दरभंगा : ऑक्सफ़र्ड के बड़े विद्वान दिवाकर आचार्य का दरभंगा में स्वागत - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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रविवार, 18 दिसंबर 2022

दरभंगा : ऑक्सफ़र्ड के बड़े विद्वान दिवाकर आचार्य का दरभंगा में स्वागत

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दरभंगा, कामेश्वर सिंह संस्कृत विश्वविद्यालय में आयोजित सेमिनार में भाग लेने ऑक्सफ़र्ड विश्वविद्यालय, यूनाईटेड किंग्डम में पदस्थापित विश्वविख्यात प्रोफ़ेसर दिवाकर आचार्य दरभंगा पहुँचे हैं। मिथिला की महान परंपरा का निर्वाह करते हुए ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के सामाजिक विज्ञान संकाय के पूर्व डीन और दरभंगा के पूर्व विधान पार्षद डॉ विनोद कुमार चौधरी ने प्रोफ़ेसर आचार्य का पाग, चादर और मखान की माला के साथ स्वागत किया और उनके कार्यों को सराहा। मूलतः नेपाल के नागरिक प्रोफ़ेसर आचार्य ऑक्सफ़र्ड विश्वविद्यालय में ऑल सोल्स कॉलेज के फ़ेलो हैं और विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित चेयर “स्पैल्डिंग प्रोफ़ेसर ऑफ़ ईस्टर्न रिलिजन” के पद पर पदस्थापित हैं। यह वही प्रतिष्ठित चेयर है जिस पर कभी ऑक्सफ़र्ड विश्वविद्यालय में प्रोफ़ेसर रहे और भारत के दूसरे राष्ट्रपति डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन पदस्थापित रहे थे। प्रोफ़ेसर आचार्य विश्वविख्यात संस्कृतज्ञ हैं और श्री वाचस्पति मिश्र की टीका “तत्वसमीक्षा” की खोज करने और प्रकाशित करने के कारण विशेष रूप से ख्याति प्राप्त हैं। इसके अतिरिक्त तंत्र साहित्य पर भी इनका कार्य विख्यात रहा है। ऑक्सफ़र्ड से पहले वे जापान के क्योटो विश्वविद्यालय में भी संस्कृत के प्रोफ़ेसर के रूप में कार्य कर चुके हैं। डॉ विनोद कुमार चौधरी ने इस अवसर पर कहा कि प्रोफ़ेसर दिवाकर आचार्य जैसे महान विद्वान के दरभंगा पहुँचने से मिथिला की धरती फिर से धन्य हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि यह कितने गर्व की बात है कि हमारे यहाँ मंडन मिश्र और वाचस्पति मिश्र जैसे विद्वान हुए हैं जिनके दर्शन के ज्ञान का डंका पूरे विश्व में बजता है। सरकार को चाहिए कि वे इन विद्वानों के सम्मान के लिए और भी कार्य करे। ज्ञात हो कि कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय में मध्यकालीन युग के महान दार्शनिक विभूति श्री वाचस्पति मिश्र के कृतित्व पर आयोजित होने वाले तीन दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार में देश-विदेश से बड़े विद्वान शामिल होने को पहुँचे हैं। यह सेमिनार 19 दिसंबर से 21 दिसंबर तक विश्वविद्यालय के दरबार हॉल में आयोजित होगा।

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