- जिलाधिकारी अरविन्द कुमार वर्मा की अध्यक्षता में जिला विकास समन्वय समिति की बैठक हुई आयोजित
- सभी प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों की उनके कार्यो के आधार पर होगी रैंकिंग,लगातार निम्न प्रदर्शन करने वाले पदाधिकारिय पर होगी करवाई
जिलाधिकारी ने सीडब्लूजेसी, एमजेसी के पेंडिंग मामले को गंभीरता से लेकर ससमय प्रतिशपथ पत्र दायर करने का निर्देश दिया। उन्होंने अनुपालन से संबंधित सभी लंबित न्यायालय संबंधी मामलों को ससमय अनुपालन कर विधि शाखा को रिपोर्ट करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने जल जीवन हरियाली की समीक्षा के क्रम में सोख्ता का निर्माण, कुओं के जीर्णोद्धार, पोखरे के जीर्णोद्धार, रेन वाटर हार्वेस्टिंग और सोख्ता निर्माण में हुई प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज की सबसे महत्त्वपूर्ण जरूरत है। उन्होंने कहा कि बढ़ती गर्मी और घटते भूगर्भीय जल स्तर को देखते हुए तत्काल कदम उठाने की जरूरत है। इसके लिए अधिक से अधिक सोख्ता का निर्माण, छत वर्षा जल संचयन, वृक्षारोपण के महत्त्व को रेखांकित करते हुए कहा कि सरकार के स्तर से हो रहे प्रयास के अतिरिक्त इसमें व्यापक जनसहभागिता जरूरी है. व्यापक जनसहभागिता के लिए लोगों के बीच वृहद स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है। जिलाधिकारी ने नगर निगम मधुबनी को जल-जीवन-हरियाली अभियान एवं नल-जल योजना में तेजी के साथ कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि छत वर्षा जल संचयन योजना को निजी मकानों में लगवाने हेतु लोगों को जागरूक करे। जिलाधिकारी ने प्रखंड विकास पदाधिकारियों के साथ दिव्यांगजन सशक्तिकरण एवं जिला बाल संरक्षण इकाई से संबंधित योजनाओं का विस्तृत समीक्षा भी किया. समीक्षा के क्रम में लंबित AC DC बिल, राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना, कबीर अंत्येष्टि योजना, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना, बैटरी चालित ट्राइसाइकिल सहित सभी पेंशन योजनाओं में लंबित आवेदनों को लेकर संबधित बीडीओ के प्रति नाराजगी व्यक्त की एवं अविलम्ब निष्पादन के निर्देश दिए.
जिलाधिकारी ने ब्रेडा के अभियंता, एजेंसी एवं सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों के साथ सोलर लाइट योजना की भी विस्तृत समीक्षा की. उन्होंने सोलर लाइट योजना के ससमय गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन को लेकर सभी संबंधित अधिकारियों को कई आवश्यक दिशानिर्देश भी दिए। जिलाधिकारी ने सभी बीडीओ को कार्यालय कार्य-संस्कृति में सुधार लाने का भी निर्देश दिया तथा कार्यालय की साफ-सफाई पर भी विशेष ध्यान देने की भी बात कही। पंजियों के रख-रखाव एवं संधारण को लेकर भी कई निर्देश दिए। उन्होंने लॉग बुक का संधारण अनिवार्य रूप से करने एवं नियमित रूप से लॉग बुक की जाँच करने का निर्देश सभी बीडीओ को दिया। उन्होंने कहा कि प्रखंडों के निरीक्षण के क्रम में पंजियो के संधारण नही पाए जाने पर संबधित बीडीओ के विरुद्ध करवाई की जाएगी। उन्होंने कहा सभी प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों को उनके कार्यो के आलोक में उनकी रैंकिंग निर्धारित की जाएगी। उन्होंने कहा कि लगातार निम्न प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कारवाई भी की जाएगी। जिलाधिकारी ने बीडीओ को निर्देश दिया कि सभी प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी संबंधित कार्यालय में अपनी अनिवार्य उपस्थिति हर हाल में सुनिश्चित करें. उन्होंने कहा कि जिलास्तरीय विकास समन्वय समिति की बैठक आदि महत्त्वपूर्ण बैठकों के दिन स्वास्थ्य कारण आदि अपवादों को छोड़कर किसी भी बीडीओ को आकस्मिक अवकाश की स्वीकृति नहीं दी जाएगी ताकि ऐसे महत्त्वपूर्ण बैठकों के उद्देश्य की पूर्ति तथा सफलतापूर्वक संचालन हो सके।
इसके अतिरिक्त लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान, सांसद आदर्श ग्राम योजना, हर घर नल-जल योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना, राशन कार्ड के लंबित मामलों सहित अन्य महत्त्वपूर्ण बिंदुओं की समीक्षा की गई. जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत प्राथमिकता देते हुए सभी महादलित टोलों के योग्य लाभुकों की पहचान की जाए ताकि योजना को समय से लागू किया जा सके. समीक्षा के क्रम जिलाधिकारी ने आरटीपीएस के तहत् प्राप्त आवेदनों को हर हाल में निर्धारित समय सीमा में निष्पादित करने का निर्देश दिया। उक्त बैठक में उप विकास आयुक्त दीपेश कुमार, डीपीआरओ परिमल कुमार,प्रभारी पदाधिकारी जिला विकास शाखा हेमंत कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, जिला कल्याण पदाधिकारी, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा, प्रशिक्षु जिला जनसंपर्क पदाधिकारी अमन कुमार आकाश सहित जिले के सभी प्रखंडों के प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी आदि उपस्थित थे।

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