- एक अन्य मामले में 7 लोगों की हत्या का गंभीर आरोप, नाबालिग होने का फर्जी उम्र सर्टिफिकेट बना कर जेल से निकले
- जन सुराज की फंडिंग को लेकर बोले - सलाहकार के तौर पर पिछले 3 साल में 241 करोड़ रुपए कमाया, GST एवं इनकम टैक्स भरा और 98.75 करोड़ रुपए जन सुराज को दिया
इसके बाद प्रशांत किशोर ने अशोक चौधरी पर हमला करते हुए कहा कि उनके द्वारा 200 करोड़ की संपत्ति अर्जित करने का हमने डॉक्यूमेंट जारी किया है। वो अब बतायें कि यह सब उनकी जमीन नहीं है। उनके नोटिस का जवाब दिए हैं। अब वो कह रहे हैं कि कानूनी रास्ता छोड़कर हमसे राजनीतिक लड़ाई लड़ेंगे। लेकिन इससे बात नहीं बनेगी। इनको सीधी चुनौती दे रहे हैं कि अगर 7 दिन में नोटिस वापस नहीं लिए और माफ़ी नहीं मांगे तो हमलोग इनके खिलाफ राज्यपाल से लेकर कोर्ट तक जायेंगे। आगे उनके 500 करोड़ की संपत्ति का डॉक्यूमेंट समेत खुलासा करेंगे। उन्होंने कहा कि अशोक चौधरी के विभाग में बीते आठ महीने में 20 हजार करोड़ से ज़्यादा का कांट्रैक्ट दिया गया है। हर कांट्रैक्ट में इन्होंने 5% कमीशन लिया है। इसके बाद जब भी विभाग का पैसा रिलीज होता है, तब 0.5% कमीशन लिया जाता है। यह वही पैसा है जो विभाग के इंजीनियर के पास आता है और जो रकम बीते दिनों एक इंजीनियर के घर पर जलाई गई थी। अगली प्रेस कांफ्रेंस में हम उनलोगों को भी बिठायेंगे जिन्होंने 5-5% कमीशन दिया है।
प्रशांत किशोर ने आगे कहा कि हमारा सीधा-सीधा इल्जाम मानव वैभव विकास ट्रस्ट पर है। इससे जुड़े जियालाल आर्या जी बतायें कि अशोक चौधरी की बेटी शांभवी चौधरी की सायन कुणाल से सगाई के बाद ही न्यास के अकाउंट से 100 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति खरीदी गई है। यह रकम कहां से आई है? इस ट्रस्ट से बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की सास भी जुड़ी हैं। ये लोग स्वर्गीय किशोर कुणाल के नाम को दागदार न करें। जियालाल आर्या जी, किशोर कुणाल की पत्नी अनिता कुणाल और मुख्य सचिव की सासू मां को प्रेस कांफ्रेंस कर बताना चाहिए कि न्यास के पास 100 करोड़ से ज़्यादा की संपत्ति खरीदने का पैसा कहां से आया? उन्हें अपने अकाउंट डिटेल्स सार्वजनिक करना चाहिए।
इससे पहले प्रशांत किशोर ने जन सुराज पार्टी की फंडिंग को लेकर उठ रहे सवालों पर जवाब दिए। उन्होंने बताया कि हमने जिन लोगों की मदद की है, उनसे जन सुराज को फंडिंग मिल रही है। मैंने बीते तीन साल में बिजनेस कंसल्टिंग के माध्यम से 241 करोड़ रुपये कमाए हैं। यह सलाह देने का पैसा कमाए हैं, कोई चोरी नहीं किए हैं। इसपर 30.95 करोड़ जीएसटी भरा गया है। 20 करोड़ इनकम टैक्स दिया है। इसके बाद बची रकम में से 98.75 करोड़ जन सुराज पार्टी को डोनेट किए हैं। हम अपने खून पसीना की कमाई का पैसा लगा रहे हैं। अगले दस साल में अपना शरीर बेचकर भी पैसा लाना हुआ तो लाएंगे, लेकिन बिहार में चोरी की राजनीति नहीं चलने देंगे। उन्होंने यह भी बताया कि नवयुगा कंस्ट्रक्शन से 11 करोड़ रुपये दो घंटे की सलाह के लिए लिए हैं। यह बिहार के लड़के की, सरस्वती की ताक़त है। हमारे जन सुराज के साथी भी बिहार के लोगों से पैसा लेने से पहले अपने से डोनेट किए हैं। प्रेस कांफ्रेंस को जन सुराज के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय सिंह, प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती, प्रदेश संगठन महामंत्री सुभाष कुशवाहा और प्रदेश महासचिव किशोर कुमार ने भी संबोधित किया। इस दौरान वरिष्ठ नेता रामबली चंद्रवंशी, सुधीर शर्मा, विनीता मिश्रा, एमएलसी अफ़ाक अहमद और प्रदेश मीडिया प्रभारी ओबैदुर रहमान भी मौजूद रहे।

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