झाबुआ (मध्य प्रदेश) की खबर 28 अप्रैल - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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गुरुवार, 28 अप्रैल 2022

झाबुआ (मध्य प्रदेश) की खबर 28 अप्रैल

धर्मांतरित होकर आरक्षण प्राप्त करने वालो के खिलाफ जनजाति सुरक्षा मंच का अभियान सत्त रहेगा जारी -ः जिला संगठन मंत्री गणपत मुनिया

  • अभियान के तहत पूरे देश में 700 से अधिक जातियों को किया जाएगा शामिल -ः शांतिलाल बिलवाल
  • 30 अप्रेल को डिस्टींग को लेकर हो रहे आयोजन की वृहद स्तर पर जिले में चल रहीं तैयारियां

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झाबुआ। 30 अप्रेल, शनिवार को जिला मुख्यालय झाबुआ पर जनजाति सुरक्षा मोर्चा के बेनर तले सकल हिन्दू समाज का महाकुंभ स्थानीय उत्कृष्ट विद्यालय मैदान पर होना है। यहां दोपहर में महासभा बाद महारैली भी निकाली जाएगी। जिसमें जिले के ख्यातनाम संतों की उपस्थिति के साथ देश के झारखंड राज्य से विद्धान वक्ता सभा को संबोधित करेंगे। बाद यहां से शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए महारैली निकाली जाएगी। जिसका समापन शहर के राजगढ़ नाका गरबा ग्राउंड पर होगा। उक्त आयोजन की तैयारियां जोर-शोर से की जा रहीं है। इसी बीच 28 अप्रेल, गुरूवार को स्थानीय गोपाल कॉलोनी स्थित वनवासी कल्याण आश्रम पर आयोजित संक्षिप्त भेंट वार्ता में वनवासी कल्याण परिषद् के जिला संगठन मंत्री गणपत मुनिया ने बताया कि देश में वर्षों से जनजाति समाज के धर्मांतरण का काला खेल चला आ रहा है। देश की 700 से अधिक जनजातियों के विकास एवं उन्नति के लिए संविधान निर्माताओं ने आरक्षण एवं अन्य सुविधाओं का प्रावधान किया था, लेकिन इन सुविधाओं का लाभ उन जनजातियों के स्थान पर वे लोग उठा रहे है, जो अपनी जाति छोड़कर दूसरे धर्म को अपना चुके है। जनजातियों को यह सुविधाएं एवं अधिकार अपनी संस्कृति, आस्था, परंपरा की सुरक्षा करने एवं विकास करने हेतु तथा सशक्त बनाए जाने हेतु प्रदान किए गए थे, किन्तु दुर्भाग्य की बात है कि कुछ धर्मांतरित लोग अपनी संस्कृति, आस्था एवं परंपरा को त्याग कर अन्य धर्मों को अपनाकर उनका चोला ओढ़कर दुहरा लाभ ले रहे है।


स्व. कार्तिक उरावजी ने उठाई थी मांग

वनवासी कल्याण परिषद् से जुड़े कानजी भूरिया ने बताया कि संविधान की इस विसंगति को लेकर वर्ष 1966-67 में जनजाति नेता स्व. कार्तिक उराव ने तत्कालीन प्रधानमंत्री को 235 सांसदों का हस्ताक्षर युक्त ज्ञापन दिया। जिसमें ऐसे लोगांे को आरक्षण एवं अन्य सुविधाआं में तत्काल प्रभाव से मुक्त करने की मांग की। स्व. उराव ने पुनः इस मुद्दे को सन् 1970 में उठाया। उस समय 348 सासंदांे ने ज्ञापन पत्र पर हस्ताक्षर किए। इतने प्रबल समर्थन के बाद भी इस मुद्दे पर कोई कार्रवाई नहंी हुई और यह समस्या आज भी यथावत बनी हुई है।


जनजाति सुरक्षा मंच पूरे देश में उठा रहा मांग

वरिष्ठ शांतिलाल बिलवाल ने बताया कि जनजाति सुरक्षा आज पूरे देशभर में इसकी आजाव उठा रहा है।और सारे देश में इसको लेकर जन-जागरण और आंदोलन करेगा, जब तक कि जनजाति समाज के मूल लोगांे को उनका हक नहंीं मिल जाता। जनजाति सुरक्षा मंच ने पूर्व में भी सन् 2009 में देशभर में 2.8 लाख लोगो का हस्ताक्षर युक्त ज्ञापन तत्कालीन राष्ट्रपति श्रीमती प्रतिभा पाटिल को सौंपा था और सन् 1950 में बनाए गए नियम में संशोधन करने की मांग रखी थी। जनजाति सुरक्षा मंच देशभर में व्यापक जनजागरण, जिला सम्मेलनों के साथ गांव-गांव, घर-घर जाकर इसको लेकर जागरूकता फैलाने का कार्य कर रहा है। यह अभियान ना केवल जनजाति समाज अपितु सकल हिन्दू समाज का अभियान है।


सभी से सहयोग की अपेक्षा

वरिष्ठ शैलेष दुबे ने बताया कि जनजाति सुरक्षा मोर्चा की इस मौलिक मांग को लेकर सकल हिन्दू समाज इसमें सहभागिता करे। हम अलग-अलग जातियों में ना बंटकर एक मंच पर आए। इसको लेकर जनजाति सुरक्षा मंच द्वारा आगामी 30 अप्रेल को दोपहर 1 बजे से उत्कृष्ट विद्यालय मैदान पर किए जा महाकुंभ में सकल हिन्दू समाज, जिसमें समस्त समाजजनों के साथ सभी हिन्दू संगठनों, समस्त सामाजिक-धार्मिक संस्थाआंे को भी सहभागिता कर इसे ऐतिहासिक और सफल बनाना है और इस यह आवाज ना केवल प्रदेश अपितु पूरे देश में बुलंद करना है।


यह रहेगा पूरा कार्यक्रम

पूरे कार्यक्रम पर प्रकाश डालते हुए वरिष्ठ ओमप्रकाश शर्मा ने बताया कि 30 अप्रेल को दोपहर 12 बज सेे सकल हिन्दू समाज का एकीकरण झाबुआ के उत्कृष्ट विद्यालय मैदान पर होगा। यहां सर्वप्रथम महासभा का आयोजन होना है। जिसमें जिले के प्रसिद्ध एवं ख्यातनाम संतों का मार्गदर्शन और झारखंड के पधारे विशेष वक्ता एवं स्थानीय वक्ता का निर्धारित विषय पर उद्बोधन बाद यहां से महारैली का आगाज होगा। महारैली बस स्टेंड स्थित फव्वारा चौक, मेन बाजार, थांदला गेट, बाबेल चौराहा, आजाद चौक, राजवाड़ा, कालिका माता मंदिर परिसर, नेहरू मार्ग, डीआरपी लाईन तिराहा होते हुए राजगढ़ नाका गरबा ग्राउंड पर समापन होगा।


जगह-जगह रहेगी स्वागत व्यवस्था

जगह-जगह स्वागत-सत्कार की व्यवस्था भी विभिन्न संस्थाओं और संगठनों की ओर से रहेगी। धर्मांतरण के विरोध में सकल हिन्दू समाज एक मंच एवं एक जाजम पर नजर आएगा। उक्त कार्यक्रम का संचालन युवा अर्पित कटकानी ने किया। इस अवसर पर दिपेश बबलू सकलेचा, हेमेन्द्र नाना राठौर, योगेन्द्र नाहर, दौलत गोलानी आदि भी उपस्थित थे।


मुमुक्षु विनयकुमार चपड़ोद का निकला वरघोड़ा किया वर्षीदान - सकल संघ ने किया बहुमान

  • मुमुक्षु भाव आने पर जीव संयम मार्ग में प्रविष्ट होने को आतुर होता है - साध्वी संयमप्रभाजी

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थांदला। जय जयकार - दीक्षार्थी की जय जयकार, ये दीक्षार्थी कहा चले - पापाचार मिटाने को जैसे गगन भेदी नारों के मध्य जावरा निवासी मुम्बई के विनय कुमारजी चपड़ोद का विशाल वरघोड़ा उनके ससुराल सुंदरलाल भंसाली के निवास से निकला जो नगर के मुख्य मार्गों में बैंडबाजों के साथ मुमुक्षु द्वारा वर्षीदान करता हुआ स्थानीय पौषध भवन पहुँचा और धर्म सभा में परिवर्तित हो गया इस दौरान उनका जगह जगह बहुमान भी किया गया। पौषध भवन पर विराजित प्रवर्तक श्री जिनेद्रमुनिजी म.सा. की आज्ञानुवर्ती महासतियों की पावन निश्रा में मुमुक्षु की बहुमान सभा का आयोजन हुआ। 


साध्वियों का मंगल आशीर्वाद

भव में अरुचि और मोक्ष में रुचि होना मुमुक्षा भाव है जो मोक्ष के अभिलाषी को होते है और वह उसे पाने के लिए संयम में प्रविष्ट हो जाता है उक्त धर्म प्रेरक प्रवचन साध्वी संयमप्रभाजी म.सा. ने दीक्षार्थी भाई विनय कुमार चपड़ोद के लिए आयोजित बहुमान सभा में कहे। साध्वीश्री ने कहा कि उत्तम वातावरण, उत्तम निमित्त, ज्ञानियों की प्रेरणा व स्वयं का सम्यग चिंतन मुमुक्षा भाव बड़ाने में सहायक तत्व है जबकि प्रबल मोह कर्म व अज्ञान दशा संयम में बाधा उत्पन्न करते है। उन्होनें कहा कि जब जिन शासन गुरुदेव उमेशमुनिजी से किसी ने प्रश्न किया कि संसार में छोड़ने जैसा क्या है ..? तब गुरुदेव ने बड़ी ही सहजता से प्रति प्रश्न किया कि संसार में पकड़ने जैसा क्या है ..? अर्थात संसार में जितने भी दुख है उसका अनन्तवा भाग भी दुख संयम में नही है अपितु संयम में जितना सुख है उसका अनन्तवा भाग सुख भी संसार में नही है। उन्होनें कहा कि जीव जड़ का योग संसार है जबकि जीव पुद्गल का घटाव मोक्ष है जिसे मुमुक्षु विनयकुमारजी ने समझ लिया है वे गुरु चरणों मे समर्पित होकर कषायों का विसर्जन करें व आत्मगुणों का सृजन कर आत्मलक्ष्य को प्राप्त करें। साध्वीजी ने कहा कि वे आज थांदला नगर में बहुमान करवाने नही आये है अपितु स्वयं धन्ना बनकर शालीभद्र रूप भंसाली परिवार को जगाने आये है ताकि इतिहास में जैसे सालें बहनोई अमर हो गए वैसे जिन शासन की सेवा कर सके। उन्होने मुमुक्षु भाई को मंगल आशीर्वाद भी प्रदान किया। इस अवसर पर विराजित निखिलशिलाजी म.सा. ने कहा कि विनयकुमारजी जब थांदला आये थे तब राग के रंग में रंगकर दूल्हा बनकर आये थे व दुल्हन को ले गए थे तब सबने राग के गीत गाये व बधाई दी थी परंतु इस बार वे जब वैराग्य के रंग में रंग कर आए तब सबने इनकी जय जयकार की है बस यही फर्क है संसार व संयम में। उन्होनें कहा कि अज्ञान दशा में संसार बड़ाने की स्थिति बनी जबकि आज ज्ञान दशा में संसार घटाने के भाव जागृत हो गए जिसे जग भी वंदन करता है। उन्होनें विनयकुमारजी के उत्तम भावों की प्रसंशा करते हुए सबसे कहा कि जैसे वेकेशन में सब घूमने जाते है वैसे ही गुरुदेव के सानिध्य में रहने का भी प्लान बनाना चाहिए ताकि ज्ञानदशा का विकास हो सके।


सकल जैन संघ व समाजसेवी संगठन परिवारों ने किया बहुमान

स्थानीय पौषध भवन पर साध्वीजी के मंगल आशीर्वचन के पश्चात थांदला श्रीसंघ के पूर्वाध्यक्ष नगीनलाल शाहजी, प्रकाशचंद्र घोड़ावत, रमेशचंद्र चौधरी, महेश व्होरा आदि ने शाल माला व प्रतीक चिन्ह देकर बहुमान किया वही श्री ललित जैन नवयुवक मंडल अध्यक्ष रवि लोढ़ा, अखिलेश श्रीमाल, संदीप शाहजी ने संघ का अभिनन्दन पत्र भेंट किया। मूर्तिपूजक संघ कि ओर से अध्यक्ष कमलेश दायजी व कमल पीचा, तेरापंथ सभा से अध्यक्ष अरविंद रुनवाल, रतनलाल दक, दिनेश मेहता, संतोष श्रीमाल, दिगम्बर संघ अध्यक्ष अरुण कोठारी, बाबूलाल मिंडा, चंपालाल व्होरा परिवार, कमलेश चौपड़ा परिवार, खिरकिया संघ से दिनेश जैन व सुरेशचंद्र जैन ने बहुमान किया। धर्मलता महिला मंडल अध्यक्षा श्रीमती सुधा शाहजी, अनुपमा श्रीमाल ने धर्म सहायिका श्रीमती जीवनबाला  इस अवसर पर श्री संघ अध्यक्ष जितेंद्र घोड़ावत, श्रीमती भावना बिजावत, स्वाध्यायी भरत भंसाली व ललित भंसाली ने अपने जियाजी को संयम मार्ग पर आरूढ़ होने की बधाई दी व उनके आत्मलक्ष्य की कामना व्यक्त की। उल्लेखनीय है कि मुमुक्षु विनयकुमारजी चपड़ोद वर्तमान में मुम्बई में निवासरत है जो सुंदरलाल भंसाली के जमाई होकर थांदला नगर के दामाद है जो आने वाली 11 जून को गुजरात राज्य के साबरमती (अहमदाबाद) में तपागच्छ आचार्य श्री रामचन्द्रसूरीश्वरजी म.सा. के समुदाय में आचार्य श्री विजय किर्तीयश सूरीश्वरजी म.सा. की पावन निश्रा में संयम अंगीकार करेंगें जिसकी सूचना व आमंत्रण उनके सुपुत्र हिमांशु चपड़ोद ने दी। धर्म सभा का संचालन संघ सचिव प्रदीप गादिया ने किया वही सभा में पूज्य श्री धर्मदास गण परिषद से शैलेश पीपाड़ा, देवेंद्र गादिया, युवा संगठन से प्रवीण विनायक्या, मनीष काठेड़, मिलिंद कोठारी, पूज्य श्री नन्दाचार्य साहित्य समिति से पंकज वागरेचा, कमल चोपड़ा, हेमंत चौपड़ा, ऑल इंडिया जैन जर्नलिस्ट आईजा से पवन नाहर, समकित तलेरा, जितेंद्र सी. घोड़ावत आदि मौजूद थे।


पाप घटाने से मोक्ष मार्ग की रुचि तीव्र हुई - दीक्षार्थी भाई

इस अवसर पर मुमुक्षु विनयकुमारजी ने अपने सम्बोधन में कहा कि आज से 40 वर्ष पहले वे जावरा से मुंबई केवल पैसा कमाने के लिए ही गए थे परंतु जैसे ही वे सद्गुरु संत के सानिध्य में आये तो उनकी प्रेरणा से पाप से पीछे हटने की रुचि जाग्रत हुई जो उनके नियमित सम्पर्क से तीव्र होती गई और आज संयम में परिवर्तित होने जा रही है। आगामी 11 जून से साबरमती से उनकी संयम यात्रा शुरू हो रही है जिसमें उन्होंने सबको मंगल आशीर्वाद के लिए आमंत्रित किया।


प्रदेश में पेंशनर अब किसी भी बैंक शाखा में जीवन प्रमाण-पत्र दे सकेंगे -ः जिलाध्यक्ष गोपालकृष्ण शर्मा,

  • जिले के सभी पेंशनर्स भी ले इस नई व्यवस्था का पूर्ण लाभ -ः जिला सचिव डॉ. विनोद मिश्रा

झाबुआ। सेवानिवृत्त अधिकारी-कर्मचारी पेंशनर्स महासंघ के जिलाध्यक्ष गोपालकृष्ण शर्मा एवं जिला सचिव डॉ. विनोद मिश्रा ने बताया कि हाल ही में सरकार द्वारा संपूर्ण प्रदेश में नई व्यवस्था लागू करते हुए प्रदेशभर के पेंशनरांे को राहत प्रदान करते हुए अब पंेशनरांे को जीवन प्रमाण-पत्र के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। अब पेंशनर मप्र में किसी भी बैंक की शाखा से जीवन प्रमाण-पत्र दे सकेंगे और बैंको को इसे मान्य भी करना होगा। जिलाध्यक्ष श्री शर्मा एवं जिला सचिव डॉ. मिश्रा ने आगे बताया कि पूर्व में पेंशनरों का  जिस बैंक में खाता होता था, उस शाखा में ही वर्ष में एक बार जीवन प्रमाण-पत्र देने की अनिवार्यता थी। इसकी वजह से पेंशनरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। पेंशन संचालनालय द्वारा लागू की गई इस नई व्यवस्था से प्रदेशभर में साढ़े 4 लाख पेंशनरांे को इसका सीधा लाभ प्राप्त होगा। जिस बैंक में पेंशन बनती है, उसे उस तक पहुंचाने की जिम्मेदारी भी संबंधित शाखा की होगी। जिलाध्यक्ष श्री शर्मा एवं जिला सचिव डॉ. मिश्रा ने जिले के पेंशनरों से भी पेंशन संचालनालय की इस नई सुविधा का लाभ लेने हेतु अपील की है।


श्री वल्लभाचार्यजी की जयंती भारत में किसी लोकप्रिय त्योहार से कम नहीं है, अपने सन्देष में पूज्य दिव्येशकुमार जी ने कहा ।

  • श्रद्धा एवं भक्ति के साथ नगर में श्रीमद वल्लभाचार्य का 545 वा प्राकटोत्सव मनाया, नगर  में निकली भव्य शोभायात्रा में सैकडो की संख्या में वैेष्णवजनो ने लिया भाग

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झाबुआ । वैशाख माह में कृष्ण पक्ष की ग्यारहवीं तिथि को वरूथिनी एकादशी के साथ ही श्री वल्लभ आचार्य जयंती भी मनाई जाती है। आचार्य वल्लभ एक दार्शनिक थे। इन्हें पुष्य संप्रदाय का संस्थापक माना जाता है। लोकप्रचलित मान्यातओं के अनुसार वल्लभाचार्य ही वे व्यक्ति थे जिन्हें श्रीनाथ जी के रूप में भगवान श्री कृष्ण से मिलने का अवसर प्राप्त हुआ था। इन्हें अग्नि देवता का पुर्नजन्म माना जाता है। श्री वल्लभ सम्प्रदाय के तहत झाबुआ नगर के हृदय स्थल पर भगवान श्री गोवर्धन नाथ जी की हवेली में भी अखण्ड भूमंडलाचार्य जगद्गुरू महाप्रभू श्रीमद वल्लभाचार्य जी का 545 वां प्राकट्य महोत्सव पूरी श्रद्धा एवं भक्ति के साथ दो दिवसीय आयोजन के साथ मनाया गया । श्री गोवर्धननाथजी मंदिर ट्रस्ट  एवं श्री यमुना मंडल  के साथ ही समस्त वेैष्णवजनों द्वारा पूरी श्रद्धा एवं भक्ति के साथ  भगवान श्री वल्लभाचार्य जी के प्रकाटोत्सव के उपलक्ष्य में  सोमवार  25 अप्रेल को श्री सर्वोत्तम रूत्रोत पाठ के साथ  सायंकाल 5-30 बजे से मोती बंगला शयन दर्शन के आयोजन मे बडी संख्या में वेष्णव भक्तों ने सहभागीता कर धर्म लाभ लिया । इस अवसर पर पण्डित रमेश त्रिवेदी, के नेतृत्व में नाम संर्कीतन के माध्यम से धम्र की बयार बहने लगी। वही मंगलवार 26 अप्रेल वैशाख एकादशी के पावन  अवसर पर प्रातः 9-30 बजे भगवान गोवर्धननाथ मंदिर में आकर्षक नयनाभिराम  झांकी के साथ पलना दर्शन में श्रद्धालुजनों ने भगवान गोवध्रननाथजी के दर्शनलाभ प्राप्त किये। भगवान श्री वल्लभाचार्य की 545 वे प्राकटोत्सव के अवसर पर श्री हवेली जी से  नगर में सायंकाल 6 बजे शोभा यात्रा निकली । भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया । भगवान श्री वल्लभाचार्य को सुसज्जित रथ में बिराजित किया गया । गोवर्ध्रननाथजी की हवेली से बेण्डबाजों के साथ बेंड बाजों पर भजनों एवं धार्मिक गीतों ने जहां नगर में धर्ममय वातावरण पैदा कर दिया वही नगर के मुख्य चौराहों पर महिलाओं ने नृत्य करके अपनी भक्ति भावना की प्रस्तुति दी । नगर मे ंजगह जगह पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया गया । शोभायात्रा में सैकडो की संख्या में वैष्णवजनो एवं यमुनामंडल की महिलाओं ने भागीदारी की । शोभायात्रा नगर भ्रमण के बाद श्री गोवध्रननाथजी की हवेली पर पहूंची । जहां पावन मनोरथ के तहत केसरी बंगला शयन दर्शन का लाभ श्रद्धालुओं द्वारा संगीत मय कीर्तन के साथ किया गया । तत्पश्चात तिलक आरती एवं बधाई कीर्तन का लाभ भी उपस्थित श्रद्धालुओं द्वारा लिया गया । पूज्य श्री दिव्येशकुमार जी के मार्गदर्शन में श्री गोवर्ध्रननाथ जी की हवेली में श्रीमद वल्लभाचार्य जी का प्राकटोत्सव धुमधाम से मनाया गया । पूज्य दिव्येशकुमार जी ने अपने सन्देश में कहा कि श्री कृष्ण भक्ति के भक्तिकालीन प्रणेता श्री वल्लभाचार्य जी की जयंती भारत में किसी लोकप्रिय त्योहार से कम नहीं है। श्री वल्लभाचार्य की जंयती पूरे भारत में धूमधाम से मनाई जाती है। लोकप्रिय पौराणिक धारणा है कि इस दिन भगवान कृष्ण को श्रीनाथजी के रूप में वल्लभाचार्य ने देखा था, जिन्हें पुष्टि संप्रदाय के संस्थापक कहा जाता है। इसलिए, श्रीनाथजी के रूप में भगवान कृष्ण की पूजा की गई और जिसे वल्लभाचार्य ने उचित ठहराया, जो वैष्णव संप्रदाय के सबसे लोकप्रिय संतों में से एक थे। इस तथ्य के कारण, वल्लभाचार्य जयंती हर साल श्री वल्लभाचार्य और भगवान कृष्ण के भक्तों द्वारा बड़े उत्साह और उमंग के साथ मनाई जाती है। इसी कडी में झाबुआ नगर में भी श्रीमद वल्लभाचार्य जी का प्राकटोत्सव परम्परागत रूप  से मनाया गया । श्री दिव्येश कुमार जी के अनुसार वल्लभाचार्य का चिंतन आदि शंकराचार्य के सिद्धांत से पृथक है। शंकाराचार्य के अनुसार ब्रह्म सत्य एवं जगत मिथ्या है। जगत केवल प्रतीती मात्र है। वल्लभाचार्य का दर्शन इससे भिन्न है यहां अस्तित्व और अस्तित्वहीन की लड़ाई में न पड़कर संसार को खेल है। अपने इन सिद्धांतों की स्थापना के लिए वल्लभाचार्य ने तीन बार भारत का भ्रमण किया। यह यात्राएं सिद्धांतों के प्रचार के लिए थीं जो करीब 19 सालों में पूरी हुईं। हिन्दू धर्म में श्रीकृष्ण को पूजने वाले और वल्लभाचार्य जयंती को मनाने वाले बहुत ही हर्षाेल्लाल के साथ वल्लभाचार्य जंयती मनाते हैं। भक्त लोग इस दिन श्री नाथ जी के मंदिर में जाकर विशेषतौर पर पूजा अर्चना करते हैं। साथ ही श्री नाथ जी के मंदिर में इस दिन को बहुत ही उत्साहपूर्वक पर्व की भांति मनाया जाता है।


ऑल इन वन ग्रुप झाबुआ द्वारा संस्था के 3 वर्ष पूर्ण होने पर निःशुल्क हस्त शिल्प कला प्रदर्शनी का होगा आयोजन, शहरवासियांे से अवलोकन करने हेतु अपील


झाबुआ। ऑल इन वन ग्रुप झाबुआ द्वारा संस्था के 3 वर्ष सफलतापूर्वक पूर्ण होने पर निःशुल्क हस्त शिल्प कला प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें ग्रुप की संस्थापक योगिता पांडे द्वारा निर्मित की गई हस्त कलाओं की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। उक्त आयोजन में विशेष सहयोग लोक रंग संस्था द्वारा प्रदान किया जाएगा। जानकारी देते हुए ऑल इन वन संस्था की संचालक श्रीमती योगिता आशीष पांडे ने बताया कि 1 मई को अंर्तराष्ट्रीय मजदूर दिवस के उपलक्ष में स्वयं द्वारा निर्मित करीब 50 से अधिक वस्तुओं की उनके द्वारा स्थानीय केशव नगर स्थित लोक रंग संस्था पर प्रदर्शनी आमजनों के अवलोकनार्थ लगाई जाएगी। जिसको समय दोपहर 11 से शाम 5 बजे तक रहेगा। इस दौरान शहर का कोई भी व्यक्ति संस्था पर आकर प्रदर्शनी का अवलोकन कर सकता है। ज्ञातव्य रहे कि योगिता पांडे अपनी स्वरूचि अनुसार सत्त रचनात्मक कार्य करने के साथ विभिन्न सामग्रीयों का निर्माण भी स्वयं करती है। जिसमें उनके परिवारजनांे द्वारा भी उनका सहयोग प्रदान किया जाता है।


ईसाइ समुदाय ने प्रशासन को सौंपा ज्ञापन


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झाबुआ। ईसाइ समुदाय द्वारा अनुविभागीय दंडाधिकारी को, दिनांक 30.04.22 को जनजाति सुरक्षा मंच एवं अन्य हिन्दु संगठनों द्वारा निकाली जाने वाली रैली एवं सभा के संदर्भ में ज्ञापन दिया गया। ज्ञापन में ईसाइ समुदाय द्वारा यह मांग की गई कि रैली व सभा में किसी भी प्रकार का भडकाउ नारे व भाषण ईसाइ समाज के विरोध में न किए जाये। जिससे जिले की साम्प्रदायिक सद्भावना बनी रहे। पिछले दिनों देश के कई स्थानों पर घटित घटनाओं को द्रष्टिगत रखते हुए उक्त रैली का मार्ग शासन स्वयं तय करे। जिससे की समुदाय में किसी भी प्रकार का भय एवं अप्रिय घटना घटित न हो। ऐसा विश्वास प्रशासन के प्रति बना रहे। यह आशा ईसाई समुदाय करता है। इसी के कारण चर्च परिसर एवं ईसाइ समुदाय के जान माल की संपूर्ण जवाबदारी प्रशासन व पुलिस प्रशासन तय करें। साथ ही आजाद प्रेमसिंह डामोर द्वारा रैली के पुर्व में साम्प्रदायिक सदभाव बिगाडने हेतु ईसाइ समाज के विरूद्ध भडकाउ पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल की जा रही है। जबकि बिते दिनों कलेक्टर महोदय के आदेशानुसार सोशल मीडिया पर किसी भी जाति व धर्म के विरूद्ध सोशल मीडिया पर भडकाउ पोस्ट करता है यह दंडनिय अपराध है।  अतः महोदय से निवेदन है कि ईसाइ समाज मांग करता है कि शासन प्रशासन स्वयं संज्ञान लेते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाही की जाने की मांग करता है। ज्ञापन सौंपते समय जेरोम वाखला, राजु डामोर, पेट्रीक गणावा, आशीष भूरिया, मार्टिन डामोर, शीला भूरिया, सरोज स्वामी, शीला मकवाना, सुनिल भूरिया, जेम्स सिंगाडिया,  माईकल डामोर  विवेक मेडा व बडी संख्या में समाजजन उपस्थित थे। उक्त जानकारी डायोसिस पीआरओ रॉकी शाह ने दी।

पेयजल समस्याग्रस्त ग्रामों एवं शहर के वार्डो का तत्काल भ्रमण कर समस्या का निराकरण करें

  • जिला अधिकारी अपने भ्रमण के समय प्रधानमंत्री आवास योजना, पेयजल, उचित मूल्य की दुकान का आकस्मिक निरीक्षण अनिवार्य रूप से करें- कलेक्टर

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झाबुआ,। कलेक्टर श्री सोेमेश मिश्रा की अध्यक्षता में पेयजल की समस्या के निराकरण हेतु समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिसमें जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सिद्धार्थ जैन, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्री एल.एन.गर्ग, कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी श्री जितेन्द्र मावी, शहरी विकास अभिकरण से श्री एल.एस.डोडिया, नगरपालिका के समस्त मुख्य नगरपालिका अधिकारी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत समस्त उपस्थित थे। श्री मिश्रा ने निर्देश दिए की इस बार जनसुनवाई में 12 आवेदन केवल पेयजल समस्या से संबंधित थे। इन प्रकरणों में तत्काल फिल्ड में जाकर समस्या का निराकरण करें। इस संबंध में जिला स्तर, ब्लाक स्तर पर तत्काल ही कन्ट्रोल रूप की स्थापना की जा रही है। सभी जिला अधिकारी अपने भ्रमण पर जिस गांव में जा रहे है। वहां पेयजल के संबंध में आमजन से जरूर चर्चा करे। समस्याग्रस्त पाए जाने पर तत्काल कार्यवाही सुनिश्चित करेंगे। पेयजल प्रभावित गांव में समस्या का निराकरण करने के लिए संवेदनशीलता के साथ जिम्मेदारी से निराकरण करे। शहर के हर वार्डो में हैण्डपम्प की समीक्षा करें। जितने बन्द है। किस कारण  बन्द है यदि गहरीकरण किया जा सकता है तो तत्काल किया जाए। ट्यूबेल जो शासकीय है उनका उपयोग किया जाए। यदि आवश्यकता पडे और पेयजल की गम्भीर समस्या हो तो निजी भी अधिग्रहित किया जा सकता है। जिला अधिकारी अपने क्षेत्र का भ्रमण करते समय प्रधानमंत्री आवास योजना के अपूर्ण आवासों को देखें एवं चिन्हांकित करें की किस कारण से अपूर्ण है एवं किस तरह पूर्ण किया जा सकता है। ग्रामीणों से चर्चा करे की पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता है या नहीं समस्याग्रस्त होने पर तत्काल कार्यवाही की जाना सुनिश्चित करेंगे। संजीवनी हैल्थ कैम्प में कितने आयुष्मान कार्ड बने हैं। कितने शेष रह रहे है इसकी भी समीक्षा उस ग्राम में की जावे। भ्रमण के दौरान फोटो और वीडियों लेकर डिस्ट्रीक पीआरओ ग्रुप में अनिवार्य रूप से पोस्ट कि जावे। जिस तरह उचित मूल्य की दुकान में राशन वितरण जिस गांव में हो रहा है पोस्ट की जा रही है इससे पता चलता है कि राशन ग्रामीणों को प्राप्त हो रहा है। चलित वाहन सही काम कर रही है। ऐसे प्रयास आपके विभाग से भी होना चाहिए।


4 लाख की आर्थिक सहायता स्वीकृत


झाबुआ,। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) अनुभाग मेघनगर जिला झाबुआ ने मेघनगर तहसील के ग्राम मोरझरी के मृतक रणछोड पिता मकन वडखिया उम्र 06 वर्ष की 17 मार्च 2022 को पानी में डुबने से मृत्यु हो जाने पर तहसीलदार मेघनगर द्वारा पटवारी रिपोर्ट, थाना प्रभारी से प्रथम सूचना रिपोर्ट, पी.एस.रिपोर्ट के परीक्षण उपरान्त राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के प्रावधानों के तहत 4 लाख रूपये की आर्थिक अनुदान सहायता राशि स्वीकृत की है। यह आर्थिक सहायता मृतक के निकटतम वैद्य वारिश उनके पिता श्री मकन पिता भूरका वडखिया निवासी मोरझरी तहसील मेघनगर को दी जावेगी।


4 लाख की आर्थिक सहायता स्वीकृत


झाबुआ। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) अनुभाग मेघनगर जिला झाबुआ ने मेघनगर तहसील के ग्राम नाहरपुरा के मृतक शिवराज पिता कमलेश गणावा उम्र 08 वर्ष की 13 मार्च 2022 को तालाब के पानी में डुबने से मृत्यु हो जाने पर तहसीलदार मेघनगर द्वारा पटवारी रिपोर्ट, थाना प्रभारी से प्रथम सूचना रिपोर्ट, पी.एस.रिपोर्ट के परीक्षण उपरान्त राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के प्रावधानों के तहत 4 लाख रूपये की आर्थिक अनुदान सहायता राशि स्वीकृत की है। यह आर्थिक सहायता मृतक के निकटतम वारिश उसके पिता श्री कमलेश पिता मकना गणावा निवासी नाहरपुरा तहसील मेघनगर को दी जावेगी।


4 लाख की आर्थिक सहायता स्वीकृत


झाबुआ। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) अनुभाग मेघनगर जिला झाबुआ ने मेघनगर तहसील के ग्राम केशरपुरा के मृतक सबला पिता सीका वसुनिया उम्र 28 वर्ष की 13 मार्च 2022 को सर्पदशः से मृत्यु हो जाने पर तहसीलदार मेघनगर द्वारा पटवारी रिपोर्ट, थाना प्रभारी से प्रथम सूचना रिपोर्ट, पी.एस.रिपोर्ट के परीक्षण उपरान्त राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के प्रावधानों के तहत 4 लाख रूपये की आर्थिक अनुदान सहायता राशि स्वीकृत की है। यह आर्थिक सहायता मृतक के निकटतम वैद्य वारिश में उसकी पत्नी काली बैवा सबला निवासी ग्राम केशरपुरा तहसील मेघनगर को दी जावेगी।


4 लाख की आर्थिक सहायता स्वीकृत


झाबुआ,। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) अनुभाग मेघनगर जिला झाबुआ ने मेघनगर तहसील के निवासी ग्राम मदरानी के मृतक शालोम पिता समसू निनामा उम्र 07 वर्ष की 28 मार्च 2022 को कुॅए के पानी में डुबने से मृत्यु हो जाने पर तहसीलदार मेघनगर द्वारा पटवारी रिपोर्ट, थाना प्रभारी से प्रथम सूचना रिपोर्ट, पी.एस.रिपोर्ट के परीक्षण उपरान्त राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के प्रावधानों के तहत 4 लाख रूपये की आर्थिक अनुदान सहायता राशि स्वीकृत की है। यह आर्थिक सहायता मृतक के निकटतम वैद्य वारिश उसके पिता श्री समसू पिता नरसिंग निनामा निवासी मदरानी तहसील मेघनगर को दी जावेगी।


4 लाख की आर्थिक सहायता स्वीकृत


झाबुआ,। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) अनुभाग मेघनगर जिला झाबुआ ने मेघनगर तहसील के निवासी ग्राम तोरनिया के मृतक सारिका पति पतरस भूरिया उम्र 25 वर्ष की 26 फरवरी 2022 को कुॅए के पानी में डुबने से मृत्यु हो जाने पर तहसीलदार मेघनगर द्वारा पटवारी रिपोर्ट, थाना प्रभारी से प्रथम सूचना रिपोर्ट, पी.एस.रिपोर्ट के परीक्षण उपरान्त राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के प्रावधानों के तहत 4 लाख रूपये की आर्थिक अनुदान सहायता राशि स्वीकृत की है। यह आर्थिक सहायता मृतक के निकटतम वैद्य वारिश उसके पति पतरस पिता श्री रमू भूरिया निवासी तोरनिया तहसील मेघनगर को दी जावेगी।


4 लाख की आर्थिक सहायता स्वीकृत


झाबुआ। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) अनुभाग पेटलावद जिला झाबुआ ने पेटलावद तहसील के निवासी ग्राम सेमलकुण्डिया के मृतक सोवना पिता मुन्ना भुरिया की 12 फरवरी 2021 को कुॅए के पानी में डुबने से मृत्यु हो जाने पर तहसीलदार पेटलावद के जांच प्रतिवेदन से सहमत होते हुए राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के प्रावधानों के तहत 4 लाख रूपये की आर्थिक अनुदान सहायता राशि स्वीकृत की है। यह आर्थिक सहायता मृतक के निकटतम वैद्य वारिश उनकी माता श्रीमती जहमा पति मुन्ना, निवासी सेमलकुण्डिया तहसील पेटलावद को दी जावेगी।


आयोग आपके द्वार : मप्र मानव अधिकार आयोग ने झाबुआ में की मानवाधिकार हनन के 16 मामलों की सुनवाई

  • दस मामले निराकृत, दो में पुनः प्रतिवेदन, दो अन्य मामलों में आवेदकों से प्रतिक्रिया मांगी, मौके पर मिले दो नये मामलों में अगले 15 दिन में कार्यवाही करने के निर्देश दिये

 

jhabua news
झाबुआ। मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने आयोग आपके द्वार कार्यक्रम के तहत गुरूवार, 28 अप्रैल 2022 को कलेक्टर कार्यालय, झाबुआ के सभाकक्ष में मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग में झाबुआ जिले के पहले से लंबित एवं मौके पर प्राप्त नये कुल 16 मामलों की सीधी सुनवाई की। आयोग के माननीय अध्यक्ष न्यायमूर्ति श्री नरेन्द्र कुमार जैन एवं माननीय सदस्य श्री सरबजीत सिंह ने आवेदकों व जिलाधिकारियों से रूबरू होकर मानवाधिकार मामलों की सीधी सुनवाई की। इस अवसर पर कलेक्टर झाबुआ श्री सोमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक श्री आशुतोष गुप्ता, सीईओ जिला पंचायत श्री सिद्धार्थ जैन, मप्र मानव अधिकार आयोग में उप सचिव एवं झाबुआ जिले के मामलों के प्रस्तुतकर्ता अधिकारी श्री सुनील कुमार जैन, डीएफओ झाबुआ श्री एचएस ठाकुर, झाबुआ के अपर कलेक्टर श्री जेएस बघेल, संयुक्त कलेक्टर श्री सुनील झा, एसडीएम झाबुआ श्री लक्ष्मीनारायण गर्ग सहित मानव अधिकार हनन के लंबित मामलों से जुड़े विभागों के अन्य सभी जिलाधिकारीगण एवं संबंधित मामलों के आवेदकगण भी मौजूद थे। मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग के माननीय अध्यक्ष एवं सदस्य द्वारा यहां झाबुआ जिले के पहले से लंबित 14 एवं मौके पर प्राप्त 02 नये आवेदनों सहित कुल 16 प्रकरणों की सीधी जनसुनवाई की गई। आयोग द्वारा पहले से लंबित 14 मामलों में से कुल 10 मामलों का मौके पर ही अंतिम निराकरण कर दिया गया। आयोग द्वारा पहले से लंबित एवं निराकरण से शेष रहे 02 प्रकरणों में नये तथ्यों की क्वेरी लगाकर संबंधित पुलिस अधिकारियों को मामले की और अधिक गंभीरतापूर्वक जांचकर पुनः प्रतिवेदन देने को कहा गया। दो अन्य मामलों में आयोग को प्रतिवेदन प्राप्त हो चुका है, जिसकी कॉपी जनसुनवाई स्थल पर ही आवेदकों को देकर उनकी प्रतिक्रिया मांगी गई। इसी प्रकार मौके पर 02 नये प्रकरण भी मिले। इनमें से एक प्रकरण पेंशन दिलाने से संबंधित था, दूसरा प्रकरण अपने बच्चे के इलाज के लिये राज्य शासन से आर्थिक मदद मांगने से संबंधित था। आयोग द्वारा ये प्रकरण कलेक्टर झाबुआ को देकर दोनों ही प्रकरणों में अगले 15 दिन के अंदर कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये। मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्य 29 अप्रैल को अलीराजपुर में वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण करेंगे मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग के माननीय अध्यक्ष न्यायमूर्ति श्री नरेन्द्र कुमार जैन एवं माननीय सदस्य श्री सरबजीत सिंह शुक्रवार (29 अप्रैल) को वन स्टॉप सेंटर (सखी केन्द्र) अलीराजपुर का निरीक्षण करेंगे।


जिला उद्योग केंद्र झाबुआ के द्वारा आईटीआई झाबुआ में मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के प्रचार प्रसार हेतु 1 दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया


झाबुआ,। जिला उद्योग केंद्र झाबुआ के द्वारा आईटीआई झाबुआ में मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के प्रचार प्रसार हेतु 01 दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम मे आईटीआई झाबुआ के पिं्रसिपल श्री मोहन सिंह गरवाल, जिला उद्योग केन्द्र झाबुआ की प्रबंधक सुश्री पिंकी डिंडोर, सहायक प्रबंधक श्री संजीव जैन, सेडमैप के जिला समन्वयक श्री कैलाश कर्मा आदि ने मुख्यमंत्री उद्यम क्रान्ति योजना के प्रचार प्रसार व ऋण आवेदन बनाने हेतु प्रशिक्षण के माध्यम से प्रशिक्षणार्थीयो को प्रेरित किया, तथाशासनकीलाभकारीयोजनाओंके लाभ से अवगत कराया कार्यक्रम की अध्यक्षता आईटीआई पिं्रसिपल श्री मोहनसिंह गरवाल ने की व संचालन सेडमैप के जिला समन्वयक श्री कैलाश कर्मा ने किया।


राज्य स्तरीय कार्यषाला 21 अप्रैल के प्रतिवेदन के आधार पर

  • कलेक्टर महोदय की अभिनव पहल ‘‘अ‘‘ से अक्षर अभियान की राज्य शासन के द्वारा सराहना की गई झाबुआ मॉडल को पूरे प्रदेष में लागू करने के निर्देश शासन के द्वारा

झाबुआ,।   दिनांक 21 अप्रैल, 2022 को राज्य स्तरीय कार्यषाला में नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के व्यवस्थित संचालन के संबंध मंे दिये गये निर्देषों के अनुसार जिले में साक्षरता दर बढाने के लिये समस्त शहरीय एवं ग्रामीण क्षैत्रों में 15 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के वयस्क, जो औपचारिक षिक्षा प्राप्त नहीं कर पाये एवं औपचारिक षिक्षा प्राप्त करने की उम्र पार कर चुके है, उनकी निरक्षरता उन्मूलन के लिए अप्रैल से नव भारत साक्षरता कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। जिलेवार कार्य योजना तैयार कर कार्यक्रम की समीक्षा की गई। झाबुआ जिले से प्रभारी प्रौढ षिक्षा अधिकारी श्री जगदीष सिसोदिया ने जिले में चलाये जा रहे अ से अक्षर अभियान गतिविधियों का प्रस्तुतीकरण किया। कलेक्टर श्री सोमेष मिश्रा के मार्ग दर्षन में झाबुआ जिले में प्रारम्भ किये गये अ से अक्षर अभियान की समीक्षा संचालक महोदय श्री धनराजू एस. द्वारा की गई झाबुआ जिले  के प्रस्तुतीकरण के आधार पर झाबुआ मॉडल को पूरे प्रदेष में लागू करने के निम्नानुसार निर्देष दिये गये कि पूरे प्रदेष में 26 मार्च को आयोजित परीक्षा में सबसे अधिक नव साक्षर परीक्षा में सम्मिलित हुए झाबुआ जिला पूरे प्रदेष में प्रथम स्थान पर है।  प्रत्येक सामाजिक चेतना केन्द्र में झाबुआ जिले में, विकसित की गई पठन-पाठन सामग्री (आखर पेटी) की तरह सामग्री अनिवार्य रूप से रखी जाए। इच वन-टीच वन के आधार पर हायर ेसेकेण्ड्री स्कूल एवं महा विघालयों में अध्यनरत छात्रों के माध्यम से मेरा परिवार साक्षर परिवार अभियान के रूप में चलाया जाए। समस्त एनजीओ, अषासकीय विधालयों एवं महा विघालयों को एक-एक ग्राम पंचायत/ग्राम को पूर्ण साक्षर करने की जिम्मेदारी दी जाए तथा मेरा ग्राम पूर्ण साक्षर अभियान के रूप में चलाया जाकर जिले के समस्त ग्रामों को पूर्ण साक्षर किया जाए। प्रौढ षिक्षा एप्प मंे जिले के समस्त अक्षर साथियों एवं षिक्षार्थीयों का पंजीयन किया जाना सुनिष्चत किया जाए। संचालक महोदय के द्वारा निर्देषित किया गया कि झाबुआ जिले में चलाये जा रही साक्षरता कार्यक्रम की तर्ज पर सभी जिले यह सुनिष्चत करे कि अभियान जन अभियान के रूप में संचालित किया जाए। प्रत्येक बीईओ, बीआरसी, बीएसी, साक्षरता समन्वयक, हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्ड्री के षिक्षको  का एक दिवसीय प्रषिक्षण किया जावे।


चर्चा के बिन्दु

षिक्षा मंे मूल्य एवं समाज में समग्र विकास की अवधारणा। षिक्षित व्यक्ति की समाज में भूमिका। समाज के प्रति षिक्षक की जिम्मेदारी और भागीदारी विषय पर विस्तृत चर्चा । प्रौढ षिक्षा मनोविज्ञान एवं प्रौढो के सीखने के तरीकों पर विस्तृत चर्चा। टी.एल.बैठक एवं विभागीय बैठको में साक्षरता कार्यक्रम के संबंध में प्राथमिकता के आधार पर गंभीरता से चर्चा की जाए। समस्त प्रौढ षिक्षा अधिकारी यह सुनिष्चित करे कि विभागो से समन्वय बनाकर साक्षरता कार्यक्रम के संबंध में जिले में चलाई जा रही गतिविधियों की जानकारी प्रत्येक विभाग को अवगत करावे तथा जिले में सम्पूर्ण साक्षरता का वातावरण बनाने में सभी का सहयोग लेना सुनिष्चित करें। साक्षरता कार्यक्रम में उत्साह पूर्वक कार्य करने वाले अक्षर साथियों तथा संस्था को जिला स्तर एवं विकास खण्ड स्तर पर सम्मानित किया जाना सुनिष्चित करे। समस्त एनजीओ, एन.आर.एल.एम.,जन अभियान परिषद, नेहरू युवा केन्द्र, आनन्द विभाग के कार्यकर्ताओं एवं महा विद्यालयों के प्राध्यापको की एक दिवसीय कार्यषाला रखी गई।

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