मधुबनी : कामरेड चारु मजुमदार का मना 50 वहां शहादत दिवस - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शनिवार, 30 जुलाई 2022

मधुबनी : कामरेड चारु मजुमदार का मना 50 वहां शहादत दिवस

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मधुबनी, दर्जनों भाकपा-माले कार्यकर्ताओं ने,मालेनगर अबस्थित पार्टी कार्यालय में नक्सलबाड़ी आंदोलन के शिल्पी और भाकपा-माले के संस्थापक महासचिव कामरेड चारु मजुमदार के फोटो पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए, कामरेड चारु मजुमदार सहित तमाम शहीदों को दो मिनट का मौन श्रद्धांजलि अर्पित किया गया। भाकपा-माले,मालेनगर लोकल कमिटी सचिव बिशंम्भर कामत की अध्यक्षता आयोजित संकल्प सभा को संबोधित करते हुए भाकपा-माले मधुबनी जिला कमिटी सचिव सह बिहार राज्य कमिटी सदस्य ध्रुब नारायण कर्ण ने कहा कि नक्सलबाड़ी कोई रातोंरात होने वाली परिघटना नहीं थी. निश्चय ही, इसकी जड़ें भारतीय किसानों के जुझारूपन और भारत के कम्युनिस्ट आन्दोलन में गहरे तौर पर जड़ जमाये किसानों के जुझारू आंदोलन में था।इसी को केंद्र कर चारु मजुमदार ने 22 अप्रैल,1969 को पार्टी की स्थापना किये। इसके बाद पार्टी और जनता पर शासक वर्ग द्वारा चलाए गए घोर दमन अभियान के तहत 28 जुलाई,1972 को कलकत्ता के लाल बाजार थाना में पुलिस प्रताड़ना से कामरेड चारु मजुमदार की मौत हो गई थी। उनके शहादत के आज 50 बर्ष पूरा हो गया है। आज माले कार्यकर्ताओं द्वारा संपूर्ण देश में शहादत दिवस के अवसर पर संकल्प दिवस मनाया जा रहा है। जिला सचिव ने आगे कहा कि आज मोदी सरकार में सत्ता के बेलगाम केंद्रीकरण और संकेंद्रण के साथ सांप्रदायिक ध्रुवीकरण का अभूतपूर्व तीखापन तथा नफरत और झूठ का व्यापक फैलाव भी जुड़ गया है. भारत के सामाजिक और सांस्कृतिक तानेबाने पर विभाजन के खौफनाक दिनों के बाद से इतना बड़ा हमला कभी नहीं हुआ था. और इस घातक फासिस्ट आक्रमण के साथ देश के मूल्यवान प्राकृतिक, अधिसंरचनात्मक और मानव विकास संसाधनों की निरंतर कॉरपोरेट लूट भी चल रही है. स्वतंत्रता आन्दोलन की लंबी अवधि में और एक संवैधानिक गणतंत्र के बतौर भारत के अस्तित्व के 75 वर्षों के दौरान भारत ने जो भी उपलब्धियाँ हासिल की थीं और भारत की जनता ने जो भी अधिकार प्राप्त किए थे, वे सब आज दांव पर चढ़ गए हैं. इसके खिलाफ मजबूती से संघर्ष चलाने के लिए भाकपा-माले को बैचारिक राजनितिक व सांगठनिक रुप से काफी मजबूत बनाने के लिए फरबरी माह में पार्टी का 11 वां महाधिवेशन पटना में होने जा रहा है।इसे शानदार ढंग से सफल बनाने के लिए पूरी पार्टी कतारों को आज से ही लग जाने का संकल्प लेना चाहिए। संकल्प सभा को हरि नारायण कामत सहित कई पार्टी कार्यकर्ताओं ने संबोधित किया जबकि दर्जनों माले कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।

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