मैरिज गार्डन में मिलने वाली सुविधा नाम मात्र की रहती है, भुगतान पूरा करना पड़ता है। मैरिज गार्डन पर लगने वाला टैक्स लोगों से तो ले लेते हैं।, पर नगर पालिका परिषद में पंजीयन नहीं होने से व्यवसायिक कर नहीं जमा करते। यह स्थिति वर्षों से चल रही है। इसकी जानकारी नपा परिषद के जिम्मेदारों को होने के बाद भी अब तक पंजीयन नहीं कराया गया। इससे विवाह मुहूर्त के समय हर दिन की बुकिंग करने वाले गार्डन नपा को ठेंगा दिखा रहे हैं। इसके साथ ही नियमों को भी ताक पर रखते हैं, शहर में आधा दर्जन मैरिज गार्डन कई धर्मशालाएं हैं, लेकिन नगर पालिका कुछ मैरिज गार्डन पंजीयन नहीं, जिसका व्यवसायकि टैक्स जमा करते हैं। जबकि नियम अनुसार सभी मैरिज गार्डनों को व्यवसायकि टैक्स करने का नियम है, परन्तु हौसले बुलंद होने के चलते गार्डन संचालक बिना टैक्स जमा किए ही लगातार बुकिंग ले रहे हैं। शासन द्वारा तय नियमों के अनुसार मैरिज गार्डन के लिए पार्किंग एरिया आदि की व्यवस्था अनिवार्य है। सड़क से दूरी होना, अग्निशमन यंत्र अनिवार्य। बोर्ड पर गार्डन में नियमों की जानकारी लिखना अनिवार्य होता है। जबकि शहर में कई गार्डन इन नियमों की अनदेखी कर रहे हैंं। वहीं सीएमओं भूपेन्द्र दीक्षित का कहना है कि अगर मैरिज गार्डन बिना अनुमति के चल रहे हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सीहोर। शहर में अलग-अलग स्थानों पर बड़ी संख्या में मैरिज गार्डन संचालित हो रहे हैं, शहर के अनेक गार्डन बिना पंजीयन के धड़ल्ले से चल रहे हैं। इससे नपा को जहां राजस्व की क्षति हो रही है, वहीं गार्डन संचालक बिना सुविधाओं के लोगों से मनमाने तरीके से पैसे वूसल रहे हैं। बिना अनुमति चल रहे मैरिज गार्डनों पर नगर पालिका अब सख्ती से कार्रवाई करेगी। अनेक मैरिज गार्डन ऐसे है जिनके पास पार्किंग का स्थान भी नहीं है। जिससे जाम की स्थिति भी निर्मित होती है। ऐसे मैरिज गार्डनों पर अब सख्ती की जाएगी। नगर पालिका सीएमओ भूपेन्द्र दीक्षित ने नगर पालिका के अमले के राजस्व अधिकारी संजय शुक्ला को शीघ्र इन पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए है। इसके लिए बकायदा राजस्व अधिकारी श्री शुक्ला ने अभियान शुरू किया है। कई ऐसे मैरिज गार्डन है जिनका पंजीयन तो है लेकिन लाखों के बकायादार है। अब ऐसे बकायादारों पर सख्ती से कार्रवाई होगी।

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