मधुबनी : मिथिला राज्य, मैथिली भाषा और उद्योग को लेकर शीतलंबर ने सौंपना समार पत्र - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शुक्रवार, 30 मई 2025

मधुबनी : मिथिला राज्य, मैथिली भाषा और उद्योग को लेकर शीतलंबर ने सौंपना समार पत्र

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मधुबनी (रजनीश के झा)। जिला कांग्रेस कमिटी के पूर्व अध्यक्ष प्रो शीतलांबर झा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी द्वारा आयोजित पूर्व जिलाध्यक्षों की बैठक में मिथिला राज्य, मैथिली भाषा को संरक्षण के साथ संवर्धन एवं मिथिला के बंद पड़े उद्योगों को अपने एजेंडा में शामिल करने पर बल दिया है जिससे मिथिला में पार्टी को पुराने शक्ति मिलने का अवसर मिलेगा इस संबंध में एक स्मार पत्र प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार राम एवं बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावरू को सौंपकर मांग किया है । प्रो झा ने अपने स्मारपत्र में कहा है कि मिथिला क्षेत्र सदैब से कांग्रेस का गढ़ हुआ करता था आए दिन बिहार पार्टी के बड़े नेताओं के उदासीन एवं कार्यकर्ताओं से दूरी के कारण हम मिथिला क्षेत्र में आज कमजोर हुए हैं पार्टी द्वारा इन मुद्दों को अपने एजेंडा में प्रखरता से लेती है तो कोई कारण नहीं जो हम फिर से मिथिला में एक मजबूत दल के रूप में फिर से न उभरे।


प्रो झा ने समारपात्र में कहा है जब देश में भाषा के आधार पर छोटे छोटे छोटे राज्य का निर्माण किया जा रहा है तो मिथिला को भी चौमुखी विकास के लिए एकमात्र निदान मिथिलाराज्य है उन्होंने प्राइमरी शिक्षा में मैथिली को शामिल करना , मैथिली शिक्षकों की बहाली, मैथिली पुस्तकें की छपाई बंद है , जब बिहार में कांग्रेस की सरकार थी तो सरकारी स्कूलों में हिंदी , मैथिली एवं उर्दू अनिवार्य विषय के रूप में शामिल था जिसे नीतीश बीजेपी सरकार ने 2008 मैथिली भाषांकों हटाकर बंगला भाषा को शामिल कर दिया जो मिथिलावासियों का अपमान है जिसे पुनः शामिल करना , सीबीएससी में मैथिली भाषा को शामिल करना , बीपीएससी में मैथिली भाषा को अप्रासंगिक मात्र एक सौ अंकों में सीमित कर दिया गया।


मिथिला क्षेत्र के बंद पड़े उद्योगों पंडौल , सकरी , लोहट चीनी मिलें , पंडौल का सुता फैक्ट्री , गुलकोज एवं चमड़ा उद्योग, अशोक पेपर मिल , जुट मिल को पुनः चालू करने के दिशा में जोरदार पहल करने, मिथिला के प्रसिद्द मखान , मछली एवं मिथिला पेंटिंग आधारित उद्योगों पर पहल , मिथिला क्षेत्र में आई आई एम , आई आई टी एवं केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना , बाढ़ एवं सुखाड़, दरभंगा को बिहार के द्वितीय राजधानी घोषित करना , हाईकोर्ट की एक बेंच दरभंगा में खोलना पर यदि पार्टी मुखर आवाज बनती है तो पार्टी को काफी मजबूती मिलेगी। प्रो झा ने सभी दलों के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को आह्वान किया है कि अपने अपने पार्टी में विभिन्न स्तरों पर हिम्मत कर आवाज उठाएं ताकि आपके मिथिला का चौमुखी विकास हो सके।

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