- लगातार छह सालों से आन लाइन किया जा रहा भव्य और दिव्य अनुष्ठान
- सीवन नदी के तट से कांवड लेकर आने-जाने वाले श्रद्धालुओं का स्वागत सम्मान
समिति के मनोज दीक्षित मामा ने बताया कि शिव आराधकों के लिए महाशिवरात्रि का बड़ा महत्व है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार महाशिवरात्रि की मध्य रात्रि को ही भगवान शिवलिंग रूप में प्रकट हुए थे। माना जाता है कि इसी समय ब्रह्मा और विष्णु के द्वारा पहली बार शिवलिंग का पूजन किया गया था। परंतु एक वर्ष में एक महाशिवरात्रि और 11 शिवरात्रियां पड़ती हैं, जिन्हें मासिक शिवरात्रि के रूप में मनाया जाता है। मासिक शिवरात्रि हर माह में एक बार आती है। इस तरह से 12 शिवरात्रि होती हैं। हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी पर शिवरात्रि मनाई जाती है, जिसे मासिक शिवरात्रि कहा जाता है। मान्यता है कि मासिक शिवरात्रि का व्रत करने से भगवान शंकर प्रसन्न होते हैं और शास्त्रों के अनुसार देवी लक्ष्मी, सरस्वती, इंद्राणी, गायत्री, सावित्री, पार्वती और रति ने शिवरात्रि का व्रत किया था और शिव कृपा से अनंत फल प्राप्त किए थे। पूर्व में पंडित श्री मिश्रा के एक आह्वान पर हर-हर महादेव, घर-घर महादेव की तर्ज पर देश ही नहीं विदेशों में बसे श्रद्धालुओं ने पूर्ण विधि-विधान से पार्थिव शिवलिंगों का निर्माण कर पूर्ण रूप से जलाभिषेक किया गया था। इस वर्ष भी पूरे उत्साह के साथ उक्त आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन 23 जुलाई बुधवार को चैनल पर लाइव, यू ट्यूब पर, फेसबुक पर लाइव रात्रि सात बजे से आठ बजे तक की जाएगी।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें