बिहार : जाति के कॉलम में "गोस्वामी" लिखें : डॉ. पी.एस. दयाल यति - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

विजयी विश्व तिरंगा प्यारा , झंडा ऊँचा रहे हमारा। देश की आज़ादी के 75 वर्ष पूरे होने पर सभी देशवासियों को अनेकानेक शुभकामनाएं व बधाई। 'लाइव आर्यावर्त' परिवार आज़ादी के उन तमाम वीर शहीदों और सेनानियों को कृतज्ञता पूर्ण श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए नमन करता है। आइए , मिल कर एक समृद्ध भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं। भारत माता की जय। जय हिन्द।

शनिवार, 7 जनवरी 2023

बिहार : जाति के कॉलम में "गोस्वामी" लिखें : डॉ. पी.एस. दयाल यति

  • गिरि,पुरी,भारती,सरस्वती,वन,अरण्य,पर्वत,सागर,जत्ती,यति,भौमिक,देवनाथ,नाथ,योगी,जंगम,आश्रम,तीर्थ सभी गोस्वामी हैं।

Goshwami-caste-bihar
पटना। जाति आधारित जनगणना की प्रमुख बातें निम्न हैं - सबसे पहले मकानों की गिनती होगी। सभी मकानों को एक यूनिट नंबर दिया जाएगा।एक मकान में यदि दो परिवार रहते हैं तो उनका अलग-अलग नंबर होगा।एक अपार्टमेंट के सभी फ्लैट का अलग-अलग नंबर दिया जाएगा। जाति गणना फार्म पर परिवार के मुखिया का हस्ताक्षर अनिवार्य होगा।राज्य के बाहर नौकरी करने गए परिवार के सदस्यों को भी जानकारी देनी होगी।जाति गणना में उपजाति की गिनती नहीं होगी।परिवारों की आर्थिक स्थिति की भी जानकारी जुटाई जाएगी। प्रखंड में उपलब्ध सुविधाओं की भी जानकारी जुटाई जाएगी,जैसे - रेललाइन,तालाब,विद्यालय,डिस्पेंसरी आदि।गणना कार्य में लगाए गए कर्मियों के पास आई कार्ड होगा,जिस पर बिहार जाति आधारित जनगणना - 2022 लिखा होगा।उक्त बातें गोस्वामी जागरण मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. पी.एस. दयाल यति ने अपने संबोधन के दौरान कही। उन्होंने बताया कि बिहार में जातिगत जनगणना का पहला दौर 7 जनवरी,2023 से शुरू हुआ है।पहले चरण में आवासीय मकानों पर नंबर डाले जाएंगे।यह काम 15 दिन चलेगा।दूसरे चरण में 01 अप्रैल से 30 अप्रैल तक जाति की गिनती समेत 26 प्रकार की जानकारियां लोगों से ली जाएंगी।राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. यति ने जोर देते हुए कहा कि बिहार के कोने-कोने में गोस्वामी समाज के लोग गिरि, पुरी, भारती, सरस्वती,वन,अरण्य,पर्वत,सागर, जती, यति, भौमिक, देवनाथ, नाथ, योगी, जंगम, आश्रम, तीर्थ आदि सरनेम के साथ रहते हैं।जैसा कि सभी को मालूम है कि बिहार में 2013 से गोस्वामी समाज को पिछड़ा वर्ग के आरक्षण का लाभ मिल रहा है।बिहार सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर पिछड़ा वर्ग की सूची में गोस्वामी, सन्यासी, अतीथ, अथित, गोसाई, जति/यति देखा जा सकता है। उन्होंने गोस्वामी समाज से अपील किया है कि पहली बार बिहार में हो रहे जाति आधारित गणना में अपनी पूरी जानकारियां उपलब्ध करवाते समय ध्यान पूर्वक जाति वाले कॉलम में "गोस्वामी" ही दर्ज करवाएं।राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. पी.एस. दयाल यति,राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष डॉ. अरुण कुमार गिरि, बौद्धिक प्रकोष्ठ राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. कृष्ण कुमार,राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अवध नरेश गिरि,राष्ट्रीय संगठन मंत्री स्वामी तुलसीदास गोस्वामी, बिहार प्रदेश अध्यक्ष श्याम कुमार गिरि,प्रदेश महामंत्री नागेंद्र कुमार भारती एवं छात्र प्रदेश अध्यक्ष रजनीकांत गिरि सहित सैकड़ों पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता समाज के बीच जाकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं।मंच समाज के सभी संगठनों से जुड़े लोगों से आह्वान करता है कि समाज के बीच जाकर लोगों को जागरूक करें।साथ ही मठ-मंदिरों से जुड़े संत-महंत गण से भी मंच आशा करता है कि समाज को जागरूक करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।

कोई टिप्पणी नहीं: