प्रधान ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल बिहार में चुनाव प्रक्रिया एवं मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण पर सवाल उठा रहे हैं तथा निर्वाचन आयोग के खिलाफ निराधार आरोप लगा रहे हैं, क्योंकि वे देश में ‘‘घुसपैठियों और विदेशियों’’ को मतदाता बनाना चाहते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘लोगों के मन में डर पैदा करके आप प्रधानमंत्री (नरेन्द्र) मोदी के नेतृत्व, जनता के फैसले और देश की संवैधानिक व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं डाल सकते।’’ प्रधान ने कांग्रेस और उसके सहयोगियों पर ‘‘अलोकतांत्रिक और जनविरोधी’’ राजनीति में लिप्त होने का आरोप लगाया और उनसे विपक्ष की भूमिका निभाने को कहा, जिसकी देश उनसे अपेक्षा करता है। उन्होंने निर्वाचन आयोग के समक्ष शपथ पत्र में ‘‘वोट चोरी’’ के अपने आरोपों का सबूत साझा न करने के लिए गांधी की आलोचना की और कहा कि कांग्रेस नेता का यह रवैया देश के लोकतंत्र के लिए ‘‘बहुत चिंताजनक और घातक’’ है। प्रधान ने आरोप लगाया कि कांग्रेस राफेल लड़ाकू विमान, ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) से लेकर महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभाओं के चुनाव परिणामों तक कई मुद्दों पर झूठे दावे कर ‘‘झूठ का जाल’’ बुन रही है, क्योंकि 2014 से उसे चुनावों में लगातार हार मिली है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं कांग्रेस की दिशाहीनता पर गंभीर चिंता व्यक्त करता हूं। जो लोग संविधान की प्रति लेकर घूमते रहते हैं, क्या उन्होंने इसे नष्ट करने का मन बना लिया है? मैं इसकी कड़े शब्दों में निंदा करता हूं।’’
चौहान ने गांधी पर ‘‘बार-बार झूठ बोलने’’ का आरोप लगाया और उन पर देश में ‘‘अराजकता फैलाने’’ का आरोप लगाया। उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘मैं राहुल जी और ‘इंडी’ गठबंधन के नेताओं से पूछना चाहता हूं कि क्या कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस मतदाता सूची की गड़बड़ियों के कारण जीती? क्या तेलंगाना, तमिलनाडु और झारखंड में निर्वाचन आयोग की गलती के कारण सरकार बनी? क्या राहुल जी, प्रियंका (गांधी वाद्रा) जी और अखिलेश यादव जी भी मतदाता सूची की गड़बड़ियों के कारण चुनाव जीते हैं?’’ कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाद्रा द्वारा मोदी सरकार को ‘‘कायर’’ कहे जाने तथा बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर (संसद में) चर्चा से भागने संबंधी आरोप के बारे में पूछे जाने पर प्रधान ने कहा कि देश के लोग ऐसे ‘‘असभ्य और अशोभनीय’’ शब्दों के इस्तेमाल पर गौर करेंगे। उन्होंने भाजपा मुख्यालय में संवाददाताओं से कहा, ‘‘कांग्रेस इस बात से दुखी है कि (नेहरू-गांधी) परिवार सत्ता खो बैठा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ऐसी हताशा तो स्वाभाविक ही है, जब परिवार का कोई व्यक्ति जमानत पर बाहर हो और कोई अन्य भारत के संसाधनों की लूट के मामले में जेल जाने का इंतजार कर रहा हो।’’ मंत्री ने कहा कि सरकार संसद में ऐसे किसी भी मुद्दे पर, ‘‘जो संभव हो’’, चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, ‘‘अगर निर्वाचन आयोग में सुधारों की बात हो तो हम चर्चा कर सकते हैं, लेकिन इस पर नहीं कि चुनाव कैसे हो रहे हैं, जो एक नियमित प्रक्रिया है।’’ उन्होंने सवाल किया, ‘‘क्या हम उच्चतम न्यायालय के कामकाज पर चर्चा कर सकते हैं?’’

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