बिहार : शराबबंदी कानून को 48 घंटे के भीतर वापस ले सरकार : प्रशांत किशोर - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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गुरुवार, 15 दिसंबर 2022

बिहार : शराबबंदी कानून को 48 घंटे के भीतर वापस ले सरकार : प्रशांत किशोर

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ढाका, पूर्वी चंपारण, बिहार के छपरा में जहरीली शराब पीने से हुई दर्जनों मृत्यु पर प्रशांत किशोर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दुख व्यक्त किया और शराबबंदी को एक विफल योजना बनाते हुए इसे 48 घंटे के भीतर रद्द करने की मांग की। इस दौरान उन्होंने भाजपा, नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव तीनों पर निशाना साधा और सबको शराबबंदी की विफलता के लिए जिम्मेदार ठहराया। 


शराबबंदी पर सबसे मुखर आवाज मैंने उठाई है, भाजपा और राजद सत्ता में आते ही चुप हो जाते हैं 

मीडिया से बात करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि शराबबंदी पर सबसे पहली मुखर आवाज हमने ही उठाया है। भाजपा के लोग जो आज विधानसभा में हंगामा कर रहे हैं, जेडीयू के साथ 5 वर्ष साथ रहकर शराबबंदी का समर्थन किया। भाजपा को घेरते हुए प्रशांत किशोर ने कहा अब कोई भाजपा से सवाल नहीं कर रहा कि जब आप सरकार में थे आपने शराबबंदी के लिए हटाने के लिए क्या काम किया। इसके साथ ही प्रशांत ने कहा बिहार में जितने भी दल हैं उन्हें शराबबंदी को लेकर अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए। इसके साथ ही तेजस्वी यादव को आड़े हाथ लेते हुए प्रशांत किशोर ने कहा जब आरजेडी और तेजस्वी यादव विपक्ष में थे तब शराबबंदी पर नीतीश सरकार को घेर रहे थे। अब ये खुद सरकार चला रहे हैं तो इन्हें शराबबंदी सही लग रहा है। 


नीतीश कुमार के इर्द गिर्द रहने वाले लोग खुद शराब पीते हैं

जन सुराज पदयात्रा के 75वें दिन नीतीश कुमार पर हमला करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा नीतीश कुमार के इर्द-गिर्द रहने वाले लोग खुद शराब पीते हैं, और फिर नीतीश कुमार के सामने लंबी-लंबी बाते करते हैं। जो भी नीतीश कुमार को जानते हैं वे सब इस बात से परिचित हैं कि उनके इर्द-गिर्द जो अफसर रहते हैं, वे शराब पीते हैं। प्रशांत ने कहा बड़ी हास्यास्पद बात है किसी राज्य का मुख्यमंत्री किसी जिले के डीएम एसपी को बुलाकर कहते हैं कि आप कसम खाइये कि आप शराब का कारोबार करने वाले लोगों को पकड़ कर कार्यवाही करेंगे। 


शराबबंदी की समीक्षा की जरूरत नहीं, इस कानून 48 घंटे के भीतर वापस ले लेना चाहिए

प्रशांत किशोर ने शराबबंदी कानून को 48 घंटे में वापस लेने की बात कही। उन्होंने कहा कि अगले 48 घंटे में नीतीश कुमार को ये कानून वापस ले लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि पहले नीतीश कुमार ने पंचायत स्तर पर शराब की दुकानें स्थापित कराई। शराबबंदी लागू करने की बजाय सरकार को बीच का रास्ता निकालते हुए, एक रेगुलेटेड फ्रेमवर्क में शराब की उपलब्धता करानी चाहिए, न कि डंडे के बल पर शराबबंदी लागू करना चाहिए। रेगुलेटेड होना चाहिए ताकि कुछ जगहों पर शराब के बिकने पीने से जो कृत्य मामले आ रहे हैं वह थम सके। इसके साथ ही सरकार को सामाजिक स्तर पर सरकार को जैसे सभी जागरूकता अभियान ज़मीन पर चल रहा है, वैसे ही नशामुक्ति जागरूकता अभियान चलाने का प्रयास करते रहना चाहिए।


नीतीश कुमार का राजतंत्र है क्या, जो तेजस्वी को 25 में मुख्यमंत्री बना देंगे

नीतीश कुमार के तेजस्वी को नेतृत्व सौंपने वाले हालिया बयान पर बोलते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि नीतीश कुमार का राजतंत्र है क्या? जो वह कहेंगे उनके अनुसार सब हो जाएगा। प्रशांत ने कहा कि 2025 में नहीं, बल्कि नीतीश कुमार को तेजस्वी यादव को अभी कमान सौंप देनी चाहिए। ताकि जनता तीन साल में तेजस्वी यादव द्वारा चलाई गई सरकार का बेहतर ढंग से आंकलन कर सके और जब 2025 के चुनावों में हो तो जनता इस आधार पर वोट करें तेजस्वी यादव ने बेहतर काम किया है कि नहीं। इसके साथ तेजस्वी यादव पर तंज कसते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि अभी तेजस्वी यादव जिन विभागों को चला रहे हैं उनकी हालातों से सभी रूबरू है। पथ निर्माण, ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य विभाग  जैसे विभागों के जमीनी हालत तो आपा देख रहें हैं। हमारा नीतीश कुमार से हाथ जोड़कर आग्रह है आप अपना पद छोड़ दीजिए और तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री बना दीजिए। जन सुराज पदयात्रा के 75वें दिन प्रशांत किशोर सैकड़ों पदयात्रियों के साथ ढाका प्रखंड के करमावा से चलकर जमुआ, पचपकड़ी, झिटकाही के देवापुर से होकर भंडार स्थित भंडार हाई स्कूल में रात्रि विश्राम के लिए पहुंचे।

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