बिहार : जन सुराज अभियान की पहली समिति का लोकतांत्रिक तरीके से गठन - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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सोमवार, 8 अगस्त 2022

बिहार : जन सुराज अभियान की पहली समिति का लोकतांत्रिक तरीके से गठन

  • देश के प्रथम राष्ट्रपति देशरत्न स्व. डॉ राजेंद्र प्रसाद की जन्मस्थली जीरादेई में चुने गए समिति के सदस्य

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5 मई 2022 को प्रशांत किशोर द्वारा शुरू किए गए जन सुराज अभियान के लिए आज का दिन ऐतिहासिक था। आज 8 अगस्त 2022 को जन सुराज अभियान की पहली समिति का गठन हुआ। ये समिति सिवान के जीरादेई प्रखंड में लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई। लोगों का यह भी मौका दिया गया कि अगर किसी नाम पर आपत्ति है तो वे उसे दर्ज करा सकते हैं। प्रखंड निवासियों के समक्ष खुले मंच से जन सुराज की सोच से सहमति रखने वाले सभी लोगों ने सर्वसम्मति से इस समिति के लिए लोगों का चयन किया। इस चयन प्रक्रिया का जीरादेई के प्रखंड निवासियों और बिहार के विभिन्न जिलों से आए सैकड़ों लोगों ने स्वागत किया। सामाजिक कार्यकर्ता मनोरंजन कुशवाहा और शराफत हुसैन ने जीरादेई मोड़ पर प्रशांत किशोर का फूल मालाओं से भव्य स्वागत किया और जीरादेई पधारने के लिए उनका आभार व्यक्त किया। समिति गठन कार्यक्रम की शुरुआत में स्थानीय स्कूल की बच्चियों ने महात्मा गांधी का प्रिय भजन 'रघु पति राघव राजा राम' का गायन कर सभी लोगों का स्वागत किया। मंच पर मौजूद सभी लोगों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इस मौके पर प्रशांत किशोर ने लोगों को संबोधित करते हुए जन सुराज और इसकी सोच पर अपने विचार रखे। प्रशांत किशोर ने कहा, "जन सुराज का उद्देश्य है बिहार में एक नई राजनीतिक व्यवस्था बनाना। सत्ता परिवर्तन हमारा मकसद नहीं है। अगर पदयात्रा के बाद सब लोगों की सहमति से कोई दल बनता भी है तो वो बिहार के सभी सही लोगों का दल होगा, प्रशांत किशोर का दल नहीं होगा। सब मिलकर अगर तय करेंगे तो दल बनाया जाएगा। मैं अभी लोगों से बात करने, उनकी समस्याओं को समझने में अपना पूरा वक्त लगा रहा हूं। जो लोग विकास का दावा कर रहे हैं अगर उनको सच मान भी लिया जाए तो भी देश में सबसे ज्यादा अशिक्षित लोग, बेरोजगार लोग, गरीब लोग बिहार में रहते हैं।" बिहार के विकास के लिए सही लोग, सही सोच और सामूहिक प्रयास पर बल देते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि देश के अग्रणी राज्यों में अगर बिहार को खड़ा करना है तो बिहार के लोगों को मिलकर प्रयास करना होगा।


समिति के सदस्यों ने जन सुराज को लेकर तीन प्रस्ताव रखें, सर्वसम्मति से पारित हुए प्रस्ताव

इस कार्यक्रम का मंच संचालन स्थानीय निवासी श्री कृष्णा सिंह ने किया और सभी प्रस्ताव उपस्थित लोगों के बीच रखे जिसे ध्वनिमत से पारित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्थानीय निवासी श्री राजेश्वर सिंह ने की। समिति के समक्ष तीन प्रमुख प्रस्ताव रखें। जिसमें पहला, 'जन सुराज' अभियान के सदस्यों द्वारा यह शपथ ली गई कि 'जन सुराज' अभियान का वे समर्थन करते हैं और इसके प्रचार-प्रसार व अन्य क्रिया कलापों में हमेशा अग्रसर रहकर अपनी सहभागिता सुनिश्चित करेंगे। दूसरा, सभी सदस्य 'जन-सुराज' अभियान के विस्तार के लिए निरंतर प्रयासरत रहेंगे। तीसरा और अंतिम प्रस्ताव यह रहा कि समिति के सदस्य सर्वसम्मति से विकास के मुद्दे को लेकर हमेशा सजग और तत्पर रहेंगे।


जन सुराज अभियान समिति सदस्यों ने जीरादेई से संबंधित तीन अन्य प्रमुख मुद्दों पर रखा प्रस्ताव 

जन सुराज अभियान के समिति सदस्यों ने जीरादेई से संबंधित तीन प्रमुख मुद्दों पर प्रस्ताव रखा। जिसमें प्रथम राष्ट्रपति देशरत्न डॉ राजेंद्र प्रसाद की जन्मस्थली का विकास व रख-रखाव, प्रखंड कार्यालय में भारत छोड़ो आंदोलन में शहीद हुए तीन शहीदों की मूर्ति को स्थापित कराने के लिए जिला प्रशासन से आग्रह और जीरादेई रेलवे स्टेशन पर मौर्य एक्सप्रेस, गोरखपुर पटना इंटरसिटी एवं छपरा गोरखपुर इंटरसिटी के ठहराव की मांग प्रमुख है। इसके बाद प्रशांत किशोर की मौजूदगी में जीरादेई में जन सुराज कार्यालय के स्थानीय कार्यालय का भी उद्घाटन किया गया। समिति के सभी लोगों और स्थानीय निवासियों से जन सुराज की सोच के साथ आगे बढ़ने और 2 अक्तूबर से प्रस्तावित पद यात्रा में शामिल होने की बात दोहराई और इस अभियान की सफलता के लिए लोगों से सहयोग मांगा। 


जन सुराज की नवगठित जीरादेई समिति में कुल 41 सदस्यों को सर्वसम्मति से शामिल किया गया। इसमें से कुछ प्रमुख नाम इस प्रकार हैं -

1. राजेश्वर सिंह : सामाजिक कार्यकर्ता और बुद्धिजीवी

2. नरोत्तम मिश्रा : सेवानिवृत्त प्रोफेसर और पूर्व सांसद उम्मीदवार

3. रामेश्वर सिंह: पूर्व पीएसी अध्यक्ष और श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर के अध्यक्ष।

4. ललितेश्वर राय : प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता 

5. प्रशांत कुमार : लोकपाल 

6. रामेश्वर राय: व्यवसायी पूर्व मुखिया

7. नूरुल हुड्डा:  ( पीएसी अध्यक्ष )

8. डॉ. जमील : ग्रामीण चिकित्सक 

9. देवेंद्र चौधरी: पूर्व मुखिया

10. कृष्ण कुमार सिंह: समाजसेवी सह सिवान तीतिर स्तूप विकास मिशन के संस्थापक 

11. राहुल कीर्ति सिंह: पूर्व प्रवक्ता, बिहार कांग्रेस और स्वतंत्रता सेनानी के  पोतें

12. मनोज कुमार मांझी: मुखिया और महत्त्वपूर्ण परिवार

13. हरिकान्त सिंह: शिक्षक और प्रमुख पीआरआई परिवार

14. अनिल सिंह: प्रखंड उप-प्रमुख

15. मनोरंजन कुमार सिंह: शिक्षक, अध्यक्ष- कबड्डी जिला महासंघ,   सदस्य- माध्यमिक जिला शिक्षा संघ

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