फतेहपुर : पूर्व की घटनाओं से भी नहीं सीखा प्रशासन, आखिर कब तक जाती रहेंगी मासूम जानें? - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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सोमवार, 29 सितंबर 2025

फतेहपुर : पूर्व की घटनाओं से भी नहीं सीखा प्रशासन, आखिर कब तक जाती रहेंगी मासूम जानें?

Fatehpur-blast
फतेहपुर (शीबू खान)। जनपद में एक बार फिर पटाखा विस्फोट की घटना ने प्रशासनिक लापरवाही की पोल खोल दी है। सोमवार को हुए भीषण हादसे में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग घायल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन ने इससे पहले भी जिले में हुई पटाखा फैक्ट्री व गोदामों में हुए हादसों से कोई सबक नहीं लिया। लाइसेंसधारियों की ढंग से जांच नहीं होती और अवैध रूप से चल रही दुकानों व गोदामों पर रोक नहीं लगाई जाती। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जिम्मेदार विभाग समय रहते कार्रवाई करता तो यह हादसा टाला जा सकता था। हर साल दीवाली व अन्य अवसरों पर ऐसे हादसों से गरीब और मजदूर तबके के लोगों की जान जाती है, लेकिन प्रशासन केवल खानापूर्ति कर मामला रफा-दफा कर देता है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो और अवैध पटाखा कारोबार पर पूरी तरह रोक लगाई जाए। अब सवाल उठता है कि आखिर कब तक जिले में ऐसे हादसे होते रहेंगे और निर्दोष लोग अपनी जान गंवाते रहेंगे? प्रशासन की जिम्मेदारी केवल घटना के बाद मुआवजा बांटने तक ही क्यों सीमित है?


जनपद में हाल ही में हुए कुछ विस्फोट के घटना क्रम

इससे पहले दो सप्ताह पूर्व 14 सितंबर को धाता कस्बे में एक मकान में पटाखा बनाते समय विस्फोट हो गया था जिसमें 60 वर्षीय महरुन निशा की मौके पर ही मौत हो गई थी। एक 15 वर्षीय किशोरी गंभीर रूप से झुलस गई थी। पुलिस का कहना था कि दुर्घटना शार्ट-सर्किट के कारण हुई जबकि स्थानीय लोगों का कहना रहा है कि मकान में काफी समय से पटाखा बनाने का काम चल रहा था।


जबकि उससे पहले हुसैनगंज थाना क्षेत्र के जमरावां गांव में 24 अगस्त को आबादी से दूर कोठरी के नीचे पटाखा बनाते समय बारूद में भीषण विस्फोट से लाइसेंसधारक व उसकी पत्नी गंभीर रूप से झुलस गए और कोठरी ढह गई। तेज धमाका की आवाज सुनकर ग्रामीण दौडे और गंभीर हालत में दंपती को जिला अस्पताल भेजा गया जहां पत्नी विमला देवी की मौत हो गई जबकि लाइसेंसधारक वीरेन्द्र पासवान को एलएलआर हास्पिटल कानपुर रेफर किया गया।


उससे पहले बीते 5 अक्टूबर 2024 को खागा कोतवाली क्षेत्र के मुसवापर मोहल्ला निवासी चांदबाबू पटाखा बनाने का काम करता था। उसके पास आतिशबाजी का लाइसेंस था। असोथर थाना क्षेत्र के सातों धरमपुर गांव में उसका पटाखा बनाने का कारखाना था। जहां पर आतिशबाज अपने परिवार के सदस्यों के साथ पटाखा बनाने का काम करता था। बताया जा रहा है कि 4 अक्टूबर शुक्रवार की रात चांदबाबू और उसका 15 वर्षीय बेटा आसियान कारखाने से पटाखा बनाने के बाद बारूद लगी रस्सी को लेकर गांव के बाहर खेतों में औजार से काट रहे थे। इस दौरान बाप बेटे के शरीर में बारूद लगे होने के चलते औजार से निकली चिंगारी से शरीर मे आग पकड़ ली। इस हादसे में बाप-बेटे बुरी तरह झुलस गए। जिन्हें आनन-फानन परिजन शहर के निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां इलाज के दौरान देर रात आसियान की मौत हो गई। पुलिस को बगैर सूचना दिए ही परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया।

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