कविता : मां - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शनिवार, 24 सितंबर 2022

कविता : मां

माँ कहती थी तू जान है मेरी।


प्यारी प्यारी मां है तू मेरी।।


मां एक भगवान है।


बच्चों के लिए मां उसकी जान है।।


मां ही मुझे दुनिया में लाई।


वही मेरी मां कहलाई।।


लोरी गाकर हमें सुलाती।


बचपन की बातें हमें बताती।।


बचपन में हमें उंगली पकड़ कर स्कूल ले जाती।


वही मेरी प्यारी प्यारी मां कहलाती।।



Nisha gadhiya

निशा गढ़िया

कपकोट, बागेश्वर

उत्तराखंड

चरखा फीचर

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