मधुबनी : खाद की जमाखोरी एवम कालाबाजारी करने वाले जायेगे जेल - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

विजयी विश्व तिरंगा प्यारा , झंडा ऊँचा रहे हमारा। देश की आज़ादी के 75 वर्ष पूरे होने पर सभी देशवासियों को अनेकानेक शुभकामनाएं व बधाई। 'लाइव आर्यावर्त' परिवार आज़ादी के उन तमाम वीर शहीदों और सेनानियों को कृतज्ञता पूर्ण श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए नमन करता है। आइए , मिल कर एक समृद्ध भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं। भारत माता की जय। जय हिन्द।

बुधवार, 31 अगस्त 2022

मधुबनी : खाद की जमाखोरी एवम कालाबाजारी करने वाले जायेगे जेल

  • कृषि टास्क फोर्स की बैठक में डीएम ने दिए कई निर्देश। किसानों को उनके आधार कार्ड अथवा अन्य पहचान पत्र के आलोक में एक बार में एक बोरा ही यूरिया  दिया जाएगा किसान सलाहकार की देखरेख में ही होगी उर्वरक की बिक्री ।               

madhubani-dm-news
मधुबनी, जिला पदाधिकारी अरविन्द कुमार वर्मा की अध्यक्षता में मंगलवार देर शाम समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में जिला स्तरीय कृषि टास्क फोर्स की बैठक आहूत हुई। बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि गत कुछ दिनों में जिले में वर्षा हुई है, जिसको लेकर किसानों में उत्साह है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन किसानों को पर्याप्त उर्वरक तथा सिंचाई हेतु पानी व बिजली मुहैया कराने को प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि खाद की जमाखोरी एवम कालाबाजारी करने वाले जेल जायेगे। उन्होंने जिले के सभी किसानों को उर्वरक उपलब्ध कराने तथा उर्वरक की कालाबाजारी रोकने के उद्देश्य से निर्देश निर्देश देते हुए कहा कि किसानों को उनके आधार कार्ड अथवा अन्य पहचान पत्र के आलोक में एक बार में एक बोरा यूरिया ही दिया जाएगा। उन्होंने जानकारी दी कि वर्तमान में जिले में एक हजार मिट्रिक टन यूरिया उपलब्ध है। ऐसे में यूरिया कि किल्लत नहीं हैं। उन्होंने कहा कि इन दिनों उर्वरक की खरीद के लिए किसानों की भीड़ देखी जा रही है। ऐसे में उर्वरक विक्रेताओं को हर हाल में प्रतिदिन अपना प्रतिष्ठान खोलना ही होगा। सभी उर्वरक की दुकानों पर किसान सलाहकार की देखरेख में उर्वरक की बिक्री की जाएगी।  जिलाधिकारी द्वारा बैठक में उपस्थित किसानों से भी सुझाव आमंत्रित किए गए। किसानों ने बारी बारी से अपनी समस्याओं को रखा जिसे देखते हुए जिलाधिकारी ने आवश्यक निर्देश भी दिए। उन्होंने किसानों से जैविक खाद, नैनो यूरिया के उपयोग और यूरिया में पोटाश के उपयोग से पैदावार में होने वाले फायदे के बारे में विस्तृत चर्चा की। उन्होंने बैठक में उपस्थित सभी किसानों से कहा कि गांवों में कृषि कार्य हेतु कितनी बिजली दी गई, इसका दैनिक आंकड़ा एकत्रित कर अगली बैठक में रखी जाए। ताकि, बिजली विभाग के दावे की पड़ताल की जा सके। उन्होंने निर्देश दिया कि किसी भी गांव में जहां बिजली के पोल और तार मौजूद है, वहां विद्युत का कनेक्शन अविलंब दिया जाए। साथ ही कृषि फीडर में पर्याप्त बिजली दी जाए।  जिलाधिकारी ने कार्यपालक अभियंता, लघु सिंचाई को अगली बैठक में जिले में क्रियाशील नल कूपों का अद्यतन आंकड़ा उपस्थापित करें।  उक्त बैठक में उप विकास आयुक्त विशाल राज, जिला कृषि पदाधिकारी, अशोक कुमार, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी शंभू प्रसाद यादव सहित जिले के सभी कार्यपालक अभियंता, विद्युत तथा कार्यपालक अभियंता, पश्चिमी कोशी नहर प्रमंडल उपस्थित थे।

कोई टिप्पणी नहीं: