- ईट निर्माण से जुड़े कई मजदूर हुए बेरोजगार, कहा ले जाए बच्चों को चिंता में कई परिवार,
- प्रशासन ने दी बलपूर्वक ईट भटटों और 20 से अधिक कच्चे मकानों को तोडऩे की चेतवानी
सामान्य नागरिकों के सरकारी कार्यो के लिए कार्यालय के चक्कर कटवाने वाला प्रशासन एक्मे पेपर लिमिटेड कंपनी के लिए तत्परता से काम कर रहा है। प्रशासन ने सीवन नदी किनारे करबला पुल के पास गुजरे पचास सालों से कच्चे घरों में रहकर ईट निर्माण कर जीवन यापन कर रहे प्रजापति और कुशवाहा समाज के परिवारों को जमीन से बेदखल करने के लिए नोटिस जारी कर दिए है। इधर बंदूक के बल पर एक्मे पेपर लिमिटेड कंपनी ने ईट बनाने वाले प्रजापति समाज के कई परिवारों का रास्ता बंद कर राशन पानी और ईट बनाने का कच्चा माल लाना बंद कर दिया है। भरी खाली ट्रेक्टर ट्राली लाने ले जाने और राशन का सामान पीने का पानी लाने ले जाने पर भी रोक लगा दी गई है। कंपनी के गार्डो ने प्रजापति समाज के लोगों को ईट भटटों के पास ही नजर बंद कर दिया है लेकिन कंपनी के लिए काम कर रहा प्रशासन प्रजापति समाज के लोगों की इस दशा से परिचित होने के बावजूद आंखे बंद कर बैठा है।जनसुनवाई में मदद की गुहार लगा चुके प्रजापति और कुशवाह समाज के लोगों की कोई सुनने को तैयार नही है। ईट बनाने वाले कैलाश प्रजापति, कमलेश प्रजापति, दिनेश प्रजापति, संतोष प्रजापति, रामदयाल राजपूत, गजेंद्र कुमार, आशा बाई, बलराम प्रजापति, संजय प्रजापति, अयोध्या बाई, सुनिता बाई, किशनलाल, राधेकिशन प्रजापति, हेमंत प्रजापति, राजू कुशवाह, अभिषेक प्रजापति, सावित्री बाई आदि ने शासन प्रशासन से बेदखली की कार्रवाही तत्काल रोकने,हथियारों से लेस गार्डो को हटाने,राशन पानी और कच्चा माल लाने ले जाने सहित बेदखली की स्थिति में ईट निर्माण और रहने के लिए पर्यापत जमीन उपलब्ध कराने मकान बनाने के लिए एक्मे पेपर लिमिटेड कंपनी से मुआवजा राशि प्रदान कराने की मांग की है।
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