संविधान क्लब से जुड़े वरिष्ठ सदस्यों ने भी माना कि यह पहली बार है जब लगभग सभी सांसदों ने मतदान प्रक्रिया में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया। पहले अक्सर कई सांसद मतदान से दूरी बना लेते थे, लेकिन इस बार पूरे उत्साह और जिम्मेदारी के साथ उन्होंने भागीदारी दर्ज कराई। जीत के बाद पूर्व सांसद प्रदीप गांधी ने अपने सभी समर्थकों और सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संविधान क्लब केवल एक संगठन नहीं है, बल्कि यह लोकतांत्रिक परंपराओं और संवाद का मंच है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे क्लब को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे और सांसदों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करेंगे। सांसद मलूक नागर ने भी कहा कि यह जीत लोकतंत्र की मजबूती का प्रतीक है। उनके अनुसार, जिस तरह से सांसदों ने एकजुटता के साथ मतदान किया, वह आने वाले समय में भारतीय राजनीति को सकारात्मक दिशा प्रदान करेगा। मनोज यादव ने कहा कि अखंड राष्ट्रवादी पार्टी हमेशा लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रहित के पक्ष में खड़ी रही है। उन्होंने संविधान क्लब जैसे मंचों को और अधिक सशक्त बनाने की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि यहां से निकले विचार और संवाद देश के भविष्य को नई दिशा देते हैं। कुल मिलाकर संविधान क्लब का यह चुनाव संसदीय परंपरा और लोकतांत्रिक सहभागिता का नया अध्याय लेकर आया, जिसमें सांसद प्रदीप गांधी ने 707 में से 507 मतों के साथ ऐतिहासिक जीत दर्ज की।
नई दिल्ली (रजनीश के झा)। राजधानी दिल्ली में संविधान क्लब ऑफ इंडिया के चुनाव इस बार ऐतिहासिक बन गए, जब पहली बार सभी सांसदों ने मिलकर मतदान में भाग लिया। अखंड राष्ट्रवादी पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता मनोज यादव ने सांसद मलूक नागर और पूर्व सांसद प्रदीप गांधी को इस शानदार जीत के अवसर पर बधाई दी। जानकारी के मुताबिक, संविधान क्लब के चुनाव में सांसद प्रदीप गांधी ने भारी मतों से जीत दर्ज की। कुल 707 वोटों में से 550 मत उनके पक्ष में पड़े, जबकि शेष मत विरोधियों को मिले। यह नतीजा न केवल प्रदीप गांधी की लोकप्रियता का प्रमाण है बल्कि संविधान क्लब के इतिहास में भी एक अहम उपलब्धि के रूप में दर्ज हुआ है। मनोज यादव ने इस अवसर पर कहा कि सांसद मलूक नागर और सांसद प्रदीप गांधी ने संगठन की मजबूती और आपसी सहयोग का उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से इस बार सांसदों ने बंपर वोटिंग की, वह लोकतंत्र की जड़ों को और अधिक मजबूत करने वाला कदम है।

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