस पर पथराव में 3 पुलिसकर्मी सहित कई लोग घायल हुए. 16 अप्रैल को दिल्ली के जहांगीरपुरी में शोभायात्रा के दौरान हिंसा हुई. करौली - 2 अप्रैल को नव संवत्सर पर निकाली जा रही बाइक रैली पर पथराव के बाद उपद्रव, तोड़फोड़ और आगजनी की घटना के बाद 2 अप्रैल को कर्फ्यू लगा दिया था, 12 अप्रैल तक कर्फ्यू जारी, 10 मुकदमें दर्ज, 105 लोग गिरफ्तार। खरगौन - राम नवमी पर निकाले जा रहे जुलूस पर पथराव, 3 पुलिसकर्मी सहित कई लोग घायल, 77 उपद्रवी गिरफ्तार, खरगोन में कर्फ्यू लगा। बड़वानी जिले के सेंधवा में भी रामनवमी पर बवाल हुआ, रामनवमी के जुलूस के दौरान दो पक्षों में जमकर पथराव हुआ। पश्चिम बंगाल 10 अप्रैल को हावड़ा के शिवपुर थाना अंतर्गत पीएम बस्ती इलाके के पास कुछ लोगों ने शोभायात्रा पर अचानक हमला कर दिया। बांकुरा - रामनवमी के जुलूस के दौरान जमकर बवाल हुआ. जुलूस पर उपद्रवियों ने पथराव किया, पथराव के बाद भड़की हिंसा को रोकने के लिए पुलिस का लाठीचार्ज, 17 लोग गिरफ्तार गुजरात में 10 अप्रैल को आणंद - खंभात में रामनवमी जुलूस के दौरान दो समुदायों के बीच हुई पथराव की घटना, सांप्रदायिक झड़प में एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि एक अन्य घायल हो गया। साबरकांठा दृ हिम्मतनगर शहर के छपरिया इलाके में दोपहर बाद जब रामनवमी का जुलूस निकला तो दो समुदायों के लोगों ने एक दूसरे पर पथराव कर दिया। द्वारका दृ द्वारका जिले में भी उपद्रवियों ने शोभायात्राओं को निशाना बनाया। झारखंड में 10 अप्रैल को लोहरदगा - हिरही भोक्ता बगीचा इलाके के पास रामनवमी की शोभायात्रा पर पथराव हुआ. जुलूस में शामिल लोगों पर धारदार हथियारों से हमले किए गए. शोभायात्रा में शामिल 15 से ज्यादा लोग घायल हो गए. आरोप है कि शोभायात्रा एक कब्रिस्तान के पास से गुजर रही थी. इस दौरान दूसरे समुदाय के कुछ लोगों ने हमला कर दिया, 1 व्यक्ति की मौत। 10 अप्रैल को जेएनयू - दिल्ली की जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी में भी छात्र संगठनों के बीच हिंसक झड़प, लेफ्ट संगठनों और एबीवीपी ने एक-दूसरे पर उकसाने का आरोप लगाया. लेफ्ट छात्रों का कहना है कि वह हॉस्टल में चिकन बना रहे थे और इसी दौरान उन पर अटैक हुआ. इसके अलावा एबीवीपी के कार्यकर्ताओं का कहना है कि वह पूजा कर रहे थे और उसमें व्यवधान पैदा किया गया. कर्नाटक में 10 अप्रैल को कोलार - कर्नाटक के कोलार में भी रामनवमी की शोभायात्रा पर पथराव हुआ, पथराव के बाद माहौल थोड़ा बिगड़ गया, लेकिन पुलिस ने स्थिति को संभाला, पुलिस फोर्स तैनात। बिहार में 10 अप्रैल मुजफ्फरपुर में रामनवमी के दौरान मस्जिद पर जबरदस्ती फहराया गया भगवा झंडा


हनुमान जन्मोत्सव और हिंसा की घटनाएं 

दिल्ली के जहांगीरपुरी में शोभायात्रा पर पथराव के बाद हिंसा, शोभायात्रा में चल रहे लोगो के ऊपर पत्थरबाजी और छुटपुट आगजनी, कई पुलिसकर्मी सहित करीब 10 लोग घायल


हरिद्वार, उत्तराखंड

भगवानपुर में हनुमान जयंती के जुलूस पर पथराव, कई लोगों को चोटें आई हैं


कुरनूल, आंध्रप्रदेश

कुरनूल के होलागुंडा कस्बे में हनुमान जयंती जुलूस के दौरान दो समुदायों में झड़प, 15 लोग घायल


हुबली, कर्नाटक 17 अप्रैल

ओल्ड हुबली पुलिस स्टेशन पर भीड़ के द्वारा पथराव, एक इंस्पेक्टर सहित 4 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं. पूरे शहर में धारा 144 लागू


अलीगढ़, उत्तर प्रदेश 17 अप्रैल

अलीगढ़ के मानिक चौक पर कुछ शरारती लोगों ने एक मस्जिद पर पथराव कर दिया





-सुरेश गांधी-

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