मधवापुर अंचल सचिव कॉ. कामेश्वर राम ने कहा, “SIR प्रणाली के नाम पर फर्जी वोटरों को हटाने का दावा किया जा रहा है, लेकिन असल में गरीब, अल्पसंख्यक और कमजोर वर्गों के नाम बड़े पैमाने पर काटे जा रहे हैं। उनसे ऐसे दस्तावेज मांगे जा रहे हैं, जो उनके पास नहीं हैं। 1942 में हमारे पूर्वजों ने आज़ादी के लिए जो बलिदान दिया, उसी आज़ादी से हमें संविधान और मताधिकार मिला है। अब इनकी रक्षा के लिए संघर्ष तेज करना होगा और 2025 में इस चुनाव चोर सरकार को सत्ता से बाहर करना होगा।” मार्च के अंत में कार्यकर्ताओं और जनसमूह ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष को और तेज करने की शपथ ली। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से अजीत कुमार ठाकुर, लोहा सिंह, संतोष कुमार सहित दर्जनों भाकपा-माले कार्यकर्ता मौजूद रहे।
मधुबनी/बेनीपट्टी (रजनीश के झा)। भाकपा-माले के राज्यव्यापी “चुनाव चोर – गद्दी छोड़” अभियान के तहत आज बेनीपट्टी के अंबेडकर चौक से जोरदार मार्च निकाला गया और सत्ता के चुनावी धांधली के खिलाफ पुतला दहन किया गया। इस प्रतिवाद कार्यक्रम का नेतृत्व भाकपा-माले के युवा नेता मयंक कुमार यादव ने किया। दर्जनों कार्यकर्ता और स्थानीय लोग इसमें शामिल हुए।सभा को संबोधित करते हुए भाकपा-माले जिला कमिटी सदस्य व हरलाखी अंचल सचिव कॉ. मदन चंद्र झा ने कहा, “आज हमारी आज़ादी, संविधान और मतदान का अधिकार खतरे में है। उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा का नाम दो अलग-अलग मतदाता सूचियों में दर्ज है, लेकिन चुनाव आयोग मौन है। पश्चिम चंपारण के बगहा में उत्तर प्रदेश से आए लगभग पाँच हज़ार लोगों के नाम बिहार की मतदाता सूची में जोड़ना एक गंभीर चुनावी साजिश है।”

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें