विपक्ष की प्रतीक्षा में सरकार ने रोका विधेयक - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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गुरुवार, 21 जुलाई 2022

विपक्ष की प्रतीक्षा में सरकार ने रोका विधेयक

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नयी दिल्ली 21 जुलाई, सरकार ने गुरुवार को राज्यसभा में विपक्ष की प्रतीक्षा में महत्वपूर्ण ‘सामूहिक संहार के आयुध और उनकी परिदान प्रणाली (विधि विरुद्ध क्रियाकलापों का प्रतिषेध) संशाेधन विधेयक 2022’ पर चर्चा रोक दी और सदन की कार्यवाही कल तक लिए स्थगित कर दी गयी। पीठासीन अधिकारी भुवनेश्वर कालिता ने भोजनावकाश के बाद सदन की कार्यवाही शुरू करते हुए ‘सामूहिक संहार के आयुध और उनकी परिदान प्रणाली (विधि विरुद्ध क्रियाकलापों का प्रतिषेध) संशाेधन विधेयक 2022’ पर चर्चा आरंभ कराने का प्रयास किया तो कांग्रेस के सदस्य खड़े हो गये और महंगाई तथा आवश्यक वस्तुओं पर जीएसटी की दर वृद्धि के मुद्दे पर चर्चा की मांग करने लगे। कांग्रेस के समर्थन में आम आदमी पार्टी, वामदल, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी तथा विपक्षी दलों के सदस्य भी खड़े हो गये। श्री कालिता ने हालांकि इसकी अनुमति नहीं दी तो कांग्रेस समेत प्रमुख विपक्षी दलाें के सदस्य सदन से बहिर्गमन कर गये। इसके बाद सदन में विधेयक पर चर्चा शुरू हो गयी। लगभग 40 मिनट की चर्चा के बाद संसदीय कार्यमंत्री वी. मुरलीधरन ने कहा कि यह बहुत ही महत्वपूर्ण विधेयक है और सरकार इसपर सभी पक्षों के विचार लेना चाहती है। लेकिन विपक्षी दलों के सदस्य सदन में मौजूद नहीं है इसलिए विधेयक पर चर्चा रोक देनी चाहिए और बाकी चर्चा सोमवार को या अन्य किसी और दिन की जा सकती है। इससे विपक्षी दलों के सदस्यों को भी विधेयक पर अपने विचार रखने का मौका मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार विधेयक को विपक्ष के सहयोग से पारित कराना चाहती है। श्री मुरलीधरन के विचार से पीठासीन अधिकारी ने सहमति व्यक्त की और सदन की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित कर दी गयी। इससे पहले संसदीय कार्य राज्य मंत्री ने सदन में मौजूद विदेशमंत्री एस. जयशंकर से विचार विमर्श किया। भारतीय जनता पार्टी के प्रकाश जावडेकर, वाईएसआरसीपी के अयोध्यारामी रेड्डी, राष्ट्रीय जनता दल के मनोज कुमार झा, जनतादल युनाईटेड के रामनाथ ठाकुर, तेलुगू देशम पार्टी के के. रवींद्र कुमार, अन्नाद्रमुक के एम. थंबीदुरई, बीजू जनता दल के प्रशांत नंदा और द्रमुक के पी. विल्सन ने विधेयक पर चर्चा में हिस्सा लिया। सभी सदस्यों ने विधेयक का समर्थन किया।

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