बिहार : जनता जाग गई तो सारे समीकरण हो जायेंगे ध्वस्त : प्रशांत किशोर - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

विजयी विश्व तिरंगा प्यारा , झंडा ऊँचा रहे हमारा। देश की आज़ादी के 75 वर्ष पूरे होने पर सभी देशवासियों को अनेकानेक शुभकामनाएं व बधाई। 'लाइव आर्यावर्त' परिवार आज़ादी के उन तमाम वीर शहीदों और सेनानियों को कृतज्ञता पूर्ण श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए नमन करता है। आइए , मिल कर एक समृद्ध भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं। भारत माता की जय। जय हिन्द।

शुक्रवार, 18 नवंबर 2022

बिहार : जनता जाग गई तो सारे समीकरण हो जायेंगे ध्वस्त : प्रशांत किशोर

  • पश्चिम चंपारण में 550 किमी से अधिक चलकर जन सुराज पदयात्रा के 48वें दिन पूर्वी चंपारण पहुंचे प्रशांत

People-will-change-bihar-prashant-kishor
पहाड़पुर, पूर्वी चंपारण, जन सुराज पदयात्रा के 48वें दिन आज प्रशांत किशोर सैकड़ों पदयात्रियों के साथ  पश्चिम चंपारण जिले के मझौलिया पंचायत के सतभेरवा गांव स्तिथ पदयात्रा कैंप से चलकर छोटा भनाचक,  भनाचक (अंबेडकर नगर), जवकाटिया, मझरिया, शेख टोली, परशोतिम्पुर, ढाप टोला, पड़ाऊ टोला होते हुए देर शाम को पहाड़पुर प्रखंड के मखनिया गांव पहुंचे, जहां पदयात्रियों ने रात्रि भोजन और विश्राम किया। पदयात्रा के  दौरान प्रशांत किशोर और उनके साथ चल रहे सैकड़ों पदयात्रियों ने लगभग 20 किमी का सफर पैदल चलकर तय किया। जन सुराज पदयात्रा के 48वें दिन की शुरुआत पश्चिम चंपारण जिले के मझौलिया पंचायत के सतभेरवा गांव स्तिथ जन सुराज पदयात्रा शिविर सभा से हुई। शिविर में स्थानीय लोगों को संबोधित करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा, "नेता आते हैं तो वह दिखाते हैं कि उनकी ताकत कितनी है, उसके साथ लोग कितने हैं। यह पूरा अभियान हमारी ताकत दिखाने का नहीं है, यह अभियान है जनता को उनकी ताकत का एहसास कराने का। आपको आपके एक-एक वोट की कीमत को समझना होगा। आपके राज्य की तिजोरी की चाबी किसको देनी है, यह आपका वोट निर्धारित करता है। जब आप अपने घर की तिजोरी की हिफाजत के लिए जिम्मेदार व्यक्ति के हाथों में उसे सौंपते हैं, तो फिर पूरे राज्य की तिजोरी किसी गलत व्यक्ति के हाथ में कैसे सौंप सकते हैं।"


पश्चिम चंपारण में 48 दिन में 550 किलोमीटर पैदल चलने के बाद, आज पूर्वी चंपारण में प्रवेश की पदयात्रा

प्रशांत किशोर ने जनता से बात करते हुए कहा कि जन सुराज पदयात्रा पश्चिम चंपारण में 48वें दिन 550 किलोमीटर से अधिक पैदल चलने के बाद, आज हम यहां से पूर्वी चंपारण के पहाड़पुर में प्रवेश करेंगे। इन 48 दिनों की पदयात्रा के दौरान हजारों लोगों से मिलकर पश्चिम चंपारण को करीब से देखा-समझा। गांव, प्रखंड, नगर पंचायतों की समस्याओं का अलग-अलग संकलन किया। हमने पाया की यहाँ की सबसे बड़ी समस्या यह नहीं है कि यहां रोजगार नहीं है, विद्यालयों में शिक्षा नहीं है, अच्छी सड़कें नहीं है, भ्रष्टाचार है, बल्कि यहां की सबसे बड़ी समस्या 'राजनीतिक-सामाजिक जड़ता' है। क्योंकि हम वोट देते वक्त अपनी समस्याओं को दरकिनार करके महज हिंदू-मुस्लिम और जातिवाद के चुनावी जुमला के नाम पर वोट दे देते हैं।


जनता जाग गई तो सारे समीकरण हो जायेंगे ध्वस्त 

पश्चिम चंपारण की धरती को छोड़ने से पूर्व स्थानीय जनता को संबोधित करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि क्या यह संभव था कि अकेले गांधीजी पूरे देश को आजाद करा देते। जब चंपारण में गांधी जी आए थे तो लोग उन्हें इतना नहीं जानते थे, लेकिन जनता उनके पीछे खड़ी हो गई। इसके साथ ही जनता से अपील करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि जैसे पश्चिम चंपारण में गांधी जी का छोटा सा शुरू हुआ आंदोलन देश में इतने व्यापक स्तर पर फैला की अंग्रेज़ी हुकूमत को घुटने टेकने पड़े। जनशक्ति ही सबसे बड़ी शक्ति है, इसलिए एक बार जनता पुनः जाग गई तो सारे समीकरण ध्वस्त हो जायेंगे और जनता की जीत होगी। प्रशांत किशोर ने कहा कि मेरा मकसद सिर्फ जनता को यह बताना है कि आपकी सारी समस्याओं का समाधान आपका वोट निर्धारित करेगा। ताकत किसी नेता या दल की नहीं बल्कि आपके वोट की ही है। अस्पताल ,स्कूल, सड़कें आपके वोट देने से ही बनेंगे। आपका रोजगार भी आपका वोट ही तय करेगा। अगर आप सही व्यक्ति को वोट देंगे तो सब विकास होगा गलत व्यक्ति को वोट देंगे तो 5 साल कितना भी सरकार को कोस ले, कुछ नहीं बनेगा।


पूर्वी चंपारण के पहाड़पुर प्रखंड में सैकड़ों बाइक सवार युवाओं ने किया प्रशांत किशोर का भव्य स्वागत

जन सुराज पदयात्रा के 48वें दिन आज प्रशांत किशोर सैकड़ों पदयात्रियों के साथ पश्चिम चंपारण के मंझौलिया प्रखंड से चलकर पूर्वी चंपारण के पहाड़पुर प्रखंड पहुंचे। इस दौरान पहाड़पुर में प्रवेश के समय सैकड़ों की संख्या में बाइक सवार युवाओं और स्थानीय लोगों ने प्रशांत किशोर समेत साथ चल रहे सैकड़ों पदयात्रियों का स्वागत किया और पदयात्रा में आगे-आगे चलने लगे। युवा बाइकों पर जन सुराज के झंडे लहरा रहे थे और 'जन सुराज जिंदाबाद' के गगनभेदी नारे भी लगा रहे थे। पूरे काफिला के साथ जन सुराज पदयात्रा के सभी लोग रात्रि विश्राम के लिए पहाड़पुर प्रखंड के मखनिया गांव पहुंची।

कोई टिप्पणी नहीं: