इंडिया गठबंधन की वोटर अधिकार यात्रा सुपौल के हुसैन चौक से शुरू होकर मधुबनी जिले के भुतहा चौक (लौकही विधानसभा क्षेत्र) पहुंचकर मधुबनी जिले में प्रवेश कर गयी. आगे अररिया संग्राम बाजार, पितरौलिया, चेतरागंज, सिमरा, मोहना, झंझारपुर, सरिस्वा पट्टी, सकरी और जीवछ घाट तक रास्ते में झंडा-बैनर के साथ सड़क के दोनों किनारे खड़े होकर इंडिया गठबंधन दलों के समर्थक हजारों लोगों न, जिनमें भारी तादाद में महिलाएं भी शामिल थीं, यात्रा में चल रहे नेताओं का जोरदार स्वागत करते हुए 'वोट चोर, गद्दी छोड़' का नारा लगाया. विदित हो कि यह यात्रा 17 अगस्त 2025 को सासाराम से शुरू हुई है. आज इस यात्रा के दस दिन पूरे हुए. यात्रा में शामिल होने के लिए का. दीपकर भट्टाचार्य कल रात ही पटना से सड़क मार्ग होते हुए मधुबनी जिले के नरपतनगर पहुंचे जहां उन्होंने एनएच 57 स्थित हाइवे हवेली में रात्रि विश्राम किया. भाकपा (माले) पोलित ब्यूरो के सदस्य और मिथिलांचल के प्रभारी धीरेन्द्र झा, एमएलसी और अखिल भारतीय स्कीम वर्कर्स फेडरेशन की महासचिव शशि यादव तथा भाकपा (माले) की केंद्रीय कमेटी के सदस्य संतोष सहर भी उनके साथ थे. भाकपा (माले ) जिला सचिव ध्रुवनारायण कर्ण, मयंक यादव, योगनाथ मंडल, श्रीचंद पासवान अमित चौधरी,नवल किशोर यादव, लाल कुमार राम,लक्ष्मण राय,बिजय कुमार दास, लक्ष्मेशर मिश्रा, सत्यम मिश्रा, , आदि नेताओं के नेतृत्व मे सैकड़ों पार्टी कार्यकर्ताओं ने भुतहा चौक और मोहना पहुंचने पर का. दीपकर भट्टाचार्य, राहुल गांधी और तेजस्वी यादव समेत इंडिया गठबंधन नेताओं की आगवानी की.
मधुबनी, (रजनीश के झा), 26 अगस्त। भाकपा (माले) महासचिव का. दीपंकर भट्टाचार्य ने आज संसद में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के साथ मिलकर बिहार में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के खिलाफ इंडिया गठबंधन की 'वोटर अधिकार यात्रा' का नेतृत्व किया. आज की यात्रा के नेतृत्व में कांग्रेस नेत्री प्रियंका गांधी भी शामिल रहीं. सुपौल के हुसैन चौक से यात्रा कि शुरुआत करते हुए का. दीपकर भट्टाचार्य ने कहा कि बिहार में चल रहे एसआइआर के खिलाफ मतधिकार के लिए इंडिया गठबंधन का संघर्ष हर स्तर पर जारी रहेगा. भाकपा (माले) इस संघर्ष को जमीनी स्तर - बीएलो, इआरओ, डीएम, सीइओ - से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक लड़ रही है. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने पहले तो 65 लाख मतदाताओं का नाम काटा और अब ड्राफ्ट सूची से भी 2 प्रतिशत (करीब 15 लाख) लोगो का नाम दस्तावेज न मिलने के बहाने काट देने का मंसूबा बना रहा है. उन्होंने कहा कि बिहार में नीतीश -भाजपा सरकार के 20 वर्षो के राज के खिलाफ बदलाव की जबरदस्त लहर है जो अब एसआइआर के खिलाफ 'वोट चोर, गद्दी छोड़' नारे के साथ मिलकर आंधी बन चुकी है. बिहार में इस बार बदलाव होकर रहेगा.

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