- राज्य संघ की आवाह्न पर जिला के सभी कार्यपालक सहायकों ने मधुबनी में शांतिपूर्ण तरीकें से मशाल जुलूस व कैंडल मार्च निकालकर किया विरोध प्रदर्शन
- चरणबद्ध आंदोलन के तहत 07 सितम्बर को समाहरणालय के सामने करेंगे एक दिवसीय धरना प्रदर्शन
- कार्यपालक सहायकों को स्थायीकरण एवं आधारभूत लंबित मांगें पूरी नहीं होने तक जारी रहेगा आंदोलन
ग्यारह सूत्री मांगों में कार्यपालक सहायकों के सेवा संवर्ग का गठन कर स्थायीकरण करते हुए राज्य कर्मी का दर्जा एवं वेतनमान दिया जाय। कार्यपालक सहायक को सातवें वेतन के अनुशंसा के अनुरूप लेबल 4-6 के बीच मानदेय, कार्यपालक सहायकों के पद की योग्यता की अहर्ता मैट्रिक से उन्नयन कर इंटरमीडिएट किया जाय, ईपीएफ का आच्छादन नियुक्ति की तिथि से करने का आदेश जारी किया जाय, हटाये गये कार्यपालक सहायकों का समायोजन सामान्य प्रशासन विभाग के निदेश के आलोक में करने का पत्र जारी किया जाय। आकस्मिक निधन का उपादान कम-से-कम 40(चालिस) लाख रूपया किया जाय, पूर्व के हड़ताल अवधि को देय अवकाश में समायोजित करते हुए उक्त अवधि का मानदेय भुगतान के लिए पत्र जारी किया जाय जैसा कि वर्तमान में राजस्व कर्मचारियों हेतु राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में किया गया है। सभी कार्यरत कार्यपालक सहायकों को चिकित्सीय लाभ से आच्छादित करने का पत्र जारी किया जाय, सेवाकाल में मृत्यु के उपरान्त 36 माह के वेतन का एकमुश्त भुगतान किया जाय। सेवा के दौरान कार्यपालक सहायकों की मृत्यु उपरांत उनके आश्रितों को अनुकंपा के आधार पर नौकरी दिया जाय ताकि परिवार का जीवन-यापन हो सके। अभ्यावेदन के आलोक में गृह जिला स्थानान्तरण की व्यवस्था की जाय सहित अन्य मांगंें शामिल है।
मशाल जुलूस कार्यक्रम में संघ के जिलाध्यक्ष राजू कुमार राय, जिला सचिव संजीत कुमार, उपाध्यक्ष नीरज कुमार, अखिलेश कुमार, एनएन झा, मिडिया प्रभारी राजन ठाकुर, कार्यालय मंत्री सत्यजीत कुमार ठाकुर, सुमन कुमार, विकास कापड़ी, महिला मंत्री नूतन कुमारी, प्रीती कुमारी, कोषाध्यक्ष नरेंद्र झा, संयुक्त मंत्री विष्णुकांत मंडल, शंकर कुमार, ओम कुमार, विकास कुमार, अजीत कुमार सुधीर कामत सहित जिला के सभी कार्यपालक शामिल थे।

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