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मंगलवार, 20 सितंबर 2022

आईसीसी ने लार पर प्रतिबंध को स्थायी किया

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दुबई, 20 सितंबर, वैश्विक क्रिकेट की नियामक संस्था अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने मंगलवार को खेल के नियमों में बदलाव करते हुए लार के प्रयोग पर स्थायी प्रतिबंध लगा दिया। आईसीसी ने यहां जारी विज्ञप्ति में कहा कि सौरव गांगुली के नेतृत्व वाली पुरुष क्रिकेट समिति ने महिला क्रिकेट समिति की सहमति के साथ एमसीसी की क्रिकेट नियमों की 2017 संहिता (तीसरा संस्करण) में बदलावों की सिफारिश की थी, जिसे मुख्य कार्यकारी समिति (सीईसी) ने मंजूरी दी। नये नियम एक अक्टूबर 2022 से लागू होंगे और 16 अक्टूबर से ऑस्ट्रेलिया में होने वाले टी20 विश्व कप में भी प्रयोग में लिये जायेंगे। आईसीसी ने कहा कि जून 2020 में लार के प्रयोग पर लगाये गये प्रतिबंध को स्थायी कर दिया गया है। कोरोना महामारी के कारण क्रिकेट को बायो-बबल के भीतर कर दिया गया था और गेंद को चमकाने के लिए लार के प्रयोग पर प्रतिबंध लगाया गया था। आईसीसी ने दो साल की अवधि के बाद इस प्रतिबंध को स्थायी बनाने का फैसला किया, जब​​​​कि बायो-बबल अब अनिवार्य नहीं हैं। नये नियमों के अनुसार जब कोई बल्लेबाज कैच आउट होगा तो नया बल्लेबाज ही स्ट्राइक लेगा, भले ही पिछले दोनों बल्लेबाज विपक्षी टीम के खिलाड़ी के कैच लेने से पहले रन लेते समय एक दूसरे को पार कर गये हों। यह नियम मार्च 2022 में दुनिया के सामने आ गया था और एक अक्टूबर से आधिकारिक रूप से अमल में लिया जायेगा। आईसीसी ने क्रीज से बाहर निकले नॉन-स्ट्राइकर बल्लेबाज को रनआउट करने को 'अनुचित खेल' से हटाकर 'रनआउट' श्रेणी में स्थानांतरित कर दिया है। आउट करने की इस पद्धति को अब मांकडिंग की जगह नियमित रनआउट माना जायेगा। आईसीसी ने नये बल्लेबाज को क्रीज पर आने के लिये मिलने वाले समय को भी कम किया है। पहले एकदिवसीय और टेस्ट मैच में एक बल्लेबाज के पास विकेट गिरने के बाद क्रीज पर आने और स्ट्राइक लेने के लिए तीन मिनट का समय होता था। नये नियमों के अनुसार, दोनों प्रारूपों में बल्लेबाज को विकेट गिरने के दो मिनट के भीतर स्ट्राइक लेनी होगी। टी20 अंतरराष्ट्रीय में यह समय पूर्व की तरह 90 सेकंड ही रहेगा। समिति की सिफारिशों के आधार पर टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में धीमी ओवर गति के लिये पेश की गयी इन-मैच पेनल्टी को एकदिवसीय मैचों मेंं भी लागू करने का फैसला किया गया है। जनवरी 2022 में लागू किये गये नियम के अनुसार एक फील्डिंग टीम पारी के अंत के लिए निर्धारित या पुनर्निर्धारित समय तक अंतिम ओवर की पहली गेंद फेंकने की स्थिति में होनी चाहिए। यदि वे ऐसी स्थिति में नहीं है तो शेष पारी के लिए 30 गज के दायरे के बाहर एक कम फील्डर को अनुमति दी जाएगी। आईसीसी पुरुष क्रिकेट विश्व कप सुपर लीग 2023 के पूरा होने के बाद अब यह नियम एकदिवसीय क्रिकेट में भी अपनाया जाएगा। नये नियमों के तहत जब गेंदबाज गेंदबाजी करने के लिए दौड़ रहा हो तो मैदान पर कोई भी अनुचित या जानबूझकर किये गये बदलाव फील्डिंग टीम पर पांच रन का दंड लगवा सकते हैं और बॉल को डेड भी घोषित किया जा सकता है। साथ ही, यदि कोई बल्लेबाज गेंद खेलने के लिए पिच की सीमा से बाहर निकलता है, तो उसे नो-बॉल माना जाएगा। गांगुली ने सिफारिशों के बारे में कहा, “आईसीसी क्रिकेट समिति की मेरी पहली बैठक की अध्यक्षता करना मेरे लिए सम्मान की बात थी। मैं समिति के सदस्यों के योगदान से प्रसन्न था जिसके परिणामस्वरूप महत्वपूर्ण सिफारिशें की गयीं। मैं सभी सदस्यों को उनके बहुमूल्य सहयोग और सुझावों के लिए धन्यवाद देता हूं। ”

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