अयोध्या में हर संप्रदाय को मठ-धर्मशाला के लिए मिलेगी जमीन : योगी - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शुक्रवार, 13 मई 2022

अयोध्या में हर संप्रदाय को मठ-धर्मशाला के लिए मिलेगी जमीन : योगी

  • पंथ और संप्रदाय विभाजन के लिए नहीं, वसुधैव कुटुंबकम ही हम सभी का लक्ष्य , पूरे विश्व में बढ़ रही भारत की प्रतिष्ठा, जंगमबाड़ी मठ में योगी को स्मृति चिन्ह व अंगवस्त्रम से किया गया सम्मानित 

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वाराणसी (सुरेश गांधी) शुक्रवार को काशी के जंगमबाड़ी मठ में पट्टाभिषेक समारोह में पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या में भगवान राम का भव्य मंदिर बन रहा है। अयोध्या में हर संप्रदाय के लोगों को मठ-धर्मशाला स्थापित करने के लिए जमीन आवंटित की जाएगी। इसके लिए कार्य चल रहा है। उन्होंने भारत की एकता पर बल देते हुए कहा, पंथ और संप्रदाय विभाजन के लिए नहीं, वसुधैव कुटुंबकम ही हम सभी का लक्ष्य है। वे वीरशैव संप्रदाय के सबसे बड़े मठ जंगमबाड़ी में 21वीं सदी के पहले पट्टाभिषेक कार्यक्रम में देश भर के विभिन्न मठों से आएं धर्मचार्यों व वीरशैव संप्रदाय के अनुयायियों को संबोधित कर रहे थे। योगी ने की शुरूआत दीप जलाकर की। इसके पहले मठ में उन्होंने पूजन अर्चन किया। उसके बाद डॉ. मल्लिकार्जुन का पट्टाभिषेक हुआ।


मुख्यमंत्री ने कहा कि जंगमबाड़ी मठ के गुरुकुल परंपरा ने 100 साल की एक लंबी यात्रा पूरी कर शताब्दी समारोह आयोजित कर रहा है, यह अपने आप में गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि भारत में अलग- अलग पंथ व समुदाय के लोग रहते हैं, परंतु ये विभाजन के लिए नहीं है। ये मंजिल तक पहुंचने के लिए अलग-अलग मार्ग है। सबका लक्ष्य एक ही वसुधैव कुटुंबकम का है। सीएम ने कहा कि धर्म से बढ़कर भारत के अनुयायी हैं और हम सभी का संकल्प है कि भारत का वैभव अमर रहे। सीएम योगी ने कहा कि जब कोई राष्ट्र सशक्त होता है तब उस राष्ट्र में रहने वाले हर धर्म व संप्रदाय के लोगों की प्रतिष्ठा पूरे विश्व में बढ़ती है। उन्होंने कहा कि एक भारत सशक्त भारत की संकल्पना को साकार करने के लिए एक भारत श्रेष्ठ भारत से जोड़ना होगा।  सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काशी विश्वनाथ धाम संवर चुका है। काशी विश्वनाथ धाम से ही काशी की पहचान है। दूर-दूर से दर्शनार्थी बाबा के दर्शन के लिए आते हैं। अब यही काम अयोध्या में हो रहा है। भगवान राम का भव्य मंदिर बन रहा है। रामनगरी अयोध्या भी संवर रही है। सीएम योगी ने कहा कि हम सभी महाभारत के अर्जुन की तरह से जीवित मात्र हैं। अंत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश व महाराष्ट्र समेत तमाम राज्यों से बाबा विश्वनाथ की नगरी में आए श्रद्धालुओं को नमन किया। कार्यक्रम के दौरान मठ में मंत्री रविंद्र जायसवाल, मंत्री दया शंकर मिश्र दयालु, विधायक अवधेश सिंह, विधायक सौरभ श्रीवास्तव, विधायक नीलकंठ तिवारी, सुशील सिंह, मेयर मृदुला जायसवाल आदि मौजूद रहे। 


भव्य होगी योग दिवस 

योग दिवस की चर्चा करते हुए योगी ने कहा 21 जून को पूरी दुनिया योग दिवस मनाएगी। पीएम के कारण ही वैश्विक मंच पर योग को मान्यता मिली है। हम पीएम के संसदीय क्षेत्र में उनके प्रतिनिधि बन कर आए हैं। पीएम के नेतृत्व में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है।


मल्किार्जुन शिवाचार्य स्वामी गद्दी संभालेंगे। 

पट्टाभिषेक कार्यक्रम में देश के साथ ही विदेशों से भी लोग शामिल हुए थे। रसिया, श्रीलंका नेपाल आदि देश के लोग आए थे। वहीं डॉ. चंद्रशेखर शिवाचार्य महास्वामी के अलावा अलग अलग मठों के पीठाधीश्वर मौजूद थे। पट्टाभिषेक के बाद मल्किार्जुन शिवाचार्य स्वामी गद्दी संभालेंगे। काशीपीठ जगद्गुरु डॉ. चंद्रशेखर शिवाचार्य महास्वामी के उत्तराधिकारी के रुप में मल्लिकार्जुन को गद्दी सौंपी गई है। अब वह जगद्गुरु डॉ. मल्लिकार्जुन विश्वाराध्य शिवाचार्य महास्वामी के रूप में जाने जाएंगे। कार्यक्रम में डॉ. चंद्रशेखर शिवाचार्य महास्वामी ने कहा कि सीएम योगी देश के सबसे बड़े प्रदेश की जिम्मेदारी बखूबी संभाल रहे हैं। पूरा संत समुदाय उनके साथ खड़ा है। उम्मीद है अपने अच्छे कामों से भविष्य में देश के पीएम पद की कमान भी संभालेंगे। मठ में जगद्गुरु डॉ. चंद्रशेखर शिवाचार्य महास्वामी, उज्जैन पीठ के जगद्गुरु सिदिं्लग राजदेसी केंद्र शिवाचार्य महास्वामी और श्रीशैलपीठ के जगद्गुरु डॉ. चन्ना सिद्धराम पंडिताराध्य शिवाचार्य महास्वामी ने उनका मस्तकाभिषेक किया। 


शोभायात्रा निकाली 

मस्तकाभिषेक के बाद शोभायात्रा निकाली गई। बैंड बाजे की धुन पर नाचते गाते श्रद्धालु चल रहे थे और महिलाएं पर नारियल लेकर चल रही थीं। जगद्गुरु डॉ. मल्लिकार्जुन पालकी में सवार थे और पालकी यात्रा दशाश्वमेध घाट पहुंची। मां गंगा का विधि-विधान से पूजन करके फिर सभी वापस मठ पहुंचे। मठ में ही पट्टाभिषेक की सभी परंपराओं का संप्रदाय के अनुसार निर्वहन किया गया। 

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