- पार्टी के जिलाध्यक्ष से लेकर प्रखंड अध्यक्ष तक ने अपने सुझाव दिए, सभी के विचारों पर पार्टी काम करेगी : उदय सिंह
- पितृ पक्ष के बाद और किसी दूसरी पार्टी से पहले जन सुराज के उम्मीदवारों का ऐलान होगा : मनोज भारती
प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए किशोर कुमार ने कहा कि आज हुई बैठक में संगठन से जुड़े नेताओं ने पार्टी को आम लोगों तक पहुंचाने के किए कई तरह के विचार साझा किए हैं। जिसपर पार्टी नेतृत्व द्वारा कार्रवाई करने की बात कही गई। प्रशांत किशोर ने कार्यकर्ताओं में जोश भरा है और जवाबदेही दी है कि कैसे चुनाव जीतना है और जिताना है। साथ ही कैसे बिहार को बदहाली से निकालना है। वहीं राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय सिंह ने बताया कि चुनाव नजदीक है, इसे देखते हुए पार्टी को प्रखंड, पंचायत स्तर तक मजबूत करने पर चर्चा हुई है। जिलाध्यक्षों के साथ ही सभी स्तर के अध्यक्षों ने अपने अपने सुझाव दिए हैं। उस पर हमलोग काम करेंगे। सभी लोगों का सुझाव हमारे लिए महत्वपूर्ण है। प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने कहा कि आज की मीटिंग चुनाव की तैयारी के अलावा जन सुराज के अपने अस्तित्व और कैरेक्टर को डिफाइन करने के लिए जरूरी थी। हमें बाकी दलों में क्या देखना है, क्या नहीं देखना है, इन सबपर चर्चा हुई। उनके मन में जो भी बातें थी उस पर बात की गई। मनोज भारती ने एक सवाल के जवाब में फिर से दुहराया कि जन सुराज के उम्मीदवारों का ऐलान पितृ पक्ष के बाद किया जाएगा, लेकिन किसी भी दूसरी पार्टी से पहले होगा, यह निश्चित है।
प्रेस कांफ्रेंस में पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय सिंह ने भाजपा सांसद संजय जायसवाल द्वारा लगाये गए आरोपों पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि संजय जायसवाल वर्षों से मेरे मित्र रहे हैं। आज भी उन्हें मित्र मानता हूं। आजकल थोड़े घबराए हुए हैं। मैं उन्हें कहना चाहता हूं कि संयम से रहें, जो कर रहे हैं करते रहें। नहीं तो जो होना होगा वो होगा ही। उदय सिंह ने आगे एक सवाल के जवाब में कहा कि नीतीश जी के लोग जब कहते हैं कि करप्शन पर जीरो टॉलरेंस है, तब हंसी के साथ गुस्सा भी आता है। बिहार ने अपने पूरे इतिहास में इतनी भ्रष्ट व्यवस्था नहीं देखी होगी। यहां सबकुछ भ्रष्ट तरीके से चल रहा है। हाल में जीविका दीदियों ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने 15 अगस्त की रैली में मानदेय बढ़ाने की घोषणा की लेकिन अब विभाग के अधिकारी बोल रहे हैं कि उनकी जबान फिसल गई। उन्होंने यहां भी कहा कि नेपाल में जो हुआ, उससे सभी को ख़ासकर बिहार के लोगों को चिंता करनी चाहिए। क्योंकि वो लोगों में असंतोष की भावना से हुआ। उनमें शिक्षा, रोजगार की कमी, अमीर-ग़रीब की खाई बढ़ने और भ्रष्टाचार बढ़ने की वजह से सब हुआ। बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, अमीर-ग़रीब की खाई, धार्मिक उन्माद सब नेपाल जैसी हालत के लिए कच्चा माल की तरह हैं। नेपाल जैसे हालत बिहार में भी हो सकते हैं।

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