बिहार : मोदी सरकार जन-जन की सरकार है: अश्विनी चौबे - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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मंगलवार, 31 मई 2022

बिहार : मोदी सरकार जन-जन की सरकार है: अश्विनी चौबे

  • केंद्रीय योजनाओं के लाभार्थियों से भी बातचीत

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पटना/बक्सर, 31 मई, केंद्रीय पर्यावरण, वन व जलवायु परिवर्तन तथा उपभोक्ता मामले व सार्वजनिक वितरण राज्यमंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक भारत और श्रेष्ठ भारत के निर्माण के लिए केन्द्र सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी जी ने हमेशा गरीब कल्याण को प्राथमिकता दी है। सरकार की हर योजना और हर नीति के केंद्र में हमारे गरीब भाई है। सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण ही मोदी सरकार का लक्ष्य है। केंद्रीय राज्यमंत्री श्री चौबे 31 मई, मंगलवार को नगर भवन बक्सर में आयोजित 'गरीब कल्याण सम्मेलन' में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, केंद्रीय योजनाओं के लाभार्थियों आदि को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार जन कल्याण के लिए, जनभागीदारी के साथ, जन सरोकार को समर्पित जन-जन की सरकार है।  किसान का सम्मान हो, गरीब का कल्याण हो, युवा को अवसर हो, महिलाओं का उत्थान हो, तकनीक में नवाचार हो, विश्व पटल पर भारत की मजबूत पहचान हो, इतिहास की समस्याओं का स्थायी समाधान हो,ये सब अगर संभव हुआ है तो वह मोदी जी की दृढ इच्छाशक्ति, दूरदर्शी नेतृत्व की बदौलत हुआ है। 


2014 से पहले देश की बड़ी आबादी, जिसमें खासकर महिलायें थीं, के बैंक खाते तक नहीं थे। देश का गरीब मुख्यधारा की अर्थव्यवस्था का हिस्सा नहीं बन पाया था। आठ सालों में 45 करोड़ से ज्यादा जनधन खाते खुलवाकर देश के गरीब जन को भी मुख्यधारा के अर्थतंत्र का हिस्सा बनाया।  यह आर्थिक समावेशन का अद्वितीय मिसाल है। देश में कोई बेघर न रहे, इस संकल्प को केंद्र सरकार सिद्धि की तरफ ले जाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से जुटी हुई है।  02 करोड़ 39 लाख गरीबों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर की चाबी दे दी गई है।  2014 से पहले साठ सालों में सिर्फ 55 प्रतिशत घरो तक ही रसोई गैस की पहुँच हुई थी।  2014 में आई मोदी सरकार ने आठ सालों देश के लगभग शत-प्रतिशत परिवारों को इस दायरे में लाने का सफल प्रयास किया है। केंद्रीय राज्यमंत्री श्री चौबे ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में कोविड काल मे भारत ने 'जान भी और जहान भी' का संकल्प लेकर दुनिया के सामने अपनी मानवतावादी दृष्टि से परिचित कराया। यह आठ वर्ष भारत के लिए स्वर्णिम काल खंड रहा है, इस कार्यकाल में केंद्र सरकार ने भारत को नई दिशा दी है, विकास के नए आयाम गढ़े हैं। हमारे यहाँ शासन की पद्दति बदली,कार्य संस्कृति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है तो राजनीति से परिवारवाद, तुष्टिकरण और भेदभाव समाप्त हुआ है।  यह दौर सबका साथ-सबके विकास का मंत्र है। इस मौके पर उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 को खत्म करने के ऐतिहासिक निर्णय ने घाटी को युगांतरकारी परिवर्तन की ओर बढ़ाया, वहीं नागरिकता संशोधन क़ानून.के द्वारा केंद्र सरकार ने शरणार्थियों को नागरिकता देकर उन्हें गौरवमयी जीवन देने का सराहनीय कार्य किया।    हमारी सरकार ने महिलाओं के हितों को प्राथमिकता दी है।  उनके सशक्तिकरण पर ध्यान दिया है। जिसका एक नायाब उदाहरण तीन तलाक जैसे क़ानून है। लंबे समय से हमारी मुस्लिम माताएं और बहनें तीन तलाक जैसी कुप्रथा को झेलती जा रही थीं. जब भी मोदी जी की सरकार ने देशहित-समाजहित में कोई निर्णय लिया कांग्रेस ने इसका विरोध किया, वोटबैंक की राजनीति की लेकिन कांग्रेस अपने मंसूबों में कायमाब नहीं हो पाई।   हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री बनने से पूर्व ही कहा था कि हम न आंख झुकाकर न आंख उठाकर बल्कि आंख मिलाकर बात करेंगे। इस वाक्य का अक्षरशः पालन करते हुए हमारे भारत के लिए नापाक साजिश रचने वाले पाकिस्तान को हमने उसी की भाषा में जवाब दिया, वहीं भारत के सम्मान को विश्व में ऊँचा किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार उज्ज्वला योजना से गरीब महिलाओं को धुएं से मुक्ति दिलाती है, आवास से गरीबों को छत देती है, किसान सम्मान से किसानों को सबल बनाती है और वही हमारी सरकार भारत के सांस्कृतिक वैभव की भी पुनर्स्थापना के संकल्प को भी साकार करती है। केंद्रीय राज्यमंत्री श्री चौबे ने कहा कि एक देश एक राशन कार्ड जैसी योजनाओं ने देशों के गरीबों को यह एहसास कराया है कि देश के किसी कोने में रहें उन्हें सरकार से मिलने वाले राशन की आपूर्ति सुनिश्चित करेगी। एक राशनकार्ड के ही हमारे गरीब भाई-बहन देश के किसी कोने में मुफ़्त में मिलने वाले राशन का लाभ प्राप्त कर रहें हैं।  मोदी सरकार किसानों को सशक्त करने की दिशा में निरंतर प्रयास कर रही है, समय-समय पर एमएसपी बढ़ाना हो, सिंचाई योजनाओं का सुचारू रूप से संचालन हो अथवा स्वायल हेल्थ कार्ड के द्वारा खेती को बढ़ावा देना या फिर ई-मंडियों के द्वारा किसानों की फसल को बाज़ार तक पहुँचाना सरकार ने हर दिशा में किसानों के कल्याण के लिए समर्पित रही है। किसान सम्मान निधि हमारे किसान भाइयों के लिए वरदान साबित हुआ है. हमारे छोटे किसानों को अब खाद, बीज की चिंता नहीं होती उन्हें भरोसा है कि देश का प्रधानमंत्री उनकी चिंता करने लगा है। किसान सम्मान निधि के द्वारा मोदी जी 12 करोड़ से अधिक किसानों के खाते में साल के छह हजार रूपये भेजते हैं और यह पैसा सीधा उनके खाते में पहुँचता है।


केंद्रीय योजनाओं के लाभार्थियों के साथ केंद्रीय राज्यमंत्री श्री चौबे ने किया संवाद

- भावुक हुए लाभार्थी, बोले मोदी सरकार की योजनाएं संजीवनी

गरीब कल्याण सम्मेलन में केंद्रीय राज्यमंत्री श्री चौबे ने केंद्रीय योजनाओं के लाभार्थियों के साथ बातचीत की। केंद्रीय योजनाओं को संजीवनी बता कई लाभार्थी भावुक हो गईं। चुरामनपुर की रेखा देवी प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना का ज़िक्र कर रो पड़ी, उन्होंने कहा कि यह योजना नहीं होती, तो मैं जिंदा आप सभी के बीच आज नहीं होती। हार्ट का वॉल्व खराब हो गया था, पैसे नहीं थे, अपनों ने भी मुँह मोड़ लिया था। एक दिन मोदी जी की पत्री मिली  आयुष्मान भारत की, फिर मेरी किस्मत बदल गई। आज स्वस्थ हूं। मोदी जी के आयुष्मान ने मुझे संजीवनी दे दी है। 


किसान अखिलेश बोले अब  सल्फास खाने की नहीं सोचते हैं किसान

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लाभार्थी अखिलेश राय से केंद्रीय राज्यमंत्री श्री चौबे ने संवाद किए, उन्होंने उनका अनुभव जाना। कृतपुरा के किसान अखिलेश राय ने बताया कि किसान सम्मान निधि किसानों के आईसीयू की तरह है। अब हम सल्फास खाने की नहीं सोचते हैं। बहुत राहत हो गई है। बीज आदि खरीदने के लिए अब दिक्कत नहीं होती है। केंद्रीय राज्यमंत्री श्री चौबे ने अन्य योजनाओं के लाभार्थियों से भी बातचीत की।  

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