- आईआरएडी एप से जुड़े हेरिटेज मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर, घायलों को मिलेगा 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज
- हर दुर्घटना की होगी लाइव फीडिंग, पुलिस-हॉस्पिटल-हाईवे विभाग एक साथ करेंगे कार्रवाई
कैशलेस इलाज की योजना बनी जीवन रक्षक
केंद्र सरकार ने सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए 1.5 लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की नई योजना लागू की है। जनवरी में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी द्वारा की गई घोषणा के बाद अब यह योजना ज़मीनी स्तर पर क्रियान्वित हो रही है। किसी भी सार्वजनिक या निजी मान्यता प्राप्त अस्पताल में पीड़ित को तत्काल उपचार मिलेगा और उसका खर्च सरकार उठाएगी।
हर हादसे की अब होगी डिजिटल मॉनिटरिंग
एनआईसी व पुलिस विभाग के सहयोग से जिले की हर छोटी-बड़ी सड़क दुर्घटना की बारीकी से जानकारी पत्।क् पर दर्ज की जा रही है। अब तक के आंकड़ों के मुताबिक, 70 फीसदी दुर्घटनाएं तेज गति से वाहन चलाने के कारण हो रही हैं। इस एप के माध्यम से पुलिस, परिवहन, स्वास्थ्य और पीडब्ल्यूडी विभाग आपस में डेटा साझा कर सकेंगे, जिससे भविष्य में दुर्घटनाओं को रोकने की प्रभावी रणनीति बनाई जा सकेगी। पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचकर मोबाइल एप के माध्यम से दुर्घटना की फोटो, वीडियो, समय, स्थान, घायल व्यक्ति का नाम, उम्र, पता और वाहन का विवरण दर्ज करेंगे। यह जानकारी तुरंत संबंधित विभागों तक पहुंचेगी। विभागों को अब पूर्व-एकीकृत डाटाबेस, जैसे वाहन रजिस्ट्रेशन, ड्राइविंग लाइसेंस, स्वास्थ्य रिकॉर्ड, सड़क नेटवर्क आदि के जरिए कार्रवाई करनी होगी।
प्रभावी रोकथाम की दिशा में सार्थक पहल
यह व्यवस्था न केवल दुर्घटना के पीछे के कारणों को उजागर करेगी, बल्कि दुर्घटना संभावित स्थानों की पहचान कर, वहां सुरक्षा उपाय भी सुनिश्चित किए जाएंगे। इस तकनीकी पहल से स्वास्थ्य संस्थानों की जवाबदेही भी तय होगी और हर दुर्घटना का चिकित्सा, तकनीकी व प्रशासनिक दृष्टि से विश्लेषण संभव होगा।

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