बिहार : चार माह से वेतन बंदी से परेशान हैं स्वास्थ्यकर्मी - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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मंगलवार, 3 जनवरी 2023

बिहार : चार माह से वेतन बंदी से परेशान हैं स्वास्थ्यकर्मी

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पटना. बिहार में केंद्र सरकार के द्वारा संचालित योजना संचालित है. केंद्र सरकार के केंद्रांश और बिहार सरकार का राज्यांश मिलाकर स्वास्थ्य विभाग के ए.एन.एम.का वेतनादि मिलता है.पटना प्रमंडल के स्वास्थ्यकर्मियों का चार माह से वेतन बंदी है.विभिन्न मांगों को लेकर बिहार चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ, प्रमंडल शाखा-पटना प्रमंडल,पटना के आह्वान पर 5 जनवरी को धरना स्थल गर्दनीबाग,पटना में वेतन बंदी,लूट,झूठ एवं दमन और शोषण के खिलाफ अपर मुख्य सचिव,स्वास्थ्य विभाग,बिहार सरकार,पटना के समक्ष धरना-प्रदर्शन करने का निश्चय किया गया है. जिला मंत्री,पटना अमित कुमार मिश्र, जिला मंत्री,रोहतास मो.हसनैन, जिला मंत्री,बक्सर आनंद सिंह,जिला मंत्री,भोजपुर सुवेश सिंह और जिला मंत्री,नालंदा संजय कुमार ने संयुक्त बयान जारी कर कहा है कि बिहार चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ स्वास्थ्य कर्मियों,संविदा पर कार्यरत कर्मियों,आउटसोर्सिंग कर्मी एवं स्कीम वर्कर की समस्याओं के लिए अनवरत संघर्षशील रहा है.संघर्ष के परिणामस्वरूप संविदा पर कार्यरत सर्वाधिक कर्मियों की सेवा स्वास्थ्य विभाग में ही नियमित हो पायी है.पुराना पेंशन नहीं मिलने के कारण नवनियुक्त स्वास्थ्य कर्मियों का भविष्य अंधकारमय हैत्र साथ ही साथ अनुकंपा के आधार पर  नवनियुक्त निम्नवर्गीय लिपिकों के ग्रेड पे एवं वेतनमान के संबंध में एल.पी.ए. एवं विभिन्न समादेश याचिकाओं में पारित आदेशों के सादृश्य मामले में सरकार के द्वारा कोई कार्रवाई नहीं कर विभाग एवं न्यायालय में मुकदमों का बोझ बढ़ाने की कार्रवाई की जा रही है.अवैध एवं अनियमित स्थानांतरण,जाली आभिश्रवों के माध्यम से लूट-खसोट,वित्तीय अनियमिता करने वाले पदाधिकारियों के खिलाफ जनहित एवं स्वास्थ्यहित में मामले को संज्ञान में लाने पर संघ के पदधारकों पर दमनात्मक कार्रवाई की जा रही है एवं दमनात्मक कार्रवाई के लिए विभिन्न तरह के षडयंत्र किये जा रहे हैं. इस कार्रवाई का संचालन क्षेत्रीय अपर निदेशक,स्वास्थ्य सेवाएं,पटना प्रमंडल,पटना के द्वारा मुख्यतः किया जा रहा है.सिविल सर्जन,बक्सर के द्वारा किये गये लूट-खसोट,प्रतिनियुक्ति के आधार पर कनीय चिकित्सा पदाधिकारी को प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी घोषित करने सहित अन्य वित्तीय अनियमितताओं के सप्रमाण पत्राचार करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हो पा रही है.इसी प्रकार तत्कालीन प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी,बिहिया,भोजपुर,डॉ.नंद किशोर प्रसाद के द्वारा फरार कर्मी एवं चिकित्सकों के वेतन भुगतान सहित अन्य मामले जांच के बाद प्रमाणित होने पर प्रपत्र-क गठित कर भेजे जाने के बावजू भी विभाग मौत है तो दूसरी तरफ क्षेत्रीय अपर निदेशक,स्वास्थ्य सेवाएं,पटना प्रमंडल,पटना के द्वारा उक्त चिकित्सक को प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, बिहिया,भोजपुर बनाने के लिए सिविल सर्जन, भोजपुर को आदेशित किया जा रहा है.क्षेत्रीय अपर निदेशक,स्वास्थ्य सेवाएं,पटना प्रमंडल,पटना के द्वारा लगातार विद्वेषपूर्ण भावना से बदले की कार्रवाई के तहत संघ के पदधारकों पर दमनात्मक कार्रवाई की जा रही है. कर्मचारियों की उपस्थिति बायोमेट्रिक से दर्ज कराने के बावजूद आवंटन के अभाव में विगत कई माह से वेतन बंद है. पूरे पटना प्रमंडल के अंतर्गत वेतन बंदी,लूट,झूठ एवं शोषण,दोहन का राज चल रहा है.

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