सीतामढ़ी : कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलित कर किया गया - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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गुरुवार, 4 अगस्त 2022

सीतामढ़ी : कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलित कर किया गया

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सीतामढ़ी: राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग नई दिल्ली के मार्गदर्शन में जागरूकता सह प्रशिक्षण के लिए एक दिवसीय कार्यशाला इनडोर स्टेडियम डुमरा सीतामढ़ी में आयोजित किया गया. कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलित कर किया गया एवं सभी माननीय अतिथियों को पौधा देकर सम्मानित किया गया. राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की कंसलटेंट लीगल सेल कात्यायनी आनंद के द्वारा बताया गया कि आजादी का अमृत महोत्सव देश भर में मनाया जा रहा है 30 जुलाई 2022 को अंतरराष्ट्रीय मानव व्यापार विरोधी दिवस मनाया गया है. इस अवसर पर राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के द्वारा बाल तस्करी से आजादी अभियान 1 अगस्त 2022 से 25 अगस्त 2022 तक चलाया जा रहा है. इस अभियान के तहत देश के 75 सीमावर्ती जिलों में बाल संरक्षण के क्षेत्र में कार्यरत प्रमुख हित धारको यथा बाल कल्याण पुलिस पदाधिकारी, जिला बाल संरक्षण इकाई, किशोर न्याय बोर्ड, बाल कल्याण समिति, सीमा सुरक्षा बल के पदाधिकारी, बचपन बचाओ आंदोलन के कार्यकर्ता एवं अन्य के प्रशिक्षण एवं उन्मुखीकरण के लिए एक दिवसीय कार्यशाला किया जाना प्रस्तावित है इसी कड़ी में आज बाल तस्करी से आजादी विषय पर जिला प्रशासन के साथ मिलकर यह कार्यशाला आयोजित की गई है. बिहार के कुल 7 जिले अररिया, किशनगढ़, सुपौल, मधुबनी, पश्चिम चंपारण, सीतामढ़ी तथा पूर्वी चंपारण में इस प्रकार का कार्यशाला आयोजित किया जाना है. इस अवसर पर जिला पदाधिकारी मनेश कुमार मीणा के द्वारा बताया गया कि बाल तस्करी मानवता का सबसे घृणित रूप है जो एक सभ्य एवं विकसित समाज बनने में बहुत बड़ी बाधा है. समाज में इसके कई रूप हो सकते हैं जो किसी भी स्थिति में अस्वीकार्य है। बच्चे ट्रैफ़िकरो के लिए एक सॉफ्ट टारगेट होते हैं जिसे फोसर्ड लेबर, सेक्सुअल एक्सपल्याटेशन, अवैध एडॉप्शन, अंग व्यापार, तस्करी इत्यादि में दुरुपयोग किये जा रहे हैं. इंटरनेट एवं सोशल मीडिया टेक्नोलॉजी की और असीमित उपयोग ने समस्याओं को जटिल बनाता है. ट्रैफिकर अब तस्करी के लिए नए-नए हथकंडे अपना रहे हैं हमें भी इसके लिए समांतर एवं इससे आगे चलते हुए साइबर तरीके से होने वाले तस्करी पर पूर्णता रोक लगाते हैं। जिले में विभिन्न विभागों के समन्वय से वल्नरेबल बच्चों की पहचान लगातार की जा रही है बाल श्रमिकों का लगातार रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है जिला प्रशासन बाल तस्करी सहित संपूर्ण मानव व्यापार को पूर्णतः समाप्त करने के लिए कृत संकल्पित है.

 

पुलिस अधीक्षक हर किशोर राय के द्वारा बताया गया कि मानव व्यापार के रोकथाम के लिए एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट एवं स्पेशल जुवेनाइल पुलिस यूनिट कार्यरत हैं। प्रत्येक थाने में एक-एक पुलिस पदाधिकारी को किशोर न्याय बालकों की देखरेख एवं संरक्षण अधिनियम 2015 के आलोक में बाल संरक्षण पुलिस पदाधिकारी नामित किया गया है. बाल कल्याण पुलिस पदाधिकारियों को गत 30 जुलाई 2022 को एक दिवसीय प्रशिक्षण प्रदान किया गया है.और आज का कार्यशाला निश्चित ही अत्यधिक महत्वपूर्ण एवं लाभदायक होगा. बाल तस्करी को रोकने में बाल कल्याण पुलिस पदाधिकारी, बाल कल्याण समिति, चाइल्ड लाइन, जिला बाल संरक्षण इकाई एवं जिलों में अन्य के साथ मिलकर अत्यंत संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ कार्य करें। मनीष शर्मा डायरेक्टर बचपन बचाओ आंदोलन नई दिल्ली के द्वारा बताया गया कि बाल तस्करी की रोकथाम के प्रयास में प्रथम 1 घंटे में किया गया कार्य बहुत महत्वपूर्ण होता है तत्परता एवं  संवेदनशीलता से कार्य कर के बच्चों को मानव व्यापार के दलदल में फंसने से बचाया जा सकता है. वही बचपन बचाओ आंदोलन के अधिकारी के द्वारा बाल तस्करी के रोकथाम के लिए आवश्यक कार्रवाई करने संबंधित अनेक उपाय बताए गए तथा अपने महत्वपूर्ण अनुभव साझा किए गए.उक्त कार्यशाला में मंच का संचालन वरीय उप समाहर्ता-सह- सहायक निदेशक जिला बाल संरक्षण इकाई सोनी कुमारी द्वारा किया गया तथा धन्यवाद ज्ञापन दिनेश कुमार साह बाल संरक्षण पदाधिकारी द्वारा किया गया। उक्त कार्यशाला में  अपर समाहर्ता विभागीय जांच कृष्ण प्रसाद गुप्ता, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष सुबोध राउत, डीएसपी मुख्यालय राम कृष्णा, किशोर न्याय बोर्ड के प्रतिनिधि सभी थानों से आए बाल कल्याण पुलिस पदाधिकारी, सीमा सुरक्षा बल के पदाधिकारी, चाइल्डलाइन एवं अन्य स्वयंसेवी संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित थे.

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