मधुबनी : जल-जीवन- हरियाली दिवस पर परिचर्चा का हुआ आयोजन - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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मंगलवार, 6 दिसंबर 2022

मधुबनी : जल-जीवन- हरियाली दिवस पर परिचर्चा का हुआ आयोजन

  • उप विकास आयुक्त के नेतृत्व में उपस्थित पदाधिकारियों एवं कर्मियों ने प्रत्येक वर्ष कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी सुरक्षा एवं देखभाल करने, अपने आसपास के तालाब नदी पोखर एवं अन्य जल स्रोतों को प्रदूषित नहीं करने, आवश्यकता से अधिक जल का उपयोग नहीं करने, बिजली का उपयोग आवश्यकता अनुसार ही करने आदि लिया 11 संकल्प।
  • सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के तत्वाधान में जल-जीवन- हरियाली दिवस पर समाहरणालय  सभागार में परिचर्चा आयोजित की गई। उप विकास आयुक्त, विशाल राज के नेतृत्व में आज समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में जल-जीवन-हरियाली एवं पर्यावरण संरक्षण को लेकर शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया।

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मधुबनी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, परिमल कुमार ने बताया कि बिहार सरकार द्वारा जारी निर्देश के आलोक में जल जीवन हरियाली मिशन की सफलता को लेकर प्रत्येक महीने के प्रथम मंगलवार को अलग अलग विभागों के तत्वावधान में "जल जीवन जागरूकता अभियान" के विषय पर परिचर्चा का आयोजन किया जाता है। इस बार यहअवसर सूचना एवं जनसंपर्क विभाग को प्राप्त हुआ था। इस कड़ी में आज जिला जनसंपर्क कार्यालय के तत्वावधान में समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में परिचर्चा का आयोजन किया गया था। इस अवसर पर जहां परिचर्चा का आयोजन हुआ वहीं, उपस्थित लोगों द्वारा शपथ भी ली गई। जिसमें कहा गया कि प्रत्येक वर्ष कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी सुरक्षा एवं देखभाल कर वृक्ष बनाऊंगा/ बनाऊंगी। अपने आस पास के तालाब, नदी, पोखर एवं अन्य जलस्रोतों को प्रदूषित नहीं करूंगा/ करूंगी। आवश्यकता से अधिक जल का उपयोग नहीं करूंगा/ करूंगी एवं इस्तेमाल के बाद नल को बंद कर दूंगा/ दूंगी। अपने घर/ विद्यालय पास पड़ोस में वर्षा के जल संचयन हेतु अपने परिवार के सदस्यों को प्रेरित करूंगा/ करूंगी। बिजली का उपयोग आवश्यकतानुसार ही करूंगा/ करूंगी। घर से बाहर निकलते समय बिजली के बल्ब/ पंखा को बंद कर दूंगा/ दूंगी। अपने घर, विद्यालय एवं आस पड़ोस को स्वच्छ रखते हुए वहां से निकलने वाले कूड़े को कूड़ेदान में ही डालूंगी/ डालूंगी। प्लास्टिक/ पॉलीथिन का उपयोग बंद कर कपड़े/ कागज का उपयोग करूंगा/ करूंगी और अन्य लोगों को उसके लिए प्रेरित करूंगा/ करूंगी। जीव जंतुओं एवं पशु पक्षियों के प्रति प्रेम भाव रखूंगा/ रखूंगी। इनके लिए यथा संभव दाना पानी की व्यवस्था करूंगा/ करूंगी। नजदीक के कार्य पैदल अथवा साइकिल से करूंगा/ करूंगी। कागज का अनावश्यक उपयोग नहीं करूंगा/ करूंगी एवं अन्य लोगों को भी इस हेतु प्रेरित करूंगा/ करूंगी। मैं खुले में शौच नहीं कर शौचालय का उपयोग करूंगा/ करूंगी।


बताते चलें कि मौके पर राज्य स्तर पर सचिव, माननीय मुख्यमंत्री, बिहार सह सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, बिहार सरकार अनुपम कुमार की अध्यक्षता में आयोजित राज्य स्तरीय परिचर्चा का लाइव टेलीकास्ट भी प्रसारित किया गया। इस दौरान निदेशक, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, बिहार सरकार, अमित कुमार एवं मिशन निदेशक जल जीवन हरियाली, राहुल कुमार के साथ साथ अन्य पर्यावरणविदों ने भी अपने अपने विचार व्यक्त किए।

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