जनपद में हाल ही में हुए कुछ विस्फोट के घटना क्रम
इससे पहले दो सप्ताह पूर्व 14 सितंबर को धाता कस्बे में एक मकान में पटाखा बनाते समय विस्फोट हो गया था जिसमें 60 वर्षीय महरुन निशा की मौके पर ही मौत हो गई थी। एक 15 वर्षीय किशोरी गंभीर रूप से झुलस गई थी। पुलिस का कहना था कि दुर्घटना शार्ट-सर्किट के कारण हुई जबकि स्थानीय लोगों का कहना रहा है कि मकान में काफी समय से पटाखा बनाने का काम चल रहा था।
जबकि उससे पहले हुसैनगंज थाना क्षेत्र के जमरावां गांव में 24 अगस्त को आबादी से दूर कोठरी के नीचे पटाखा बनाते समय बारूद में भीषण विस्फोट से लाइसेंसधारक व उसकी पत्नी गंभीर रूप से झुलस गए और कोठरी ढह गई। तेज धमाका की आवाज सुनकर ग्रामीण दौडे और गंभीर हालत में दंपती को जिला अस्पताल भेजा गया जहां पत्नी विमला देवी की मौत हो गई जबकि लाइसेंसधारक वीरेन्द्र पासवान को एलएलआर हास्पिटल कानपुर रेफर किया गया।
उससे पहले बीते 5 अक्टूबर 2024 को खागा कोतवाली क्षेत्र के मुसवापर मोहल्ला निवासी चांदबाबू पटाखा बनाने का काम करता था। उसके पास आतिशबाजी का लाइसेंस था। असोथर थाना क्षेत्र के सातों धरमपुर गांव में उसका पटाखा बनाने का कारखाना था। जहां पर आतिशबाज अपने परिवार के सदस्यों के साथ पटाखा बनाने का काम करता था। बताया जा रहा है कि 4 अक्टूबर शुक्रवार की रात चांदबाबू और उसका 15 वर्षीय बेटा आसियान कारखाने से पटाखा बनाने के बाद बारूद लगी रस्सी को लेकर गांव के बाहर खेतों में औजार से काट रहे थे। इस दौरान बाप बेटे के शरीर में बारूद लगे होने के चलते औजार से निकली चिंगारी से शरीर मे आग पकड़ ली। इस हादसे में बाप-बेटे बुरी तरह झुलस गए। जिन्हें आनन-फानन परिजन शहर के निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां इलाज के दौरान देर रात आसियान की मौत हो गई। पुलिस को बगैर सूचना दिए ही परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया।

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