सीहोर (मध्य प्रदेश) की खबर 03 अप्रैल - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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रविवार, 3 अप्रैल 2022

सीहोर (मध्य प्रदेश) की खबर 03 अप्रैल

राठौर क्षत्रिय समाज के द्वारा किया जाएगा नव कुंडीय महायज्ञ और प्राण प्रतिष्ठा का आयोजन।

  • संत श्री श्री 1008 पागल बाबा करेंगे 7 दिनों तक तप । शहर में निकाली जाएगी भव्य भगवान की रथ शोभा यात्रा वीर दुर्गादास राठौर पार्क में विशाल यज्ञशाला का निर्माण देश भर से सम्मिलित होंगे 10, हजार से अधिक समाज जन कलश यात्रा में शामिल हो सकती हैं 5000 महिलाएं

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सीहोर। राठौर क्षत्रिय समाज के द्वारा सात दिवसीय नव कुंडीय महायज्ञ भव्य प्राण प्रतिष्ठा महा  आयोजन किया जाएगा नव निर्मित श्री राम जानकी मंदिर में भगवान श्री रामजानकी, भगवान भोलेनाथ और हनुमान जी महाराज की प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। विशेष रुप से श्री श्री 1008 पागल बाबा के द्वारा पार्क में निर्मित यज्ञशाला के सामने 7 दिनों तक तप करेंगे। राष्ट्रीय वीर दुर्गादास राठौर पार्क में महायज्ञ प्राण प्रतिष्ठा श्री रामकथा के आयोजन को लेकर विशेष तैयारियां की जा रही हैं। पार्क में नव कुंडीय यज्ञशाला का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। भव्य आयोजन 27 अप्रैल से 4 मई तक आयोजित किया जाएगा। आयोजन की व्यवस्थाओं को लेकर क्षत्रिय राठौर समाज के द्वारा ते 23 समितियों का गठन किया गया है प्रत्येक समिति में 50 सदस्यों को शामिल किया गया है। राठौर क्षत्रिय समाज अध्यक्ष श्री सतीश जी राठौर के मार्गदर्शन में यज्ञ आचार्य पंडित महादेव जी शर्मा के सानिध्य में और श्री श्री 1008 पागल बाबा के आशीर्वाद से महा आयोजन होगा। महा आयोजन में देशभर से 10, हजार से अधिक राठौर समाज जन सम्मिलित होंगे। आगामी 27 अप्रैल को भव्य कलश यात्रा निकाली जाएगी। क्षत्रिय राठौर समाज महिला मंडल अध्यक्ष श्रीमती हर्षा राठौर के मुताबिक 5000 से अधिक महिलाएं कलश यात्रा में शामिल होंगी। राठौर क्षत्रिय समाज के महामंत्री जितेंद्र राठौर ने बताया कि नव कुंडीय प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में 189 यजवानों के द्वारा यज्ञ मैं आहुतियां दी जाएंगी। प्रतिदिन 27 जोड़े यज्ञशाला में बैठेंगे। महा आयोजन के दौरान श्री राम कथा भी होगी। प्राण प्रतिष्ठा महा आयोजन में शहर के सभी संत और ब्राह्मण जन श्रीमद् भागवत कथा श्री राम कथा वाचक सम्मिलित होंगे। पूणार्हुति के दिन 4 मई बुधवार को महा विशाल भंडारा आयोजित किया जाएगा। आयोजन को लेकर राठौर क्षत्रिय समाज के द्वारा युद्ध स्तर पर तैयारियां की जा रही है राष्ट्रीय वीर दुर्गादास राठौर पार्क में विशाल यज्ञशाला बनाई जा रही है इधर नवनिर्मित मंदिर को भी भव्य रुप दिया जा रहा है। महा आयोजन को लेकर रविवार को गंज स्थित राठौर धर्मशाला में पत्रकार वार्ता का आयोजन किया गया। राठौर क्षत्रिय समाज अध्यक्ष सतीश राठौर एवं कार्यक्रम अध्यक्ष रूद्रप्रकाश राठौर,महांमत्री जितेंद्र राठौर, कोषाध्यक्ष दीलिप राठौर, संरक्षक नरेंद्र भाईजी, चम्पालाल राठौर, राजेंद्र राठौर, नरेंद्र राठौर, नारायण राठौर युवा संगठन अध्यक्ष अजय राठौर एवं समस्त पदाधिकारियों सदस्यों ने सात दिवसीय महा आयोजन में सम्मिलित होने की अपील नगर के समस्त नागरिकों से की है।


गणगौर पर्व के दौरान महिलाओं द्वारा सिंजारा पूजन, आज निकाला जाएगा भव्य रूप से चल समारोह


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सीहोर। शहर सहित आस-पास के स्थानों में हर साल की तरह इस साल भी गणगौर का पर्व आस्था और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। महिलाओं-युवतियों ने को रविवार को सिंजारा मनाया। उन्होंने हाथी में मेहन्दी लागई और विशेष श्रंगार किया। भगवान शंकर-पार्वती के रूप में ईसर-गणगौर का पूजन सोमवार को होगा। इस संबंध में जानकारी देते हुए अग्रवाल महिला मंडल की अध्यक्ष ज्योति अग्रवाल ने बताया कि रविवार को बड़ी संख्या में महिलाओं ने शहर के गांधी पार्क में सिंजारा पूजन पूर्ण-विधि विधान से की। उन्होंने बताया कि पीहर में आकर गणगौर पूजन करने वाली नव विवाहिताओं अथवा शीघ्र वैवाहिक जीवन में बंधने वाली युवतियों ने सिंजारा मनाया। इसके तहत उनके ससुराल से विशेष रूप से घेवर, मेवा, आभूषण, साडिय़ां, सोलह श्रंगार की सामग्री भेजी गई। कई इलाकों में महिलाओं और युवतियों ने मेहन्दी लगाकर विशेष श्रंगार किया। सिंजारे पर गीत-संगीत के कार्यक्रम हुए। 16 दिन तक मनाया जाने वाले यह पर्व होली के बाद प्रारंभ हो जाता है और महिलाएं व बालिकाएं घर पर मिट्टी के ईसर-पार्वती बनाकर प्रतिदिन सुबह व पूजन व शाम को आरती करती है और झाले लेने के साथ भजन-कीर्तन करती है और फूलपाती भी निकालती है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार माता गवरजा (मां पार्वती) होली के दूसरे दिन अपने पीहर आती हैं और आठ दिनों के बाद भगवान शिव (ईसरजी) उन्हें वापस लेने के लिए आते हैं। फिर चैत्र शुक्ल तृतीया को उनकी विदाई होती है। होली के दूसरे दिन यानी कि चैत्र कृष्ण प्रतिपदा से सुहागिन महिलाएं और कुंवारी कन्याएं मिट्टी के शिवजी यानी गण एवं माता पार्वती यानी की गौर बनाकर प्रतिदिन पूजन करती हैं। इन दिनों में महिलाएं रोज सुबह उठकर दूब और फूल चुनकर लाती हैं। उन दूबों से दूध और पानी के छींटे मिट्टी की बनी हुई गणगौर माता को देती हैं। फिर चैत्र शुक्ल द्वितीया के दिन किसी नदी, तालाब या सरोवर पर जाकर पूजी हुई गणगौरों को पानी पिलाती हैं यानी बिंदोरा निकालती है। इससे पूर्व पूजन करने वाली महिलाओं के घरों में में गुणे-शक्करपारे बनाएंगे जाएंगे। हलवाई घेवर बनाकर सजाएंगे। सुहागिन महिलाएं 8 गुणे और कुंवारी कन्याएं 16 गुणे माता को अर्पित करती हैं। घेवर का भोग लगाती है। गणगौर पूजन के दिन पूरा माहौल.. गोर-गोर गोमती ईसर पूजे पार्वती.. जैसे लोकगीतों से गूंज उठता है। लंबे समय से आस्था और उत्साह के साथ गणगौर का पर्व शहर में मनाया जा रहा है। सोमवार को सीवन नदी तट पर चल समारोह पहुंचेगा। 


नववर्ष पर निकली हनुमान जी की ध्वज यात्रा, अनेक स्थानों पर हुआ स्वागत


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सीहोर। भारतीय नववर्ष पर छावनी उत्सव समिति द्वारा धार्मिक आयोजन करते हुए हनुमान जी की ध्वज यात्रा निकाली गई जो छावनी के विभिन्न मार्गों से निकली। पहली बार निकाली गई इस यात्रा को लेकर छावनी में उत्साह देखने को मिला। अनेक स्थानों पर जोरदार स्वागत भी किया गया। छावनी की सभी उत्सव समितियों तथा मंदिर समितियों द्वारा इस वर्ष भारतीय नवसंवत्सर को सामुहिक रूप से मनाया गया। इसके लिये छावनी उत्सव समिति द्वारा श्री सिद्ध हनुमान मंदिर से हनुमान जी की ध्वज यात्रा निकाली गई। मंदिर में सभी को मंगल तिलक लगाकार गले में केसरिया दुपट़टे डाले गये ! ध्वज यात्रा सायं 7 बजे प्रारंभ हुई। इसमें बैण्ड और ढोल बाजे के साथ बड़ी संख्या में क्षेत्र के नागरिक सम्मिलित हुए।  यात्रा श्री सिद्ध हनुमान मंदिर से प्रारंभ होकर जगदीश मंदिर स्थित हनुमान मंदिर पहुॅची जहॉ विराजित हनुमान जी को प्रणाम कर यात्रा गाड़ी अड्डा स्थित श्रीराम मंदिर पहुॅची यहॉ भी ध्वजयात्रा ने रुककर मंदिर में प्रवेश किया। हनुमान जी के दर्शन कर यहॉ से कोतवाली चौराहा सिद्धेश्वर महादेव मंदिर पहुॅची। यहॉ से होती हुई पान चौराहा कालिका माता मंदिर रुकी यहॉ से गॉधी रोड, नमक चौराहा होती हुई चरखा लाईन, बड़ा बाजार पहुॅची। यहॉ बड़ा बाजार स्थित हनुमान मंदिर व श्री सत्तनारायण मंदिरों पर यात्रा रुकी यहॉ से आगे खजांची लाईन से होती हुई टाकीज चौराहा से बग्गी खाना होती हुई वापस श्री सिद्ध हनुमान मंदिर पहुॅची। यात्रा का सभी प्रमुख चौराहा और मार्गो पर स्थानीय लोगों द्वारा पुष्पवर्षा से जोरदार स्वागत किया गया तथा ध्वज की पूजन आरती कर आशीर्वाद लिया गया। छावनी के मेन रोड पर श्री सिद्धेश्वर महादेव मंदिर समिति द्वारा पेयजल का वितरण किया गया। चावला प्रोटींस पर स्थानीय समिति द्वारा शरबत का वितरण किया गया। गॉधी रोड पर कुछ स्थानों पर पेयजल वितरण किया गया। नमक चौराहा पर श्री श्याम ज्वलेर्स द्वारा यात्रा में शामिल सभी लोगों को ना सिर्फ आईस्क्रीम वितरित की गई बल्कि पिछोड़ा उड़ाकर सभी भक्तजनों का सम्मान भी किया गया। इसके अलावा बड़ा बाजार व खजांची लाईन में भी जल वितरण कर स्वागत किया गया। खजांची लाईन में अंकित प्लास्टिक द्वारा पेयजल वितरित किया गया। भरतिया परिवार द्वारा मिष्ठान्न वितरित किया यहीं आशीष सोनी मित्र मण्डल द्वारा फलाहारी नमकीन वितरित किया गया। पहली बार निकली इस ध्वज यात्रा का विभिन्न समाजों द्वारा भी स्वागत किया। जिसमें दामोदर दर्जी समाज, अग्रवाल समाज, सोनी समाज, किराना व्यापारी महासंघ, डीलर एसोसियेशन सहित ब्राह्मण समाज सम्मिलित रहे। ध्वजयात्रा श्री सिद्ध हनुमान मंदिर पहुॅचकर यहॉ सामुहिक आरती कर वर्षभर विश्व के कल्याण की प्रार्थना की गई। यहॉ मंदिर समिति द्वारा सभी को खिचड़ी प्रसाद का वितरण किया गया।


आज आस्था और उत्साह के साथ मनाया जाएगा भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव

  • शिव-पार्वती विवाह का प्रसंग सुन भाव विभोर हुए श्रद्धालु

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सीहोर। भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह दिव्य विवाह है। माता पार्वती की कठिन तपस्या का परिणाम है कि भगवान शिव ने अपनी शक्ति के रूप में चयन किया। भगवान शिव और माता पार्वती अर्धनारीश्वर स्वरूप है। उक्त विचार शहर के नेहरु कालोनी में जारी सात दिवसीय भागवत कथा के तीसरे दिन श्री कपिल महाराज ने कही। रविवार को भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह की झांकी सजाई गई थी। सोमवार को आस्था और उत्साह के साथ भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। कथा दोपहर एक बजे से आरंभ होती है। उन्होंने कहा कि धर्म में भगवान शिव को देवों का देव महादेव माना जाता है सब सृष्टि की संरचना हुई तो देवों के देव महादेव उसके पहले से उपस्थित थे भारतीय संस्कृति में शिव के अर्धनारीश्वर रूप का भी उल्लेख है। जब शिव की पूजा की जाती है तो जीवन में सुख अनुभूति होती है। सारे क्लेश मिट जाते हैं। लोगों का आपसी द्वंद्व लड़ाई समाप्त हो जाता है और इसीलिए विवाह रूपी बंधन के सबसे उत्तम उदाहरण शिव और पार्वती हैं। कहा जाता है कि यदि क्लेश से निजात पाना हो तो भगवान शिव की पूजा अर्चना करते रहना चाहिए। पर्वतराज हिमालय की घोर तपस्या के बाद माता जगदंबा प्रकट हुईं और उन्हें बेटी के रूप में उनके घर में अवतरित होने का वरदान दिया। इसके बाद माता पार्वती हिमालय के घर अवतरित हुईं। बेटी के बड़ी होने पर पर्वतराज को उसकी शादी की चिंता सताने लगी। माता पार्वती बचपन से ही बाबा भोलेनाथ की अनन्य भक्त थीं। एक दिन पर्वतराज के घर महर्षि नारद पधारे और उन्होंने भगवान भोलेनाथ के साथ पार्वती के विवाह का संयोग बताया। उन्होंने कहा कि नंदी पर सवार भोलेनाथ जब भूत-पिशाचों के साथ बरात लेकर पहुंचे तो उसे देखकर पर्वतराज और उनके परिजन अचंभित हो गए, लेकिन माता पार्वती ने खुशी से भोलेनाथ को पति के रूप में स्वीकार किया। विवाह प्रसंग के दौरान शिव-पार्वती विवाह की झांकी पर श्रद्धालुओं ने पुष्प बरसाए।


नौ दिवसीय रामकथा का शुभारंभ 7 अप्रैल से

सीहोर। नगर में नौ दिवसीय श्रीराम कथा महोत्सव का आयोजन 7 अप्रैल से 15 अप्रैल तक किया जा रहा है। कथा प्रतिदिन रात 8 बजे से 11 बजे तक चलेगी। श्रीराम कथा का आयोजन श्रीसंकट मोचन हनुमान मंदिर समिति विश्वनाथपुरी सीहोर द्वारा कराया जा रहा है। कथा उद्ववदास महाराज रामकुटी आश्रम सीहोर द्वारा की जाएगी। इसकी तैयारियों को लेकर समिति द्वारा दिन-रात काम किया जा रहा है। कथा से पहले 7 अप्रैल को शाम 4 बजे पशुपतिनाथ मंदिर अवधपुरी से कलश यात्रा प्रारंभ की जाएगी, जो कि विभिन्न मार्गों से होते हुए कथा स्थल श्री संकट मोचन हनुमान मंदिर सीवन स्काई के पास विश्वनाथपुरी तक पहुंचेंगी। कथा के समापन के बाद 16 अप्रैल को अभिषेक एवं हवन किया जाएगा। इसके बाद प्रसादी वितरण होगी। समिति द्वारा लोगों से अपील की गई है श्रीराम कथा श्रवण कर धर्म का लाभ ले।


पेंशनर्स एसोसिएशन ने किया अपने दिव्यांग साथी का सम्मान, साथ किया पौधारोपण

  • मंजिलें उन्हीं को मिलती है, जिनके सपनों में जान होती-हरीश अग्रवाल

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सीहोर। भारतीय स्टेट बैंक पेंशनर्स एसोसिएशन की एक विशेष बैठक का आयोजन किया गया। इस मौके पर अपने एक दिव्यांग साथी रामलाल कारपेंटर के 75 वर्ष पूर्ण होने पर  एसोसिएशन के साथियों ने उनका सम्मान किया और मंदिर परिसर में पौधारोपण भी किया। इस दौरान बैठक का संबोधित करते हुए एसोसिएशन के अध्यक्ष हरीश अग्रवाल ने कहा कि मंजिलें उन्हीं को मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है। पंख होने से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है। हमारे आसपास तमाम ऐसे लोग हैं जो इन पंक्तियों को अपने जीवन में उतारा है। उनके बुलंद हौसलों के आगे उनकी शारीरिक विकलांगता भी हार मान गई। पचपन से पैरों से दिव्यांग होने के बाद भी की 33 सालों तक नौकरी की। कारपेंटर जिनके जन्म के बाद ही उनके पिता श्री का स्वर्गवास हो गया और जन्म से उनके पैर नहीं थे, उनकी माताश्री ने मजदूरी कर पढ़ाया और उनकी नौकरी वर्ष 1974 में भारतीय स्टेट बैंक में केशियर के पद पर हुई और अपनी 33 सालों की सेवा में वह नौकरी पर ट्राई साइकल जाते थे और सेवाकाल में बैंक के ग्राहक उनकी अच्छी सेवा से हमेशा खुश रहे। इस मौके पर पेंशनर्स एसोसिएशन के साथियों ने उनके 75 वर्ष पूर्ण होने पर निवास पर पहुंचकर स्वागत किया और मंदिर परिसर में पौधा रोपण किया। कार्यक्रम के दौरान एसोसिएशन के सचिव आरएस वर्मा, उपाध्यक्ष ब्रजेश पालीवाल, सतीश डाबरे, लक्ष्मण वैष्णव, रामगोपाल प्रजापति और कमलेश नामदेव आदि शामिल थे। 


संस्कृत भारती द्वारा समर्पण दिवस मनाया गया


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सीहोर -  वर्ष प्रतिपदा के अवसर पर संस्कृतभारती द्वारा नूतन स्कूल  सीहोर में समर्पण दिवस मनाया, जिसमें भारतीय नववर्ष की शुभकामनाएं दी गई , कार्यक्रम में मुख्य अतिथि अनिल पालीवाल जिला संघचालक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्कृतभारती जिला अध्यक्ष पंडित पृथ्वीवल्लभ दुबे  ने की व मुख्य वक्ता के रूप में सुरेश गुप्ता प्रांत सह संयोजक गौसेवा थे . इस अवसर पर मुख्य वक्ता सुरेश गुप्ता ने कहा कि कोई भी राष्ट्र स्व का भाव जागे बिना उन्नति नही कर सकता है . संस्कृतभारती स्व भाषा का गौरव जगाने के लिए  कार्य कर रही है . स्व से विस्मृति के कारण हम प्रगति नही कर पा रहे है , दुनिया में केवल हिन्दु समाज ही संस्कृति पर चलने वाला समाज है . हम सभी के विचार समाहित करने  वाले है . मुख्य अतिथि अनिल पालीवाल ने संस्कृत भारती द्वारा भाषा को लेकर किये जा रहे प्रयासों की सराहना की , वहीं संस्कृतभारती जिला अध्यक्ष पंडित पृथ्वीवल्लभ दुबे ने काल गणना के विषय में अपने विचार व्यक्त किये , कार्यक्रम की शुरूआत मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर किया. कार्यक्रम की प्रस्तावना लखनलाल महेश्वरी,  अतिथि परिचय सुरेन्द्र यादव ने एवं सरस्वती वंदना योगिता लोधी व गीत की प्रस्तुति गोपालकृष्ण त्यागी ने दी , ध्येय मंत्र विष्णु प्रसाद परमार ने बोला . कार्यक्रम का संचालन प्रदीप नागिया ने किया व आभार मनोज व्यास ने व्यक्त किया . इस अवसर पर हरिनारायण शर्मा दाऊ, सुरेश त्यागी, संजय सक्सेना, प्रदीप नागिया, रमेशचंद्र मेवाड़ा , नरेश मेवाड़ा, राकेश सिंह , जितेन्द्र राठौर,  रमेश रघुवंशी, वंदना विश्वकर्मा, रेखा बगवैया, छाया यादव, दुर्गा फरेला, प्रीति सक्सेना,  निर्मलदास बैरागी , सचिन शर्मा ,रामसिह भिलाला सहित बड़ी संख्या में संस्कृतभारती कार्यकर्ता उपस्थित थे .


जिला आपूर्ति अधिकारी ने किया साइलो का निरीक्षण


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जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूँ की खरीदी  का कार्य 04 अप्रैल से प्रारंभ किया जा रहा है। कलेक्टर श्री चन्द्र मोहन ठाकुर के निर्देश पर जिला आपूर्ति अधिकारी श्री एसके तिवारी ने उपार्जन की बेहतर व्यवस्थाओं के संबंध में सीहोर साइलो का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने किसानों के पंजीयन, खरीदी केन्द्र की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इसके साथ ही उन्होंनें भंडारण की जानकारी लेते हुए उपार्जन केन्द्र पर बेहतर इंतजाम के लिए आवश्यक व्यवस्थाओ को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिला आपूर्ति अधिकारी श्री तिवारी ने कहा कि उपज लेकर आने वाले किसानों को किसी तरह की कोई परेशानी न हो, इसका ध्यान रखा जाएं। साथ ही उन्होंने किसानों की उपार्जन से जुड़ी समस्यओं का तत्काल निराकरण किए जाने के निर्देश भी दिए।


जिले में आज से शुरू होगी गेहूं की खरीदी  


जिले में आज से समर्थन मूल्य पर गेहूँ की खरीदी  कार्य प्रारंभ की किया जाएगा।  इस वर्ष गेहूँ का समर्थन मूल्य 2015 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है, जो विगत वर्ष से 40 रुपये प्रति क्विंटल अधिक है। किसानो का ही पंजीयन हो सके, इसके लिये शासन द्वारा पंजीयन करने के लिये आधार नम्बर आधारित बायोमेट्रिेक, ओटीपी सत्यापन के आधार पर पंजीयन की व्यवस्था की गई है। इसमें बायोमेट्रिक सत्यापन के द्वारा पंजीयन किया गया। इसके तहत ऐसे शारीरिक रूप से अक्षम एवं वृद्ध किसान, जिनके पास आधार नम्बर नहीं था, उन्हें नामिनी के माध्यम से पंजीयन की सुविधा उपलब्ध कराई गई थी।


 श्री बाबूलाल नामदेव का निधन


जिला जनसंपर्क कार्यालय सीहोर में पदस्थ श्री हरिओम नामदेव के पिता श्री बाबूलाल नामदेव का 02 अप्रैल रात्री 100 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। उनका अंतिम संस्कार 3 अप्रैल को किया गया। उनके परिवार में दो पुत्र एवं 05 पौते है। जनसंपर्क परिवार द्वारा शोक संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए तथा परिवार को यह दुख सहन करने की शक्ति  प्रदान करने के लिए ईश्वर से प्रार्थना की गई।


नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म करने वाले आरोपी को दोहरे आजीवन कारावास की सजा

  •  ढाई माह के भीतर नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को मिली सजा  

प्रदेश सरकार महिलाओं एवं नाबालिग बच्चियों के साथ हो रहे अपराधों को लेकर अत्यधिक  संवेदनशील है। साथ ही ऐसे मामलों में पुलिस एवं प्रशासन को त्वरित कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए है। ताकि अपराधियो को जल्द से जल्द सजा दिलाई जा सके। इछावर में नाबालिग बच्ची के मामले में पुलिस तथा प्रशासन ने तत्परता से कार्यवाही की तथा ढाई माह के भीतर ही दुष्कर्म करने वाले आरोपी को दोहरे आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। दस साल की नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म कर जान से मारने की नियत से कुए में फेकने वाले आरोपी इछावर के ग्राम दुदलई निवासी अभियुक्त रमेश चंद्र मोगिया को सीहोर न्यायालय के विशेष न्यायाधीश श्री अशोक भारद्वाज ने धारा 376 ए.बी. 307 भादवि, एवं 5एम/6 पॉक्सो एक्ट में अभियोजन के तर्कों से सहमत होकर दोहरे आजीवन करावास (शेष प्राकृतिक जीवन काल तक)  एवं 11 हज़ार रुपए के अर्थदंड से दण्डित किया। शासन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक कैदार सिंह कौरव ने की।


घटना का संक्षिप्त विवरण -

घटना दिनांक 14 जनवरी 2022 की है जब बच्ची गांव से बाहर साइकिल चलाने के लिए गई थी। शाम को करीब 06.30 बजे जब वह साइकिल चला रही थी तब रमेशचंद्र ने बच्ची को तीतर दिखाने के बहाने रामू काका के कुए पर ले गया और बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। जब बच्ची ने रोते हुए पूरी बात अपनी मां को बताने के लिए कहा तब आरोपी रमेशचंद्र ने बच्ची को जान से मारने की नियत से 40 फिट गहरे कुए में फेंक दिया। कुए के गहरे पानी से अपनी जान बचाते हुए बच्ची मोटर का तार पकड़कर किनारे पर आई और कराह पर चढ़कर चिल्लाती रही। करीब आधे घंटे बाद उसे ढूंढते हुए जब परिजन आए तो उन्होंने चिल्लाने की आवाज सुनकर बच्ची को कुएं से निकाला एवं अस्पताल ले जाकर इलाज करवाया। बच्ची की रिपोर्ट पर इछावर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ ज्यादती, पाक्सो एक्ट सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर अनुसंधान पूर्ण कर चालान न्यायालय में पेश किया।


 श्री बाबूलाल नामदेव का निधन


जिला जनसंपर्क कार्यालय सीहोर में पदस्थ श्री हरिओम नामदेव के पिता श्री बाबूलाल नामदेव का 02 अप्रैल रात्री 100 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। उनका अंतिम संस्कार आज 3 अप्रैल को किया गया । उनके परिवार में दो पुत्र एवं 05 पौते है। जनसंपर्क परिवार द्वारा शोक संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए तथा परिवार को यह दुख सहन करने की शक्ति  प्रदान करने के लिए ईश्वर से प्रार्थना की गई।


जिले में 03 अप्रैल को कोई व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव नही


जिले में 03 अप्रैल को प्राप्त रिपोर्ट में किसी भी व्यक्ति की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव नही आई हैं। वर्तमान में एक्टिव पॉजिटिव केस की संख्या 03 हो गई है।


पुलिस विभाग में भर्ती के लिए शारीरिक दक्षता प्रशिक्षण आज से


खेल और युवा कल्याण विभाग के निर्देश पर हॉल ही में पुलिस विभाग में आरक्षकों की भर्ती के लिए लिखित परीक्षा में उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को शारीरिक दक्षता परीक्षण दिया जाना है। अभ्यर्थियों को शारीरिक दक्षता प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए जिले के अनेक स्थानों पर प्रशिक्षकों द्वारा 4 अप्रैल से प्रातः 6.00 से 8.00 बजे तक प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के लिए नोडल अधिकारियो को नियुक्त किया गया है। चर्च ग्राउण्ड सीहोर में प्रशिक्षण के लिए श्री अताउल्ला खान व्यायाम शिक्षक आवासीय खेल कूद संस्था 9826742425, खेल परिसर नसरुल्लागंज में श्री नीलमणी सिंह सेंगर शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नसरुल्लागंज 9425361327, खेल परिसर बुधनी में श्री गोपाल सिंह चौहान शासकीय उत्कृष्ट उ.मा. विद्यालय बुधनी 9981487755, गंजीबढ़ खेल मैदान इछावर में श्री राजेश मालवीय शासकीय उत्कष्ट उमावि इछावर 9039034213, मुखर्जी ग्राउण्ड आष्टा में श्री विनोद यादव शासकीय उत्कृष्ट उमावि आष्टा 7415116650  को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।


18 अप्रैल से प्रारंभ होगी तीर्थदर्शन यात्रा

  • तीर्थ दर्शन यात्रा के लिए सभी जनपदो में लिए जाएंगे आवेदन, तीर्थदर्शन यात्रा के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 07 अप्रैल

मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना के तहत तीर्थ यात्रा 18 अप्रैल से प्रारंभ होकर 21 अप्रैल तक संचालित की जाएगी। इस तीर्थदर्शन यात्रा में सीहोर, भोपाल, रायसेन तथा विदिशा जिले के तीर्थ यात्री शामिल होगें। तीर्थ दर्शन यात्रा ट्रेन भोपाल (रानी कमलापति) से विदिशा होते हुए काशी तक यात्रा करेगी। सीहोर एवं रायसेन जिले के यात्रियों का बोर्डिंग भोपाल (रानी कमलापति) स्टेशन होगा। यात्रा के लिए 60 वर्ष या उससे अधिक आयु (महिलाओं के लिए 02 वर्ष छूट) के नागरिक अपने निकटतम तहसील, स्थानीय निकाय एवं जनपद कार्यालयों में 07 अप्रैल तक आवेदन कर सकेंगे। तीर्थ यात्रियो को विशेष ट्रेन द्वारा प्रस्थान स्टेशन से लेकर यात्रियों को वापस उसी स्टेशन पर पहुचाने की जिम्मेदारी IRCTC की रहेगी एवं यात्रा के दौरान यात्रियों को भोजन, नाश्ता एवं चाय आदि IRCTC उपलब्ध करायेगा। यात्रियों के रूकने की व्यवस्था, उन्हें तीर्थ स्थल तक बसों द्वारा ले जाने, वापस ट्रेन में लाने एवं गाइड आदि की व्यवस्था भी IRCTC करेगा। ट्रेन जिन-जिन स्टेशनों से प्रारंभ होगी एवं रुकेगी वहाँ तक यात्री को स्वयं अपने व्यय से आना होगा। उसके पश्चात यात्रा हेतु कोई शुल्क देय नहीं होगा। परन्तु यदि कोई यात्री विशिष्ठ सुविधा का लाभ प्राप्त करता है, उसका व्यय यात्री स्वयं वहन करेगा। यात्रियों से अपेक्षा है कि वे मौसम के अनुरूप वस्त्र, ऊनी वस्त्र, व्यक्तिगत उपयोग की सामग्री यथा कंबल, चादर, तौलिया, साबुन, कंघा, दाढ़ी बनाने का सामान आदि साथ में रखे। तीर्थ यात्री अपने साथ ओरीजनल आधार कार्ड, वोटर कार्ड एवं वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट की छायाप्रति अनिवार्य रूप से रखें। आवेदक एक या एक से अधिक स्थान के लिये यात्रा के लिए आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। परन्तु वह केवल एक ही स्थान की यात्रा कर सकेगा। यदि लाटरी में एक से अधिक स्थानों की यात्रा के लिए आवेदक का चयन होता है तब जिस स्थान की यात्रा में उसका नाम चयन सूची में ऊपर है उस स्थान के लिये उसे चयनित समझा जाएगा। यदि किसी व्यक्ति का चयन किसी यात्रा के लिये हो जाता है और यदि उसके पश्चात आयोजित होने वाली यात्रा की चयन सूची में भी उसका नाम है तब बाद वाली चयन सूची से उसका नाम हटा दिया जायेगा।

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