जीतना-हारना जीवन का हिस्सा : अल्वा - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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मंगलवार, 19 जुलाई 2022

जीतना-हारना जीवन का हिस्सा : अल्वा

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नयी दिल्ली 19 जुलाई, उपराष्ट्रपति पद के लिए विपक्ष की उम्मीदवार मार्गरेट अल्वा ने मंगलवार को कहा कि चुनाव उन्हें डराते नहीं हैं क्योंकि जीतना और हारना जीवन का एक हिस्सा है। श्रीमती अल्वा ने कहा, “भारत गणराज्य के उपराष्ट्रपति पद के लिए संयुक्त विपक्ष के उम्मीदवार के रूप में नामित होना एक विशेषाधिकार और सम्मान की बात है। मैं इस नामांकन को बड़ी विनम्रता के साथ स्वीकार करती हूं और विपक्ष के नेताओं को मुझ में उनके विश्वास के लिए धन्यवाद देती हूं।” श्रीमती अल्वा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी प्रमुख शरद पवार, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव सीताराम येचुरी और अन्य की मौजूदगी में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन उम्मीदवार जगदीप धनखड़ के खिलाफ संसद में उपराष्ट्रपति पद के लिए नामांकन भरने के बाद यह बयान दिया। उन्होंने कहा,“मेरा मानना ​​​​है कि यह नामांकन संयुक्त विपक्ष द्वारा, संसद के दोनों सदनों के सदस्य, एक केंद्रीय मंत्री, एक राज्यपाल,संयुक्त राष्ट्र और अन्य वैश्विक मंचों पर भारत के एक गौरवशाली प्रतिनिधि के रूप में सार्वजनिक जीवन में बिताए 50 वर्षों से एक स्वीकृति है।” उन्होंने कहा,“इन 50 वर्षों में, मैंने अपने देश के लिए अखंडता, साहस और प्रतिबद्धता के साथ काम किया है, मेरा एकमात्र दायित्व है, बिना किसी डर के, भारत के संविधान की सेवा करना।” उन्होंने कहा,“उपराष्ट्रपति पद के लिए मेरी उम्मीदवारी का समर्थन करने के लिए विपक्ष का एक साथ आना देश की वास्तविकता का एक रूपक है। हम इस महान देश के विभिन्न कोनों से आते हैं, विभिन्न भाषाएं बोलते हैं और विभिन्न धर्मों एवं रीति-रिवाजों का पालन करते हैं।” उन्होंने कहा,“हमारी एकता, हमारी विविधता में, हमारी ताकत है। जो हमारे लिए महत्वपूर्ण है उसके लिए हम लड़ते हैं। लोकतंत्र के स्तंभों को बनाए रखने के लिए, हमारे संस्थानों को मजबूत करने और एक ऐसे भारत के लिए जो ‘सारे जहां से अच्छा’ है, जो प्रत्येक का है और हम में से हर एक का।” पांच बार सांसद रहीं श्रीमती अल्वा केंद्र की कई कांग्रेस सरकारों में मंत्री रह चुकी हैं। वर्ष 2009 में उन्हें उत्तराखंड का राज्यपाल नियुक्त किया गया, जिसके बाद राजस्थान, गुजरात और गोवा में राज्यपाल का कार्यभार संभाला। देश के 16वें उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव छह अगस्त को होगा और उसी दिन मतगणना भी होगी।

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