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शनिवार, 24 दिसंबर 2022

बिहार की शिक्षा व्यवस्था से आपका बेटा कभी कलक्टर नहीं बन सकता

  • जन सुराज पदयात्रा: 84वां दिन

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मधुबन, पूर्वी चंपारण, जन सुराज पदयात्रा के 84वें दिन की शुरुआत मकसुदपुर कररिया पंचायत स्थित पदयात्रा शिविर में सर्वधर्म प्रार्थना से हुई। इसके बाद प्रशांत किशोर सैकड़ों पदयात्रियों के साथ लालगढ़ हाई स्कूल से निकले। आज जन सुराज पदयात्रा पूर्वी चंपारण के कौड़िया, कृष्णा नगर, बाजितपुर, मधुबन उत्तरी, मधुबन दक्षिणी होते हुए तालिमपुर पंचायत के भगवान सिंह कॉलेज में रात्रि विश्राम के लिए पहुंची। प्रशांत अबतक पदयात्रा के माध्यम से लगभग 1000 किमी पैदल चल चुके हैं। इसमें 550 किमी से अधिक पश्चिम चंपारण में पदयात्रा हुई और पूर्वी चंपारण में अबतक 330 किमी और शिवहर में 120 किमी से अधिक पैदल चल चुके हैं। आज पदयात्रा फिर से पूर्वी चंपारण जिले में प्रवेश कर गई और अगले कई दिनों तक जिले में रहेगी। दिन भर के पदयात्रा के दौरान प्रशांत किशोर 4 आमसभाओं को संबोधित किया और 5 पंचायत, 15 गांव से गुजरते हुए 19 किमी की पदयात्रा तय किया। इसके साथ ही प्रशांत किशोर स्थानीय लोगों के साथ संवाद स्थापित किया।


बिहार की ध्वस्त शिक्षा व्यवस्था में पढ़कर और पिल्लू वाली खिचड़ी खाकर आपका बेटा कभी कलक्टर नहीं बनेगा

जन सुराज पदयात्रा के दौरान कौड़िया एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि आप जब तक जात और धर्म के आधार पर वोट देते रहेंगे तब तक आपका विकास कभी नहीं होगा। आप पुलवामा के नाम पर वोट देंगे तो आपको आपके हक का पेंशन भी नहीं मिलेगा और ये आपके कर्मों का नतीजा होगा। बिहार के जवान आज पढ़ लिख कर घर में बेरोजगार बैठा और बिहार का परिवार जात-पात खोजने में लगा है। आज लालू जी का बेटा दसवीं भी पास नहीं किया है और उनको चिंता है की मेरा बेटा मुख्यमंत्री कैसे बन जाए। बिहार की जनता जात और धर्म में ही उलझी रह जाती है। लालू-नीतीश ने अपने राज में पूरे बिहार की शिक्षा व्यवस्था पिछले 32 साल में पूरा ध्वस्त कर दिया है। पिल्लू लगे खिचड़ी स्कूल में बच्चों को बाटा जा रहा है और उसको खा कर आपका बच्चा कलक्टर बनेगा? नहीं! अगर यही स्थिति रही तो मजदूरी के अलावा आपका बच्चा कुछ नही करेगा।


बिहार की किस्मत सिर्फ अच्छे जनप्रतिनिधि ही बदल सकते हैं

जन सुराज पदयात्रा के दौरान एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार में पहले ही 50 नेता दल बना कर बैठे हैं, जो भी नेता आता है वो दल बना कर बैठ जाता है। वो सोचते हैं कि हम हैं आपके नेता और हमारे बाद हमारा बेटा होगा। यह जानते हुए भी कि ऐसे दल ना कभी आपका भला कर सकते हैं ना भला सोच सकते हैं। जनता भी सब जानते हुए उन्हें वोट देती है। अगर यही हाल रहा तो बिहार की आने वाली पीढ़ी की भी जिंदगी इसी बदहाली और गरीबी में बीतेगी। बिहार को कोई सुधार सकता है तो वो ख़ुद बिहार के लोग हैं। बिहार को सुधारने के लिए मंगल ग्रह से लोग नहीं आयेंगे। बिहार तब सुधरेगा जब 5-6 हज़ार अच्छे ईमानदार आदमी मुखिया और 100 से 150 अच्छे लोग विधायक बनेंगे। बिहार में केवल मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री बदलने से बिहार नहीं बदलने वाला है।

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