सीहोर : जनता कॉलोनी में इस बार झूले पर विराजित है माता जगदंबा - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शुक्रवार, 26 सितंबर 2025

सीहोर : जनता कॉलोनी में इस बार झूले पर विराजित है माता जगदंबा

  • वर्ष 1990 से अब तक तीन पीढ़ी करती आ रही प्रतिमा की स्थापना

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सीहोर। नवरात्रि महोत्सव के पावन अवसर पर जनता कॉलोनी में वर्ष 1990 से  माता की भक्ति का सिलसिला वर्ष 2025 में भी सतत जारी है। यु कहें की यह धार्मिक परंपरा की बागडोर अब तीसरी पीढ़ी संभाले हुए है। 35 साल से माता की भक्ति और श्रद्धा में लगातार बढ़ोतरी होती जा रही है। समिति के सदस्य अनिल वर्मा ने बताया कि वर्ष 1990 में जनता कालोनी में रहने वाले मोहन सिंह ठाकुर, देवेंद्र ठाकुर, संतोष राठौर, तुलसीराम यादव, घनश्याम ठाकुर, जितेंद्र ठाकुर, लीलाधर राठौर, प्रहलाद कटारे, राजेश मालवीय, महेश रिचार्या, आत्माराम राठौर, रघुनाथ यादव, देवेंद्र शर्मा सहित अन्य लोगों ने माता की नौ दिवसीय भक्ति का उत्सव शुरू किया था। इसके बाद यह सिलसिला लगातार चलता रहा। वर्तमान समिति के अध्यक्ष मनीष सोनी और उपाध्यक्ष पंडित बनवारी लाल ने बताया कि 35 साल में बहुत कुछ मंडी क्षेत्र में बदला, लेकिन माता की भक्ति में कोई कमी नहीं हुई। अब तीसरी पीढ़ी में यह नौ दिवसीय उत्सव बड़ा रूप ले चुका है। इस बार माता दुर्गा भवानी झूले पर विराजमान होकर भक्तों को दर्शन दे रही हैं। भव्य झूले पर सजी-धजी प्रतिमा के दर्शन करने बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रतिदिन पहुंच रहे हैं। भक्तिमय गीत, ढोल-ढमाकों और आरती की गूंज से पूरा वातावरण देवीमय बना हुआ है।


महिला मंडल ने भी की थी स्थापना

माता की भक्ति में महिलाओं का योगदान न हो यह तो हो ही नहीं सकता। 35 से निरंतर माता की स्थापना का सिलसिला कभी टूटा नहीं। एक बार तो पूरी समिति की जिम्मेदारी महिलाओं ने ही संभाली थी। जहां अध्यक्ष, उपाध्यक्ष से लेकर सभी पदों पर महिलाओं की ही नियुक्ति की गई थी, इतना ही नहीं पूरे नो दिनों तक होने वाली दोनों समय की आरती से लेकर अन्य धार्मिक आयोजन की जिम्मेदारी भी महिला मंडल ने ही संभाली थी।


झूले पर माता के विराजने की कथा

धार्मिक मान्यता के अनुसार जब-जब माता दुर्गा झूले पर विराजमान होती हैं तो यह आस्था और भक्ति का प्रतीक माना जाता है। शास्त्रों में वर्णन है कि माता का झूले पर बैठना भक्त और देवी के बीच की आत्मीय निकटता को दर्शाता है। जैसे मां अपने बच्चे को झूला झुलाकर स्नेह लुटाती है, वैसे ही देवी दुर्गा झूले पर विराजकर अपने भक्तों को संरक्षण और आशीर्वाद प्रदान करती हैं। मान्यता है कि झूले पर बैठी माता की झलक देखने मात्र से भक्तों के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं और घर-परिवार में सुख-समृद्धि का वास होता है।


समिति का आयोजन

इस आयोजन की व्यवस्था नवदुर्गा उत्सव समिति द्वारा की गई है। समिति के अध्यक्ष मनीष सोनी और उपाध्यक्ष पंडित बनवारी लाल ने बताया कि नवरात्र के दौरान प्रतिदिन विशेष पूजा-अर्चना, दुर्गा चालीसा, भजन-कीर्तन और प्रसादी का कार्यक्रम रखा गया है। शाम होते ही रंग-बिरंगी रोशनियों और भव्य साज-सज्जा से पूरा पंडाल जगमगाता है।

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