‘आत्मनिर्भर भारत’ बनाने में सहयोग करें अधिकारी : राजनाथ - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

बुधवार, 13 जुलाई 2022

‘आत्मनिर्भर भारत’ बनाने में सहयोग करें अधिकारी : राजनाथ

cooperate-in-making-self-reliant-india-rajnath
नयी दिल्ली 13 जुलाई, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रक्षा क्षेत्र के सार्वजनिक उपक्रमों के गैर आधिकारिक निदेशकों को रक्षा मंत्रालय तथा उपक्रमों के बीच की कड़ी करार देते हुुए कहा है कि उन्हें रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए सरकार द्वारा की जाने वाली नयी पहलों तथा कदमों के सुचारू क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने में मदद करनी चाहिए। श्री सिंह ने बुधवार को यहां रक्षा उत्पादन विभाग द्वारा आयोजित कार्यशाला में रक्षा क्षेत्र के सार्वजनिक उपक्रमों के मुख्य प्रबंध निदेशकों और गैर आधिकारिक निदेशकों को संबोधित करते हुए कहा कि देश आत्मनिर्भर बनने के सफर में संक्रमणकाल से गुजर रहा है और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के प्रधानमंत्री के सपने को साकार करने के लिए सक्रिय तथा सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। सरकार द्वारा उठाये जा रहे विभिन्न कदमों तथा उपायों का उल्लेख करते हुए श्री सिंह ने कहा कि रक्षा मंत्रालय ने वर्ष 2025 तक रक्षा उत्पादन को 1.75 लाख करोड़ पहुंचाने का लक्ष्य रखा है और इसमें 35 हजार करोड़ रूपये का निर्यात भी शामिल है।

कोई टिप्पणी नहीं: