- ‘मजबूत राज्य ही मजबूत भारत’ की भावना को आगे बढ़ाने के लिए क्षेत्रीय परिषदें अहम भूमिका निभा रही हैं : अमित शाह
19 प्रमुख बिंदुओं पर बनी सहमति
बैठक में कुल 19 महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई, जिनमें महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध की त्वरित जांच, फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालयों (FTSC) की स्थापना, ग्रामीण बैंकिंग विस्तार, और आपातकालीन सहायता प्रणाली (ERSS-112) के प्रभावी क्रियान्वयन जैसे विषय शामिल रहे। गृह मंत्री ने सभी राज्यों से आह्वान किया कि बच्चों में कुपोषण को समाप्त करना, ड्रॉप-आउट शून्य करना और सहकारी संस्थाओं को मजबूत करना राज्य सरकारों की प्राथमिकता होनी चाहिए।
पंचायतों की आय बढ़ाने का सुझाव
शाह ने राज्यों से ग्राम पंचायतों की आय बढ़ाने के लिए सशक्त नीति बनाने को कहा। उन्होंने कहा कि पंचायतें मजबूत होंगी, तो भारत की त्रिस्तरीय लोकतांत्रिक व्यवस्था और अधिक प्रभावी और आत्मनिर्भर बनेगी।
83% अधिक समाधान की रफ्तार
गृह मंत्री ने बताया कि 2004-14 के मुकाबले 2014-25 के दौरान जोनल काउंसिल की बैठकों में 83% अधिक मुद्दों का समाधान किया गया है। अब तक 1287 समस्याओं का समाधान किया जा चुका है। बीते 11 वर्षों में जोनल काउंसिल्स और उनकी स्थायी समितियों की कुल 62 बैठकें हुई हैं।
क्या है मध्य क्षेत्रीय परिषद?
मध्य क्षेत्रीय परिषद में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ शामिल हैं। यह मंच आपसी विवाद, संसाधनों के बंटवारे, सामाजिक विकास, कानून व्यवस्था और पर्यावरण से जुड़े मसलों पर राज्यों के बीच सहयोग और संवाद को बढ़ाने का कार्य करता है।
दर्शन-पूजन
मंगलवार सुबह बैठक से पहले सीएम योगी, मप्र सीएम मोहन यादव और उत्तराखंड सीएम पुष्कर सिंह धामी ने भी बाबा विश्वनाथ के दर्शन किए और काशी के दिव्य वातावरण का अनुभव लिया। गृह मंत्री अमित शाह सोमवार शाम वाराणसी पहुंचे. बाबा कालभैरव और बाबा विश्वनाथ के दर्शन किए। इस दौरान रास्ते में जगह-जगह भाजपा कार्यकर्ताओं ने शंखध्वनि और 'हर हर महादेव' के उद्घोष के साथ भव्य स्वागत किया।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें