विदिशा (मध्य प्रदेश) की खबर 12 सितंबर - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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सोमवार, 12 सितंबर 2022

विदिशा (मध्य प्रदेश) की खबर 12 सितंबर

मुख्यमंत्री जी सिंगल क्लिक से फसल क्षति की मुआवजा राशि 19 को जारी करेंगे


मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान विदिशा जिले में अतिवृष्टि व बाढ़ के कारण फसलों की हुई क्षति मुआवजा राशि सिंगल क्लिक से सोमवार 19 सितंबर को जारी करेंगे की जानकारी आज कलेक्टर श्री उमाशंकर भार्गव ने लंबित आवेदनों की समीक्षा बैठक में दी। उन्होंने जिला व व्हीसी के माध्यम से खण्ड स्तरीय अधिकारियों से कहा कि सर्वे संबंधी कार्य पूर्ण हो चुका है। मुआवजा राशि के बिल तैयार कराना सुनिश्चित करें ताकि 19 सितंबर के पूर्व आहरण संबंधी समुचित कार्यवाही पूर्ण हो जाए।


सीएम हेल्पलाइन आवेदनों का निराकरण नहीं करने वालों के खिलाफ कार्यवाही करने के निर्देश


सीएम हेल्पलाइन के तहत दर्ज आवेदनों के निराकरण हेतु जिले में विशेष पहल करने के निर्देश कलेक्टर श्री उमाशंकर भार्गव ने सोमवार को लंबित आवेदनों की समीक्षा बैठक के दौरान जिला व खण्ड स्तरीय अधिकारियों को दिए हैं। उन्होंने बताया कि सीएम हेल्पलाइन की अब तक की जारी प्रदेश स्तरीय ग्रेडिंग सूची में विदिशा जिला 15वें स्थान पर है। उन्होंने टॉप-5 में शामिल हो इसके लिए विभागों के अधिकारी हर संभव पहल करें। कलेक्टर श्री भार्गव ने कहा कि मंगलवार को जनसुनवाई कार्यक्रम क साथ-साथ सीएम हेल्पलाइन के दर्ज आवेदनों के निराकरण हेतु अनुविभाग स्तर पर विशेष शिविर आयोजित किए जाएं। इन शिविरों में संबंधित आवेदकों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने के निर्देश संबंधित विभागों के अधिकारियों को दिए गए हैं। उन्होंने समस्त एसडीएम से कहा कि सीएम हेल्पलाइन के आवेदनों के निराकरण कार्यों में नोडल की भूमिका का निर्वहन करते हुए ऐसे विभाग जहां ज्यादा संख्या में आवेदन लंबित हैं उनके निराकरण हेतु विशेष प्रक्रिया क्रियान्वित कराएं। कलेक्टर श्री भार्गव ने बताया कि सीएम हेल्पलाइन के अन्तर्गत अगस्त माह के दर्ज आवेदनों का निराकरण शत-प्रतिशत कराना सुनिश्चित करेंगे ताकि जिले व विभाग को निराकरण के अंक प्राप्त हो सकें। जिससे जिला व विभाग की स्थिति में सुधार परिलीक्षित हो। शेष अन्य माह के आवेदनों का निराकरण कराने पर अंकों की प्राप्ति नहीं होगी। उन्होंने बहुतायत संख्या में दर्ज आवेदन वाले विभाग नगरीय निकाय, राजस्व, उर्जा, स्वास्थ्य, शिक्षा व श्रम विभाग के अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए गए हैं।


निराकरण नहीं कराने वाले जनपदों के सीईओ का वेतन रोकने के निर्देश


जिला पंचायत सीईओ डॉ योगेश भरसट ने भी सीएम हेल्पलाइन के तहत दर्ज आवेदनों के निराकरण में रूचि प्रदर्शित नहीं करने वाले जनपदों के सीईओ का वेतन रोकने के निर्देश व्हीसी समीक्षा बैठक में दिए हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामी विकास विभाग के अन्तर्गत दर्ज आवेदनों का सर्वोच्च प्राथमिकता से निराकरण कराते हुए पोर्टल पर ऑनलाइन सटीक जबाव अंकित किया जाए। ऐसे आवेदन जिनका निराकरण जनपद स्तर पर संभव नहीं है। उन आवेदनों के मामलों में स्पष्ट कारणों का उल्लेख पोर्टल पर जबाव दाखिल के करने के दौरान अंकित किया जाए।


कागपुर पुल पर भारी वाहन प्रतिबंधित


कलेक्टर श्री उमाशंकर भार्गव ने सोमवार को जिले में बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुए पुल पुलियों की अद्यतन स्थिति का भी जायजा लिया। जिले की सभी पुल-पुलियों पर यातायात पूर्वानुसार सुचारू रूप से संचालित होने लगा है। उन्होंने कागपुर में बाह्य नदी के क्षतिग्रस्त पुल की मरम्मत कार्य पूर्ण होने के उपरांत निर्धारित अवधि के उपरांत ही भारी वाहनों का आवागमन शुरू कराया जाए। कलेक्टर श्री भार्गव ने कागपुर पर भारी वाहन एक सप्ताह तक के लिए प्रतिबंधित करते हुए कहा कि मरम्मत कार्य के उपरांत किए गए प्लास्टर की अवधि पूर्ण होने तक आवागमन प्रतिबंधित रहे। ततसंबंध में उन्होंने पुलिस अधीक्षक को भी आवागमन रोकने के संबंध में विभाग को मदद मुहैया कराने हेतु पुलिस बल तैनात करने के संबध में भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि कागपुर पुल के दोनों ओर बेरिकेट्स लगाए जाएं। वहीं नेशनल हाईवे विभाग के माध्यम से कर्मचारी भी तैनात किए जाएं। कलेक्टर श्री भार्गव ने कहा कि एक सप्ताह तक केवल दो पहिया वाहनों को ही कागपुर पुल के उपर से आने-जाने की सहूलियत प्रदाय की जाए। एक सप्ताह के पश्चात ही भारी वाहनों का यातायात संचालित किया जाए। एनएच के एसडीओ बीएल अहिरवार ने निर्देशों के परिपालन में तत्काल क्रियान्वित व्यवस्था की जानकारी से अवगत कराया।


बाढ़ पीड़ित परिवारों को निशुल्क खाद्यान्न का वितरण


कलेक्टर श्री उमाशंकर भार्गव ने लंबित आवेदनों की समीक्षा बैठक के दौरान बाढ़ पीड़ित परिवारों को आरबीसी 6 (4) के तहत निशुल्क प्रदाय किए गए 50-50 किलो खाद्यान्न वितरण की व्यवस्था की जानकारी जिला आपूर्ति अधिकारी से प्राप्त की। उन्होंने कहा कि तहसीलदारों के द्वारा जारी किए गए ऑर्डरों के उपरांत एक भी बाढ़ पीड़ित परिवार खाद्यान्न प्राप्ति से वंचित ना रहे। उन्होंने कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्य क्षेत्रों की उचित मूल्य दुकानो की अद्यतन स्थिति का जायजा अनिवार्य रूप से लेते हुए पालन प्रतिवेदन जिला कार्यालय को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। यदि किसी शासकीय उचित मूल्य की दुकान में लापरवाही बरती जाती है तो संबंधित दुकान संचालक के खिलाफ कठोर कार्यवाही प्रस्तावित करें।


विलास चक्क के आदिवासियों को आवश्यक सामग्री का वितरण कराएं


कलेक्टर श्री उमाशंकर भार्गव ने व्हीसी खण्ड स्तरीय समीक्षा के दौरान नटेरन एसडीएम श्री विजय रॉय से जानकारी प्राप्त करते हुए उन्हें निर्देश दिए हैं कि जोहद पंचायत के विलास चक्क ग्र्राम के आदिवासियों को राहत शिविर के जिन स्कूलों में ठहराया गया था। वे वहां से अब अपने गांव चले गए हैं। उन सभी 85 आदिवासी परिवारों को आवश्यक खाद्य सामग्री के साथ-साथ दैनिक दिनचर्या की सामग्री जिला कार्यालय से प्राप्त कर एक दिवस में विलास चक्क गांव में पहुंचकर वितरण कराना सुनिश्चित करें। कलेक्टर श्री भार्गव ने कहा कि जिला कार्यालय में भण्डारित सामग्री जिसमें पानी टंकी, दाल, चावल, सोयाबीन बड़ी, पहनने ओढ़ने के वस्त्रों को एक मिनी मेटाडोर में परिवहन कराने हेतु जिला स्तर पर प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।


लंपी वायरस से मवेशियों को बचाने के प्रबंध सुनिश्चित करें


कलेक्टर श्री उमाशंकर भार्गव ने लंबित आवेदनों की समीक्षा बैठक के दौरान पशु चिकित्सा विभाग के उप संचालक श्री ओपी गौर को निर्देश दिए हैं कि मवेशियों को होने वाले लंपी वायरस से बचाने के प्रबंध सुनिश्चित किए जाएं। विभाग के अधिकारी ने बताया कि 10 हजार टीके प्राप्ति का ऑर्डर विभाग के माध्यम से प्रेषित किया गया है। पशुओं में लंपी वायरस की पहचान के संबंध में जन जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन विभाग के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जहां भी लंपी वायरस के संबंध में सूचना प्राप्त होने पर अबिलंव विभाग के चिकित्सक पहुंचकर संबंधित पशु के उपचार की प्रक्रिया क्रियान्वित कर रहे हैं। उप संचालक श्री गौर ने जिले में पशुधन के टीकाकरण हेतु क्रियान्वित व्यवस्था अब तक किए गए टीकाकरण के अलावा केसीसी जारी की जानकारियां भी प्रस्तुत की हैं।


कृमि मुक्ति दिवस तहत कार्यक्रम आज, कृमि नाशक हेतु मीठी गोली एल्बेंडाजॉल का सेवन कराया जाएगा


राष्ट्रीय कृमिमुक्ति दिवस का आयोजन आज मंगलवार 13 सितम्बर को किया जाएगा। इस दिवस को 01 से 19 आयु वर्ग के सभी बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को पेट की कृमि से मुक्ति के लिए एल्बेडाजॉल की मीठी गोली खिलाई जाएगी तथा 16 सितम्बर, 2022 को कृमि मुक्ति के लिए मीठी गोली एल्बेंडाजॉल के सेवन से छूटे हुए बच्चों को दवा पिलाई जाएगी। शासन की मंशानुसार कोई भी 1 से 19 वर्ष आयु वर्ग का बच्चा दवा पीने से नहीं छूटे। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एके उपाध्याय ने बताया कि एक से 19 आयु वर्ग के बच्चों के पेट में कृमि ज्यादा होने से उनका मानसिक एवं शारीरिक विकास ठीक प्रकार से नहीं हो पाता है। बच्चे बीमार एवं कमजोर रहते हैं। खून की कमी भी हो जाती है। बच्चा थका हुआ रहता है। उसका पढ़ाई एवं अन्य दिनचर्या के कार्या में मन नहीं लगता है। बच्चों के पेट में कृमि होने पर कृमि बच्चे का पौष्टिक भोजन एवं रक्त चूस लेते है। जिससे बच्चे पर्याप्त भोजन लेने के बाद भी कमजोर होकर कुपोषित हो जाते है। रक्त की कमी के भी शिकार हो जाते है। उनका शारीरिक एवं मानसिक विकास रूक जाता है। बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास की कमी को दूर करने के लिए एल्बेडाजॉल की मीठी गोली खिलाई जाती है। एल्बेडाजॉल की मीठी गोली प्रायवेट, सरकारी, आंगनबाड़ी, बाल सुधार गृह, आश्रम एवं छात्रावासों में बच्चों को प्रशिक्षित कर्मचारियों द्वारा खिलाई जाएगी। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का उद्देश्य बच्चों, किशोर-किशोरियों का कृमिनाशन कर मिट्टी जनित कृमि संक्रमण की रोकथाम, स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर वृद्धि करना है। इसके अंतर्गत शासकीय अनुदान प्राप्त शालाओं, आदिवासी आश्रम शालाओं, प्रायवेट अनुदान प्राप्त शालाओं, केन्द्र शासित शालाओं, मदरसों, स्थानीय निकाय की शालाओं, आंगनवाड़ी केन्द्रों तथा किशोर न्याय अधिनियम 2015 अंतर्गत संचालित चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूट में 1 से 19 वर्षीय समस्त बच्चों का कृमिनाशन किया जाएगा। इस हेतु किशोर न्याय अधिनियम 2015 अंतर्गत संचालित चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूट यथा शिशु गृह, बालक गृह, बालिका गृह, बाल संप्रेक्षण गृह इत्यादि में मैदानी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं द्वारा भ्रमण कर अपनी निगरानी में ऐसे समस्त बच्चों को एल्बेडाजॉल गोलियों का उम्र अनुसार सेवन कराया जाना लक्षित किया गया है।


पल्स पोलिया अभियान 18 से


राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के तहत विदिशा जिले में 18 सितंबर से पोलिया विमुक्ति की दवा निर्धारित आयुवर्ग के बच्चों को पिलाने के प्रबंध सुनिश्चित किए गए हैं। कलेक्टर श्री उमाशंकर भार्गव ने जिले में पल्स पोलियो अभियान के क्रियान्वयन के लिए किए जाने वाले प्रबंधों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि एक भी बच्चा पोलियो विमुक्ति की दवा पिलाने से वंचित ना रहे। अभियान के क्रियान्वयन में जिन जिन विभागों का सहयोग आपेक्षित किया गया है उन विभागों के अधिकारियों को लिखित जबावदेंही सौंपी जाए। इसी प्रकार स्वास्थ्य विभाग व महिला बाल विकास विभाग का ग्राम स्तरीय अमला खासकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका व आशा कार्यकर्ता की महत्ती भूमिका पर भी गहन प्रकाश डाला गया है। जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ डीके शर्मा ने बताया कि पल्स पोलिया अभियान के तहत 18 सितंबर को पोलियो बूथ सेंटरों पर पोलियो विमुक्ति की दवा पिलाई जाएगी। शेष वंचित रह गए बच्चों को अभियान के दूसरे दिन अर्थात 19 एवं 20 सितंबर को डोर-टू-डोर सर्वे कर क्रॉस मॉनिटरिंग की जाएगी वहीं पोलियो विमुक्ति की दवा से वंचित रह गए बच्चों को इन दलों के द्वारा पोलियो ड्रॉप पिलाई जाएगी।


ई-रोल आधार संग्रहण का शेष कार्य 15 तक पूरा करें


निर्वाचन आयोग द्वारा जारी निर्देशों के अनुपालन में विदिशा जिले के सभी मतदाताओं के इपिक कार्ड आधार से लिंक कराने का कार्य क्रियान्वित किया जा रहा है। कलेक्टर श्री उमाशंकर भार्गव ने सोमवार को उपरोक्त कार्यों की समीक्षा नवीन कलेक्ट्रेट के बेतवा सभागार कक्ष में की। बैठक में बताया गया कि जिले में अब तक ई-रोल आधार संग्रहण कार्य 86 प्रतिशत तक पूर्ण हो चुका है 15 सितंबर तक इसे 95 प्रतिशत पूरा कराये जाने के निर्देश प्राप्त हुए हैं। कलेक्टर श्री भार्गव ने व्हीसी समीक्षा के दौरान समस्त एसडीएम से कहा कि मतदान केन्द्रों के युक्ति युक्त करण के प्रस्ताव भी 15 सितंबर तक अनिवार्य रूप से जिला कार्यालय को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।


सीएम हेल्पलाइन पोर्टल 181 पर दर्ज होगी, मुख्यमंत्री जन सेवा अभियान की क्रियान्वित 33 योजनाओं की जानकारी


मुख्यमंत्री जन सेवा अभियान से संबंधित सम्पूर्ण कार्यवाही सीएम हेल्पलाइन 181 पोर्टल के माध्यम से की जानी है। इसके लिए 14 विभागों की कुल 33 योजनाएं चिन्हांकित कर इनके आवेदन प्राप्ति कर दर्ज करने की कार्यवाही जिले में भी सम्पादित की जाएगी। डिप्टी कलेक्टर व नोडल अधिकारी श्री हर्षल चौधरी ने बताया कि जिन विभागों की 33 योजनाएं चिन्हांकित की गई हैं उनमें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना, स्वच्छ भारत मिशन, मुख्यमंत्री ग्रामीण पथ विक्रेता योजना, पीएम स्वनिधि, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय निःशक्त पेंशन योजना, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना, राष्ट्रीय परिवार सहायता, समग्र सामाजिक सुरक्षा पेंशन, मुख्यमंत्री कन्या अभिभावक पेंशन योजना, 6 वर्ष से अधिक आयु के बहुविकलांग, बौद्विक दिव्यांग के लिये आर्थिक सहायता योजना, मुख्यमंत्री कल्याणी विवाह सहायता योजना, दिव्यांग छात्रवृत्ति, निःशक्त शिक्षा प्रोत्साहन योजना, निःशक्त विवाह प्रोत्साहन योजना, उच्च शिक्षा हेतु शिक्षण शुल्क, जीवन निर्वाह भत्ता, चिकित्सक की अनुशंसा से निःशुल्क कृत्रिम अंग सहायक उपकरण, आयुष्मान भारत निरामयम मध्यप्रदेश, लाड़ली लक्ष्मी योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, मध्यप्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण, कर्मकार कल्याण मण्डल के अंतर्गत भवन संनिर्माण श्रमिकों का पंजीयन, आहार अनुदान योजना, किसान क्रेडिट कार्ड (पशुपालन), किसान क्रेडिट कार्ड (सहकारी बैंकों के माध्यम से), किसान क्रेडिट कार्ड (मछुआ), मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, अटल पेंशन योजना, किसान क्रेडिट कार्ड (कमर्शियल बैंकों के माध्यम से) क्रियान्वित योजनाएं शामिल हैं।


प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यन उन्नयन योजनाओं की समीक्षा


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कलेक्टर श्री उमाशंकर भार्गव ने सोमवार को उद्यानिकी विभाग के माध्यम से क्रियान्वित प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना के कार्यों की समीक्षा नवीन कलेक्ट्रेट के बेतवा सभागार कक्ष में की। बैठक में उद्यानिकी विभाग के सहायक संचालक श्री केएल व्यास ने योजना की समुचित जानकारी से अवगत कराते हुए निजी एवं समूह को सूक्ष्य खाद्य प्रसंस्करण की नई इकाई स्थापित करने या पुरानी स्थापित इकाई के उन्नयन (अपग्रेडेशन) के लिए सहायता प्रदान के मापदण्डों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि जिले को योजना के तहत जिले को 80 हितग्राहियों को लाभान्वित करने का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। अब तक 48 प्रकरणों में बैंकों को स्वीकृति प्रदाय की जा चुकी है। उन्होंने आवेदन प्राप्ति की प्रक्रिया तथा डीएलसी लॉगिन पर प्राप्त एवं बैंक को भेजे गए आवेदनों की जानकारी से भी अवगत कराया है। उक्त बैठक में जिला पंचायत सीईओ डॉ योगेश भरसट, सहायक कलेक्टर सुश्री अर्चना कुमारी, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती आरती यादव, श्रीमती अमृता गर्ग, हर्षल चौधरी के अलावा उद्यानिकी, कृषि विभाग सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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