गया : चौथे कृषि रोड मैप के सूत्रण के लिये कार्यशाला आयोजित - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शुक्रवार, 16 दिसंबर 2022

गया : चौथे कृषि रोड मैप के सूत्रण के लिये कार्यशाला आयोजित

’चतुर्थ कृषि रोड मैप के सूत्रण के लिए जिला पदाधिकारी गया की अध्यक्षता में प्रगतिशील किसानों से विचार-विमर्श एवं उनके सुझाव लेने के लिए कार्यशाला हुई आयोजित.’गया जिले में पानी की समस्या रहती है सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली को प्रोत्साहित किया जाय.’फसल विविधिकरण को बढ़ावा दिया जाय लेमनग्रास जैसी फसलों का क्षेत्र विस्तार किया जाय़.....

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गया. डा॰ त्यागराजन एस॰एम॰, जिला पदाधिकारी, गया की अध्यक्षता में चौथे कृषि रोड मैप के सूत्रण के लिये समाहरणालय, गया के सभाकक्ष में कार्यशाला आयोजन किया गया. इस कार्यशाला में गया जिला के सभी प्रखंडों से प्रगतिशील किसानों को आमंत्रित कर उनके विचार-विमर्श कर उनके सुझावों प्राप्त किया गया.कार्यशाला में श्री सुदामा महतो, जिला कृषि पदाधिकारी, गया के अलावा कृषि विज्ञान केन्द्र मानपुर एवं आमस के प्रधान, जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी, जिला सहकारिता पदाधिकारी, अग्रणी जिला प्रबंधक, सिंचाई विभाग के कार्यपालक अभियंता, विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता, उप परियोजना निदेशक, सहायक निदेशक, उद्यान, सहायक निदेशक, शष्य, भूमि संरक्षण, गया, सभी अनुमण्डल, कृषि पदाधिकारी उपस्थित थे.  इस अवसर पर जिला पदाधिकारी महोदय ने कहा कि चौथे कृषि रोड मैप के लिये किसानों को सुझाव एवं सलाह बहुत महत्वपूर्ण है.इसी आधार पर कृषि विकास की योजनाओं को बनाया जायेगा.जिससे आने वाले 10-15 वर्षों के लिये कृषि कार्य निर्धारित होंगे. गया को कृषि उत्पाद के क्षेत्र में आत्म निर्भर बनाने की आवश्यकता है इसके लिये गया की भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखते हुये कम पानी में उगने वाली फसलों की खेती को प्रोत्साहित किया जाना चाहिये जैसे लेमनग्रास की खेती, तिल की खेती, मोटे अनाज मड़ुआ की खेती आदि को बढ़ावा दिया जाना के लिए प्रस्ताव दिया जाना चाहिये. फसल अवशेष के उचित उपयोग के लिए मशरुम उत्पादन के साथ प्रसंस्करण को बढ़ावा दिया जाना चाहिये. इसके लिये महिलाओं के समूहों को कम अवधि का प्रशिक्षण देकर घर के आसपास उपलब्ध संसाधनों से मशरुम उत्पादन एवं प्रसंस्करण को बढ़ावा देना चाहिये. गया जिला में अधिक से अधिक किसान सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली जैसे टपक सिंचाई के लक्ष्य को बढ़ाकर अधिक से अधिक किसानों तक इस योजना का लाभ पहुॅचाने का प्रयास किया जाय. कौंच के किसान आदित्य ने गया जिला में मछली के बीज के लिये उच्च क्षमता के हैचरी को लगाने की मांग किया. मानपुर के किसान अजय कुमार मेहता ने मीठे पानी में मोती की खेती पर अनुदान की व्यवस्था किया जाए.बाराचट्टी के किसान विजय कुमार मौर्य ने जिला स्तर पर मुर्गी के रोग के इलाज के लिये निदान लैब लगाने एवं टीकाकरण की व्यवस्था किये जाने का सुझाव दिया. गुरारु के किसान अमित प्रकाश ने गया जिला में लम्बे दाने वाले सुगन्धित बासमती की खेती को बढ़ावा दिये जाने के लिये रबर राईस मिल लगाने को सुझाव दिया जिससे धान से चावल गया जिला पर ही तैयार हो सके अभी यह धान हरियाणा और गुजरात के व्यापारी खरीद कर मोटा मुनाफा कमा रहे हैं. किसानों ने पराली प्रबंधन के लिये 60 एच॰पी॰ से अधिक क्षमता के ट्रैक्टर पर अनुदान दिये जाने की मांग किया.

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