बेतिया, (आलोक कुमार). महाभारत के नायक एकलव्य को उनकी गुरुभक्ति और लगन के लिए याद किया जाता है. आज, पश्चिमी चंपारण के बेतिया में रहने वाला एक होनहार छात्र, एकलव्य लाजरस, अपने नाम को नई परिभाषा दे रहा है. लवली कृष्णा (शिक्षिका) और एलेक्स लाजरस (बीजेपी के कर्मठ कार्यकर्ता) के बेटे एकलव्य बचपन से ही पढ़ाई में अव्वल और संस्कारों में श्रेष्ठ रहे हैं.LKG से लेकर अब तक लगातार 6 वर्षों तक वे सेंट जेवियर्स हायर सेकेंडरी स्कूल के बेस्ट स्टूडेंट का सम्मान जीतते आ रहे हैं. इस वर्ष एकलव्य ने एक और उपलब्धि अपने नाम की—स्पेल बी प्रतियोगिता में अपने ग्रुप को जीत दिलाई और फादर प्रिंसिपल एडिशन आम्रस्टॉग से सर्वश्रेष्ठ उत्कृष्टता पुरस्कार प्राप्त किया. पिता एलेक्स लाजरस गर्व से कहते हैं "आज हमारे लिए गर्व का दिन है. मेरा बेटा अपनी मेहनत और लगन से हमेशा से ही सबसे आगे रहा है.मैं प्रार्थना करता हूँ कि वह इसी तरह अपने माता-पिता और अपने शहर का नाम रोशन करता रहे." एकलव्य की कहानी यह साबित करती है कि जब नाम के साथ कर्म भी जुड़ जाएं, तो इतिहास और वर्तमान एक साथ चमक उठते हैं.
सोमवार, 11 अगस्त 2025
बेतिया : एकलव्य: नाम में इतिहास, कर्म में प्रेरणा
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