डा.भीमरावअम्बेडकर भी उसी क्लास से पढ़कर आये थे,परन्तु राजनीत में शुचिता को डालने के चक्कर में नेहरू से टक्कर ले बैठे नतीजतन उनको महाराष्ट्र में चुनाव में नेहरू ने हरवा दिया!राजनीत का काँटा निकल गया और धर्म आधारित बँटवारे का सूत्रपात हुआ!नेहरू भारत, जिन्ना पाकिस्तान और नेहरू का सौतेला भाई शेख अब्दुल्लाह कश्मीर के प्रधान बन गए!डीप फेक उसी दिन जीत गया और पूँजीवाद के सामने प्रजातंत्र का नग्न नाच पूँजीपतियों द्वारा शुरू हो गया और हम उस डीप फेक की कठपुतली बन कर रह गए!गाँधी की कलुषित इक तरफ़ा शांति समर्पण और सहयोग की राजनीति ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ को जन्मदिन दिया जो राजनीति में ना आकर भी शुचिता का प्रयास करती रही!एक व्यक्ति नाथू राम गोडसे ने अपने को उस विचारधारा से अलग रख कर कांटा निकालने के लिए गाँधी की हत्या की, उसके सभी कारण उन्होंने अपने कोर्ट ट्रायल में स्पष्ट रूप से बतलाये! डीप फेक राजनीत में इस कदर घुसा हुआ है की इंद्रा गाँधी, राजीव गाँधी जिसने भी उनके इशारों पर नाचने में कोताही की हश्र सबको पता है और वही गलती उनके हाथ में नाचने की राहुल गाँधी भी कर रहा है ताकि सत्ता के आखिरी पायदान पर कैसे भी पहुंच जाय, जिसके लिए उसने सैम पित्रोदा को अमरीका की नागरित्ता दिलवाने के साथ अंतराष्ट्रीय कांग्रेस का सर्वे सरवा बना रखा है जो कठपुतली की तरह नाचता है और राहुल गाँधी उसके कथनानुसार भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को चलाना चाहते है, पर आरएसएस धीरे धीरे ही सही सनातन का सर्व श्रेष्ठ पहरे दार 11वर्ष पहले पदासीन कर चुकी है!एक अदना सा प्रचारक प्रधान सेवक के रूप में स्थापित हो चूका है डीपफेक का कांटा नरेंद्र दामोदर दास मोदी, जो उनकी चालबाज़ीयों को धराशाई करने के लिए सक्षम है!!
बोधिसत्व कस्तूरिया
एडवोकेट कवि पत्रकार
202 नीरव निकुंज सिकंदरा आगरा

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