मधुबनी : “कला उत्सव-2025” का हुआ भव्य शुभारम्भ - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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बुधवार, 3 सितंबर 2025

मधुबनी : “कला उत्सव-2025” का हुआ भव्य शुभारम्भ

  • “हमारा फोकस अर्जुन की तरह केवल मछली की आँख पर ही होना चाहिए। : जिलाधिकारी
  • जिले में  आधुनिक संसाधनों से लैस  ऑडिटोरियम का होगा निर्माण। प्रतिभा को मिलेगा बेहतर मंच।

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मधुबनी, 03 सितम्बर (रजनीश के झा)। जिले में कला, संस्कृति और प्रतिभा का संगम देखने को मिला जब जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने  वाटसन उच्च विद्यालय परिसर में दीप प्रज्वलित कर जिला स्तरीय कला उत्सव-2025 का विधिवत उद्घाटन किया। उक्त जिला स्तरीय समारोह में जिले  के सरकारी एवं निजी विद्यालयों के 9वीं से 12वीं कक्षा के चयनित विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बताते चले कि कला उत्सव की शुरुआत वर्ष 2015 में स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग, शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार ने की थी। इसका उद्देश्य माध्यमिक स्तर के विद्यार्थियों की कलात्मक प्रतिभा को पहचानना और उन्हें मंच प्रदान करना है। वर्ष 2025-26 की समग्र शिक्षा योजना के अंतर्गत मधुबनी जिला प्रशासन ने इस उत्सव का भव्य आयोजन किया है। इस बार उत्सव की थीम है – “विकसित भारत-2047 में भारत की परिकल्पना”। इसके अंतर्गत विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा 12 विधाओं में प्रदर्शित की। इनमें शामिल हैं। संगीत (गायन) – एकल एवं समूह, संगीत (वादन) – एकल एवं समूह, नृत्य – एकल एवं समूह, नाटक – समूह, दृश्य कला – एकल एवं समूह, चित्रकला/चित्रकारी एवं मूर्तिकला, पारंपरिक कहानी वाचन। विद्यालय स्तर पर हुई प्रतियोगिताओं में प्रत्येक विधा से प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को जिला स्तर की इस प्रतियोगिता में प्रतिभाग का अवसर दिया गया।


कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने विद्यार्थियों को हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए कहा “प्रतियोगिता में चयनित होना महत्वपूर्ण है, लेकिन जो चयनित नहीं हो पाते, उन्हें निराश होने की आवश्यकता नहीं है। सफलता के लिए निरंतर प्रयास और स्पोर्ट्समैन स्पिरिट ही सबसे बड़ी पूंजी है।” “भारत आज विकासशील है, लेकिन हमें इसे हर हाल में विकसित बनाना है। 19वीं सदी इंग्लैंड की रही, 20वीं सदी अमेरिका की रही और 21वीं सदी निश्चय ही भारत की होगी।” “हमारा फोकस अर्जुन की तरह केवल मछली की आँख पर होना चाहिए। अगर हम पूरी निष्ठा और एकाग्रता से अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करेंगे, तो असफलता के बावजूद सफलता से दूर नहीं रहेंगे। आप सभी को सिर्फ अपने परिवार का ही नहीं, बल्कि अपने जिले, राज्य और देश का नाम रोशन करना है। यही प्रयास भारत को विकासशील से विकसित बनाएगा।” जिलाधिकारी ने मंच से कहा कि मधुबनी में किसी भी बड़े सांस्कृतिक कार्यक्रम के आयोजन में ऑडिटोरियम की कमी हमेशा खलती है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जिले में शीघ्र ही आधुनिक संसाधनों से लैस ऑडिटोरियम का निर्माण कराया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों की प्रतिभा को और बेहतर मंच मिल सके।उन्होंने कहा कि इसकी लेकर अग्रेत्तर करवाई की जा रही है।


विद्यार्थियों ने बिखेरी रंगारंग छटा

कला उत्सव के दौरान विभिन्न विद्यालयों के बच्चों ने गायन, वादन, नृत्य और नाटक की प्रस्तुतियाँ देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। चित्रकला और मूर्तिकला प्रतियोगिता में बच्चों ने अपने कला कौशल से “विकसित भारत-2047” की अद्भुत झलक पेश की। कला उत्सव-2025 न केवल विद्यार्थियों के भीतर की प्रतिभा को सामने लाने का माध्यम है, बल्कि यह उन्हें आत्मविश्वास, अनुशासन और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी का भी बोध कराता है। मधुबनी जिले के लिए यह आयोजन गौरव का विषय है, जिसमें नन्हें कलाकारों ने यह साबित किया कि वे भविष्य के भारत के सच्चे निर्माता हैं। इस मौके पर जिला जनसंपर्क पदाधिकारी परिमल कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी, अक्षय कुमार पाण्डेय, शिक्षा विभाग से सभी जिला कार्यक्रम पदाधिकारी एवं अन्य मौजूद थे।

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