मुद्दों के समाधान के लिए राज्यों से संपर्क में रहें उद्योग: सीतारमण - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

विजयी विश्व तिरंगा प्यारा , झंडा ऊँचा रहे हमारा। देश की आज़ादी के 75 वर्ष पूरे होने पर सभी देशवासियों को अनेकानेक शुभकामनाएं व बधाई। 'लाइव आर्यावर्त' परिवार आज़ादी के उन तमाम वीर शहीदों और सेनानियों को कृतज्ञता पूर्ण श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए नमन करता है। आइए , मिल कर एक समृद्ध भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं। भारत माता की जय। जय हिन्द।

गुरुवार, 30 जून 2022

मुद्दों के समाधान के लिए राज्यों से संपर्क में रहें उद्योग: सीतारमण

industry-should-be-in-touch-with-states-sitharaman
नयी दिल्ली, 30 जून, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने उद्योगों को अपने मुद्दों के समाधान के लिए अपने-अपने राज्य की सरकार के साथ संपर्क रखने का सुझाव दिया है। श्रीमती सीतारमण ने कारोबार के लिए नीति और प्रक्रियाओं में सुधार के मामले में राज्यों की तुलनात्मक रैंकिंग संबंधी रिपोर्ट व्यावसायिक सुधार कार्य योजना (बीआरएपी) 2020 जारी करते हुए यहां गुरुवार को कहा,“ मैं उद्योगों से राज्यों के साथ संपर्क रखने की अपील करती हूं। जब उद्योग राज्य सरकार के पास जाते हैं और उनसे संपर्क में बने रहते हैं तो सरकारें कठिनाई के बावजूद उनकी मदद के लिए कदम जरूर उठाती हैं। उद्योगों की भूमिका बहुत बड़ी है। ” उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समय-समय पर संवाद करते रहते हैं और वे मिलते भी हैं। इससे यह संकेत है कि केंद्र सरकार सुनने और कदम उठाने के लिए तत्पर रहती है। श्रीमती सीतारमण ने राज्य सरकारों के दृष्टिकोण में बदलाव की सराहना करते हुए कहा कि भारत में राज्यों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा शुरू हुयी है और वे आर्थिक सुधारों से परहेज नहीं करते। उन्होंने कहा,“ कई राज्यों में अच्छी पद्धतियों को अच्छी तरह रिकॉर्ड किया गया है, इससे दूसरे राज्यों के नीति निर्माताओं को उन्हें अपनाने में आसानी होगी। ” श्रीमती सीतारमण ने कहा कि महामारी के दौरान और उसके पहले जो कदम उठाए गए थे, उसके फल मिलने लगे हैं और अब यह दिख रहा है कि बदलाव की एक भूख जगी है। उन्होंने सरकारी विभागों में क्षमता निर्माण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह केवल केंद्र ही नहीं राज्य और जिला स्तर पर करने की जरूरत है। श्री सीतारमण ने कहा कि 1990 के दशक के विपरीत आज कोई सुधार शीर्ष नेतृत्व से थोपा नहीं जा रहा है और इसके लिए न ही कोई विवशता है। उन्होंने राज्य सरकारों की सराहना की कि वे केंद्र के साथ मिल-जुलकर काम कर रहे हैं और ऐसी सूचनाएं साझा करती हैं जिससे वस्तु एवं सेवाकर संग्रह में सुधार हो रहा है। 

कोई टिप्पणी नहीं: