देहरादून फ़र्ज़ी इंटरनेशनल कॉल सेंटर से राजनीतिक भूचाल - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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गुरुवार, 4 अगस्त 2022

देहरादून फ़र्ज़ी इंटरनेशनल कॉल सेंटर से राजनीतिक भूचाल

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नई दिल्ली। देहरादून एस टी एफ ने पिछले दिनों देहरादून फ़र्ज़ी इंटरनेशनल कॉल सेंटर का भंडाफोड़ करके 1 करोड़ 26 लाख की नकदी व लेपटॉप ,कम्यूटर समेत अनेक इलेक्ट्रॉनिक सामान को जब्त किया था जिसमें से एक आरोपी पुलिस को चमका देकर 75 लाख की नकदी लेकर मौके से ही फरार हुआ था अब उनके राजनीतिक कनेक्शनों का खुलासा हुआ है की देहरादून में एक उभरती राजनैतिक पार्टी जो देश में ईमानदारी का दंभ भारती है उसके साथ इस फ़र्ज़ी काल कॉल सेंटर के संचालकों जिसमें से मेरठ निवासी नितिन,उदित गर्ग,गर्भित एवं उनके पार्टनर प्रमुख है उसके सीधे संबंध है।  सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इस फ़र्ज़ी इंटरनेशनल कॉल सेंटर को देहरादून में इसी पार्टी का राजनैतिक संरक्षण प्राप्त था। प्राप्त जानकारी के अनुसार उत्तराखंड और दिल्ली में विधानसभा चुनाव से पहले नितिन और उसके इस गेंग में शामिल साथियों ने आम आदमी पार्टी को चंदा भी करोड़ों में दिया था। जिससे पार्टी ने चुनाव लड़ा था। पार्टी भले ही चुनाव हारी लेकिन दिल्ली में तीसरी बार केजरीवाल सरकार बनाने में सफल हुए शायद इन फ़र्ज़ी काल सेंटरों के संचालकों और उनके पार्टनरों से मिला चंदा पार्टी के काम भी आया और केजरीवाल तीसरी बार मुख्यमंत्री भी बने। हालाँकि आम आदमी पार्टी को मिले करोड़ों रूपए के इस चंदे की पुष्टि नहीं हो सकी है। लेकिन तत्कालीन समय में उत्तराखंड में आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं सी एम केंडिडेट रहे पूर्व प्रत्याशी कर्नल अजय कोठियाल और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के साथ इस काल सेंटर के असली सरगना नितिन के फोटो सोशल मीडिया और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर वायरल हैं और पब्लिक डोमेन में है। जबकि नितिन का सगा भाई विकास गुप्ता भी जेल में बंद है जिसकी जमानत के लिए राजनीतिक और विधिक जद्दोजहद की जा रही है। वहीँ, एसटीएफ से मिली जानकारी के अनुसार आरोपियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के लिए एसटीएफ द्वारा विभिन्न एजेंसियों प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी),एफ.बी.आई,केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई),5- आरओसी (कंपनियों के रजिस्ट्रार),दूरसंचार विभाग (डीओटी),सीजीएसटी,एसजीएसटी,राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) भी इस केस की जांच कर रही हैं।  गौरतलब है कि इस घटना में विभिन्न बैंक खातों के विश्लेषण से अनुमानित 225 करोड़ के संदिग्ध धन के लेनदेन की जानकारी भी इन एजेंसियों से साझा की जा रही है । अभियोग में माइक्रोसॉफ्ट कंपनी से भी पत्राचार किया गया है जिससे टोल फ्री नम्बरो के सम्बन्ध में दुनियाभर से प्राप्त हजारो शिकायतों की जानकारी मांगी गयी है, जिसकी जानकारी बहुत जल्द माइक्रोसॉफ्ट कंपनी   द्वारा प्रदान की जायेगी । प्रभारी एसटीएफ उत्तराखण्ड द्वारा आश्वासन दिया गया है कि एसटीएफ लगातार इस प्रकार के अवैध कॉल सेंटर पर प्रभावी कार्यवाही कर रही है, इस मामले में भी तह तक जायेगी एवं हर प्रकार के तथ्यों  को खंगालेगी । आम आदमी पार्टी से इस संबंध को विपक्ष भ्रष्टचार बता रहा है और मुख्यमंत्री को इसका सबसे बड़ा संरक्षक क्योंकि आबकारी निति में सिसोदिया के खिलाफ सी बी आई जाँच और दिल्ली के स्वास्थ्य एवं लोक निर्माण मंत्री सत्येंद्र जैन की गिफ्तारी के बाद आम आदमी पार्टी बैकफुट पर है, लेकिन संसद के मानसूत्र सत्र में हमलावर है।  अब इस फ़र्ज़ी काल सेंटर संचालकों के साथ संबंध पर आम आदमी पार्टी को अपना रुख साफ़ करना पड़ेगा कि 225 करोड़ के कॉल सेंटर फर्ज़ीवाड़े में आरोपी नितिन गुप्ता से क्या संबंध है। 

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