विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को यह आश्वासन दिया कि सीआईएमपी पटना में प्लेसमेंट की संभावना 100 प्रतिशत रहती है, क्योंकि यहां के छात्र विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय कंपनियों में अपनी जगह बनाने में सफल हो रहे हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इंजीनियरिंग की पृष्ठभूमि वाले छात्र प्रबंधन के क्षेत्र में अत्यंत सफल हो सकते हैं, क्योंकि उनमें विश्लेषणात्मक सोच, समस्या समाधान की क्षमता और तकनीकी ज्ञान पहले से ही मौजूद होता है। डीसीई दरभंगा के प्राचार्य प्रो.(डॉ.) संदीप तिवारी ने मुख्य अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम छात्रों को नए मार्गदर्शन और भविष्य की दिशा प्रदान करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे इंजीनियरिंग की पढ़ाई के साथ-साथ प्रबंधन और नेतृत्व कौशल को भी विकसित करें, ताकि वे भविष्य की प्रतिस्पर्धी दुनिया में सफल हो सकें। कार्यक्रम का सफल संचालन डीसीई दरभंगा के सहायक प्राध्यापक श्री विनायक झा, श्री अंकित कुमार एवं श्री ईशांत कुमार द्वारा किया गया। डीन अकादमिक्स प्रो. चंदन सहित कॉलेज के अन्य संकाय सदस्य भी इस अवसर पर उपस्थित थे। छात्रों ने विशेषज्ञों से अनेक प्रश्न पूछे और अपने भविष्य से जुड़ी शंकाओं का समाधान प्राप्त किया। विशेषज्ञों ने धैर्यपूर्वक सभी प्रश्नों के उत्तर दिए और छात्रों को यह संदेश दिया कि निरंतर मेहनत, सही मार्गदर्शन और समर्पण के साथ कोई भी विद्यार्थी अपने कैरियर में नई ऊँचाइयों को छू सकता है। इस कार्यक्रम के माध्यम से डीसीई दरभंगा के विद्यार्थियों को न केवल प्रबंधन क्षेत्र की जानकारी मिली बल्कि उन्हें भविष्य की योजनाओं को लेकर एक नई प्रेरणा भी प्राप्त हुई
दरभंगा, 2 सितम्बर (रजनीश के झा)। दरभंगा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (डीसीई), दरभंगा में आज एक विशेष शैक्षणिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर चन्द्रगुप्त इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट पटना (CIMP) के प्रख्यात विशेषज्ञ प्रो.(डॉ.) सुनील कुमार और डॉ. मनीष कुमार ने कॉलेज के बी.टेक अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों से संवाद किया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य इंजीनियरिंग छात्रों को प्रबंधन क्षेत्र में उपलब्ध कैरियर अवसरों के बारे में जानकारी प्रदान करना था। कार्यक्रम में प्रो.(डॉ.) सुनील कुमार और डॉ. मनीष कुमार ने विस्तार से बताया कि बी.टेक पूरा करने के बाद छात्र प्रबंधन (Management) के क्षेत्र में किस प्रकार नए अवसर तलाश सकते हैं और किस तरह अपनी तकनीकी पृष्ठभूमि का उपयोग करके वे इस क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। उन्होंने सीआईएमपी पटना में उपलब्ध आधुनिक सुविधाओं, उच्चस्तरीय शैक्षणिक माहौल और छात्रों को प्रदान की जाने वाली विशेष प्रशिक्षण व्यवस्थाओं के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें